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कौन है राजीव जैन, कभी अडानी का बने थे सहारा, अब वोडाफोन को भी संभाला?

कर्ज में डूबी कंपनी वोडाफोन-आइडिया के दिन फिरते नजर आ रहे हैं. एंकर इनवेस्टर्स ने इस FPO में 5400 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसमें GQG Partners के राजीव जैन भी शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

राजीन जैन ये नाम बीते साल से चर्चा में है. साल 2023 की शुरुआत के साथ जब अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने Adani Group को लेकर रिसर्च रिपोर्ट पब्लिश की, उसके बाद इनका नाम सुर्खियों में आ गया और लगातार बना हुआ है. दरअसल, हिंडनबर्ग के असर के चलते जब अडानी के शेयरों में सुनामी आई थी. तब इन्वेंस्टमेंट फर्म जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Partners) ने ही अडानी की कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी खरीदकर बड़ा सहारा दिया था. अब राजीव जैन ने वोडाफोन आइडिया के FPO में करीब 1,350 करोड़ रुपये का निवेश किया है. 

Vi में किया बड़ा निवेश 

जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Partners) डूबते के लिए तिनका जीक्यूजी पार्टनर्स ने वोडाफोन-आईडिया में बड़ा निवेश किया है. इसी के साथ, पब्लिक इन्वेस्टर्स के लिए मेगा एफपीओ के ओपनिंग से ठीक पहले, वोडाफोन आइडिया (Vi) ने अपने एंकर बुक आवंटन को बंद करने का ऐलान भी कर दिया है. वोडाफोन-आईडिया के एंकर बुक को सब्सक्राइब करने वाले प्रमुख निवेशकों में जीक्यूजी पार्टनर्स के अलावा सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, गोल्डमैन सैक्स और फिडेलिटी यूबीएस, मॉर्गन स्टेनली इंडिया इन्वेस्टमेंट फंड शामिल हैं.

कौन हैं राजीव जैन?

राजीव जैन लगभग 8 साल पुरानी इनवेस्टिंग फर्म GQG Partners के को-फाउंडर हैं. यह कंपनी तेजी से के साथ स्टॉक मार्केट में अपना विस्तार कर रही है. आप जानकर हैरान होंगे कि राजीव जैन का ट्विटर अकाउंट नहीं है और वह टीवी पर बहुत कम दिखाई देते हैं. उनके ग्रोथ स्टॉक फंड में किसी बड़ी कंपनी का नाम नहीं है. उनके फंड में आपको निश्चित रूप से सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली सभी इंडस्ट्रीज मिलेंगी. इस लिस्ट में तेल, तंबाकू, बैंकिंग, आदि शामिल हैं. राजीव जैन साल 1994 में एसेट मैनेजमेंट कंपनी Vontobel को ज्वाइन किया. राजीव ने साल 2002 में एक स्विस फर्म की CIO के रूप में पद संभाला. 23 सालों से ज्यादा एक्सपीरिएंस वाले जैन 2016 में GQG Partners की शुरुआत की. आज वो इसके अध्यक्ष और मुख्य निवेश अधिकारी हैं.

Adani के शेयरों में तीन बार निवेश

वोडाफोन-आइडिया में इन्वेस्ट करने से पहले GQG Partners के राजीव जैन ने गौतम अडानी की कंपनियों में तीन इन्वेटमेंट किया है. हिंडनबर्ग के भर में फंसे अडानी ग्रुप को तब बड़ी राहत मिली थी, जब समूह की चार कंपनियों में मार्च 2023 में राजीव जैन द्वारा 15,446 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया गया था. इसके बाद भी उनका भरोसा अडानी के शेयरों पर कायम रहा और मई 2023 में उन्होंने अपनी हिस्सेदारी में 10 फीसदी का इजाफा कर दिया था. इसके बाद तीसरी बार उनकी कंपनी GQG Partners करीब 100 करोड़ डॉलर का निवेश किया.

बाबा रामदेव का भी सहारा बने थे राजीव जैन 

पतंजलि फूड्स में दिग्गज निवेशक GQG पार्टनर्स ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है. जानकारी के अनुसार, Patanjali Foods में राजीव जैन की GQG Partners ने हिस्सेदारी बढ़ा कर 11.38% कर ली है, जो कि पहले (दिसंबर तिमाही तक) 3.30 फीसदी थी. बता दें, Patanjali Foods में GQG Partners के दो फंड्स की कुल हिस्सेदारी 11.48 फीसदी है, इन दो फंड्स में पहला फंड है GQG Partners Emerging Markets Equity Fund A series का, जो कि 9.31 हैं. जबकि दूसरा फंड है GQG Partners Emerging Markets Equity Fund का जिसके पास 2.17 फीसदी हिस्सा है. 
 


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