आप बड़ी कंपनी हो या छोटी, देशवासियों को देना पड़ेगा सेफ्टी और भरोसा : राजीव चंद्रशेखर  

जब इस बजट में पीएम मोदी ने रिसर्च एंड इनोवेशन के लिए 12 बिलियन डॉलर सीड मनी का ऐलान किया है ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो टैलेंट को किस नजरिए से देख रहे हैं.

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Tuesday, 06 February, 2024
Rajeev Chandrashekhar at DNPA

DNPA अवॉर्ड में केन्‍द्रीय आईटी राज्‍य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अपनी बात रखते हुए कई अहम बातें कहीं. उन्‍होंने कहा कि इस बात से सभी लोग परिचित हैं कि पिछले 10 सालों में भारत में क्‍या बदलाव हुए हैं. आज हम अपने जीवन के हर सेगमेंट से जुड़े लोगों से बात कर सकते हैं. पिछले 10 सालों में मौजूदा और भविष्‍य की तकनीक को लेकर तेजी से विकास हुआ है. अब वो चाहे एआई हो, सेमीकंडक्‍टर हो, इलेक्‍ट्रॉनिक हो, वेब 3 हो, आप कही भी देख लीजिए इंडियन स्‍टॉर्टअप, इंडियन कंपनियां आपको वहां मिलेंगी. ये जो ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है ये जबरदस्‍त है. जहां तक अपने हितों की रक्षा करने की बात है हम लोग एक ऐसे लॉन्चिंग पैड के पास हैं जहां से हम तेजी से ग्रो करेंगे. मैं कह सकता हूं कि भारत की ग्रोथ अब एक ऐसे आर्बिट पर है जहां से वो तेजी से आगे बढ़ रही है.

भारतीय बेहतर क्‍यों कर रहे हैं?
केन्‍द्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि ये बताने से पहले मैं दो साल पहले का अनुभव साझा करना चाहता जब मैं मंत्री बना ही था तो मैं 30 स्‍टार्टअप का एक डेलीगेशन को यूके लेकर गया था. मैं जैसे ही इंडियन हाई कमिशन गया तो मुझे पता चला कि यूके के 7 मंत्री हमसे मिलना चाहते हैं. बाद में पता चला कि वो मुझसे नहीं मिलना चाहते हैं वो स्‍टार्टअप से मिलना चाहते हैं. उसके उन सभी के साथ मुलाकात हुई और उन सभी ने एक दूसरे के अनुभवों को जाना. लेकिन आखिरी दिन हमारा वहां के पीएम बॉरिश जॉनशन के साथ लंच था. लंच के बाद उन्‍होंने कहा कि आखिर पीएम मोदी इन स्‍टार्टअप को क्‍या खिला रहे हैं जो ये इतना बेहतर कर रहे हैं. पिछले 10 सालों में सरकार अपनी पॉलिसी के जरिए इनोवेशन को आगे बढ़ा रही है. मैं नरेन्‍द्र मोदी सरकार के पहले समय में एक आंत्रप्रिन्‍योर रहा हूं और मैं कह सकता हूं कि उस वक्‍त संघर्ष था, दर्द था और आपके विकास के रास्‍ते में सरकार का रोड ब्‍लॉक सामने आ जाता था. लेकिन आज ये सबकुछ बदल गया है और ये सबसे बड़ा बदलाव हुआ है. 
 
सबसे बड़ा चैलेंज क्‍या है? 
मुझे लगता है कि हमें अपने टैलेंट को ग्‍लोबल लेवल का बनाने की जरूरत है. अब सेमीकंडक्‍टर और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में सिर्फ एक इंजीनियर, मास्‍टर और एक पीएचडी होल्‍डर की जरूरत नहीं है बल्कि आपको रिसर्च और इनोवेशन करना भी आना चाहिए.आप जिस कॉलेज या इंस्‍टीट्यूट से पढ़ाई कर रहे हैं वहां आपको ये सब सिखाया गया हो. जब इस बजट में पीएम मोदी ने रिसर्च एंड इनोवेशन के लिए 12 बिलियन डॉलर सीड मनी का ऐलान किया है ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो टैलेंट को किस नजरिए से देख रहे हैं. आज दुनिया के लिए जीपीयू और डेटा सेंटर सबसे बड़े चैलेंज नहीं हैं बल्कि सबसे बड़ा चैलेंज ये है कि आप ये यंग और स्‍मॉर्ट माइंड कहां से लाएंगे. 

क्‍या आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की परेशानियों को रोका जा सकता है? 
मुझे लगता है कि हमें इससे डरने की बिल्‍कुल जरुरत नहीं है. एआई हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी खोज है. आप ये जानकर कह सकती है कि मैं ओल्‍ड मैन हूं कि मैने अपनी मास्‍टर थेसिस 30 साल पहले की थी. उन दिनों हम अपने मॉडल को 6 पैरामीटर और 8 पैरामीटर के आधार पर बनाने की कोशिश कर रहे थे. आज हम चर्चा कर रहे हैं कि मॉडल को 200 बिलियन पैरामीटर या उससे भी ज्‍यादा पर बनाने को लेकर बात कर रहे हैं. एआई सभी तरह के बदलाव करने वाला है इसमें हम क्‍या जानते हैं, क्‍या समझते हैं, ये सबकुछ बदल गया है. आप कोई भी हों, यूएस की कंपनी हों या भारत की या कोई छोटी कंपनी, आप हमारे लोगों को जो भी देंगें वो विश्‍वसनीय और सुरक्षित होनी चाहिए. वो कोई भी प्‍लेटफॉर्म हो उसकी सुरक्षा और विश्‍वास बेहद जरूरी है. 

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कमजोर शुरुआत के संकेत, ग्लोबल तनाव और महंगे तेल के बीच क्या टिकेगी बाजार की तेजी?

सोमवार को निफ्टी 122 अंकों की तेजी के साथ 24,119 पर और सेंसेक्स 356 अंकों की बढ़त के साथ 77,269 पर बंद हुआ.

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Tuesday, 05 May, 2026
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शेयर बाजार के लिए आज यानी मंगलवार का दिन मिश्रित लेकिन सतर्कता भरा रहने वाला है. जहां एक तरफ वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें दबाव बना रही हैं, तो दूसरी ओर हफ्ते की शुरुआत घरेलू बाजार में मजबूती के साथ हुई थी. ऐसे में आज का कारोबार इस बात की परीक्षा होगा कि बाजार सकारात्मक रुझान को बरकरार रख पाता है या वैश्विक दबाव के आगे झुकता है.

आज के कारोबार से पहले GIFT Nifty करीब 165 अंकों की गिरावट के साथ 24,041 के स्तर पर नजर आया. इससे संकेत मिलता है कि बाजार की ओपनिंग दबाव में रह सकती है और शुरुआती घंटों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

कल बाजार ने दिखाई थी मजबूती

हफ्ते की शुरुआत घरेलू बाजार के लिए उत्साहजनक रही. सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए. निफ्टी 122 अंकों की तेजी के साथ 24,119 पर और सेंसेक्स 356 अंकों की बढ़त के साथ 77,269 पर बंद हुआ. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही. हालांकि बैंक निफ्टी ऊपरी स्तरों से फिसलकर लगभग सपाट बंद हुआ.

कल के कारोबार में रियल्टी और मेटल सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली. फार्मा, पीएसयू और ऑटो इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुए. वहीं आईटी सेक्टर दबाव में रहा, जिसने बाजार की कुल तेजी को थोड़ा सीमित किया. यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल सेक्टर-विशेष रणनीति अपना रहे हैं.

रुपया गिरा, बढ़ी चिंता

एक महत्वपूर्ण संकेत करेंसी मार्केट से भी आया. रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे कमजोर होकर 95.09 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ. कमजोर रुपया आयात लागत बढ़ा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही ऊंची बनी हुई हैं. इससे महंगाई और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका है.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,167–24,209 का स्तर पहला रेजिस्टेंस हो सकता है. इसके ऊपर 24,261–24,333 का दायरा मजबूत बाधा के रूप में देखा जा रहा है. अगर बाजार इन स्तरों को पार करता है तो तेजी को और मजबूती मिल सकती है, वहीं नीचे की ओर दबाव बढ़ने पर गिरावट तेज हो सकती है.

ग्लोबल फैक्टर्स रखेंगे बाजार को प्रभावित

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़ती अनिश्चितता निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिख रहा है, जो अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. इसके अलावा, वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख भी घरेलू बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.

आज का बाजार दिशा के लिहाज से निर्णायक हो सकता है. एक तरफ घरेलू मजबूती के संकेत हैं, तो दूसरी ओर वैश्विक दबाव हावी है. ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर कदम उठाने चाहिए. खासतौर पर करेंसी मूवमेंट, कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.

आज इन शेयरों पर रखें नजर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज बाजार में कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होने वाले हैं, जिन पर निवेशकों की खास नजर रहेगी. इनमें Aadhar Housing Finance, AAVAS Financiers, Ajanta Pharma, Coforge, Dalmia Bharat Sugar, Emcure Pharmaceuticals, Hero MotoCorp, Jammu & Kashmir Bank, Larsen & Toubro, Mahindra & Mahindra, Marico, Punjab National Bank, Raymond, SRF और United Breweries जैसी कंपनियां शामिल हैं. इसके साथ ही प्राइमरी मार्केट में भी हलचल बनी हुई है, जहां OnEMI Technology Solutions का IPO अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है और अब तक इसे सीमित सब्सक्रिप्शन मिला है, जबकि Bagmane Prime Office IPO और Recode Studios IPO दोनों अपने-अपने सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में पहुंच चुके हैं.

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)


AABL का केरल में बड़ा विस्तार, SDF इंडस्ट्रीज का ₹30.85 करोड़ में अधिग्रहण

कंपनी के कई लोकप्रिय ब्रांड जैसे Lemount White Brandy, Lemount Black Rum, Jamaican Magic Rum और Mood Maker Brandy, जो अभी थर्ड-पार्टी के जरिए बॉटल होते हैं, अब इन-हाउस शिफ्ट किए जाएंगे.

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Monday, 04 May, 2026
BWHindia

अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर की प्रमुख कंपनी एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रेवरीज लिमिटेड (Associated Alcohols & Breweries Limited)  ने केरल में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्लूनल (National Company Law Tribunal) की कोच्चि बेंच से SDF इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए मंजूरी मिल गई है. यह सौदा ₹30.85 करोड़ में पूरा किया जाएगा.

NCLT से मिली औपचारिक स्वीकृति

कंपनी के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को पारित आदेश के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इस अधिग्रहण को मंजूरी दी है. अधिग्रहण पूरा होने के बाद SDF Industries Ltd, AABL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन जाएगी.

केरल बाजार में मजबूत होती पकड़

एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रेवरीज़ लिमिटेड ने साल 2018 में केरल बाजार में एंट्री की थी और तब से यह कंपनी के लिए एक प्रमुख ग्रोथ मार्केट बन गया है. वर्तमान में कंपनी राज्य के शीर्ष 3 निजी खिलाड़ियों में शामिल है और हर महीने लगभग 1.5 लाख केस की बिक्री दर्ज करती है.

इन-हाउस बॉटलिंग से बढ़ेगी दक्षता

इस अधिग्रहण के जरिए कंपनी केरल में अपनी बॉटलिंग ऑपरेशंस को इन-हाउस लाने की योजना बना रही है. इससे उत्पादन पर बेहतर नियंत्रण, लागत में कमी और ऑपरेशनल दक्षता में सुधार की उम्मीद है.

कंपनी के कई लोकप्रिय ब्रांड जैसे Lemount White Brandy, Lemount Black Rum, Jamaican Magic Rum और Mood Maker Brandy, जो अभी थर्ड-पार्टी के जरिए बॉटल होते हैं, अब इन-हाउस शिफ्ट किए जाएंगे.

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रसन्न केडिया ने कहा कि केरल में कंपनी को खासकर White Brandy से शानदार सफलता मिली है. उन्होंने बताया कि यह अधिग्रहण ऑपरेशनल कंट्रोल बढ़ाने और नए प्रोडक्ट लॉन्च करने में मदद करेगा, साथ ही भविष्य में निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे.

ग्रोथ और नए अवसरों पर फोकस

कंपनी का मानना है कि इस अधिग्रहण से ऑपरेटिंग लीवरेज का फायदा मिलेगा, जिससे मार्जिन में सुधार होगा और लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएशन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, अतिरिक्त बॉटलिंग क्षमता का उपयोग कर कंपनी नए राजस्व स्रोत भी तलाशेगी.

सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है नई यूनिट

अधिग्रहण के बाद कंपनी इस यूनिट को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करेगी, ताकि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन किया जा सके. नई सुविधाओं के साथ संचालन सितंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है.

एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रेवरीज लिमिटेड का यह कदम केरल बाजार में उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा. SDF इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण से कंपनी को उत्पादन, गुणवत्ता और विस्तार योजनाओं में नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे वह देशभर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगी.


दिल्ली मेट्रो का मेगा विस्तार: ₹48 हजार करोड़ में 7 नए रूट, 65 स्टेशन बनेंगे

यह मेगा प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो के फेज V-B का हिस्सा है, जिसका मकसद राजधानी की कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है. सरकार ने इस योजना को कैबिनेट स्तर पर मंजूरी दे दी है.

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Monday, 04 May, 2026
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दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राजधानी में ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी की परेशानी को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार को मंजूरी दे दी है. करीब ₹48,204 करोड़ की लागत से दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के तहत 7 नए मेट्रो रूट बनाए जाएंगे, जिनमें 97 किलोमीटर लंबी नई लाइन और 65 स्टेशन शामिल होंगे. इस परियोजना का लक्ष्य 2029 तक प्रमुख कॉरिडोर शुरू करना है.

फेज V-B के तहत शुरू होगा नया विस्तार

यह मेगा प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो के फेज V-B का हिस्सा है, जिसका मकसद राजधानी की कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है. सरकार ने इस योजना को कैबिनेट स्तर पर मंजूरी दे दी है और अब अंतिम वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा.

प्रमुख रूट्स पर सबसे ज्यादा फोकस

इतने बड़े प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. सात में से चार रूट्स को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अलग-अलग चरणों में लागू करेगा.

आउटर दिल्ली को मिलेगी बड़ी राहत

इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा बाहरी इलाकों को होगा. नरेला, नजफगढ़, खेड़ा कलां और मिठापुर जैसे क्षेत्रों के लोगों को अब बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय बचेगा और सफर ज्यादा आसान और सुरक्षित होगा.

इंटरचेंज और कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नई योजना में अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों तरह के ट्रैक शामिल होंगे. कई नए इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन में बदलना आसान होगा. यह प्रोजेक्ट “लास्ट माइल कनेक्टिविटी” को बेहतर बनाने पर भी खास ध्यान देगा.

ये हैं प्रस्तावित 7 नए मेट्रो रूट

नई योजना के तहत सात नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जो राजधानी के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेंगे:

1. धंसा बस स्टैंड से नांगलोई (11.859 किमी)
2. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से किशनगढ़ (15.969 किमी)
3. समयपुर बादली से नरेला (12.89 किमी)
4. कीर्ति नगर से पालम (9.967 किमी)
5. जोर बाग से मिठापुर (16.991 किमी)
6. शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 (13.197 किमी)
7. केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 (16.285 किमी)

इन रूट्स के जरिए शहर के कई अहम और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.

दिल्ली मेट्रो का यह विस्तार राजधानी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव लाने वाला है. दिल्ली मेट्रो रेल निगम के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद न सिर्फ ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि यात्रा का अनुभव भी ज्यादा सुविधाजनक और तेज होगा. आने वाले वर्षों में यह योजना दिल्ली को वैश्विक स्तर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के करीब ले जाएगी.
 


CHOSEN ने जुटाए 5 मिलियन डॉलर: भारतीय स्किनकेयर में साइंस आधारित इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा

इस फंडिंग के साथ CHOSEN भारत के स्किनकेयर बाजार में साइंस-आधारित और डर्मेटोलॉजिस्ट-ड्रिवन इनोवेशन को नई दिशा देने की तैयारी में है. आने वाले समय में कंपनी के विस्तार और नए प्रोडक्ट्स पर बाजार की नजर रहेगी.

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Monday, 04 May, 2026
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भारत की पहली एक्सपोज़ोम आधारित स्किनकेयर ब्रांड CHOSEN ने सीरीज A फंडिंग राउंड में 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं. इस निवेश का नेतृत्व Fireside Ventures ने किया, जबकि BOLD, L’Oréal के कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फंड और Alkemi Growth Capital ने भी इसमें भागीदारी की.

निवेशकों का मजबूत भरोसा, डॉक्टरों की भी भागीदारी

इस फंडिंग राउंड में एंजेल निवेशक अवनीश आनंद के साथ कई प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञों, डॉ. चंदन असोकन, डॉ. केसी निश्‍चल, डॉ. पुनीत सराओगी, डॉ. निशिता रांका और डॉ. मिक्की सिंह ने भी निवेश किया. इससे कंपनी की क्लिनिकल विश्वसनीयता और मजबूत होती है.

R&D और प्रोडक्ट इनोवेशन पर फोकस

कंपनी इस फंड का उपयोग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने, नए क्लिनिकली वैलिडेटेड प्रोडक्ट्स विकसित करने, और अपने “Centre of Excellence” को विस्तार देने में करेगी. इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में टैलेंट हायरिंग पर भी जोर दिया जाएगा.

भारतीय त्वचा के लिए साइंस आधारित समाधान

CHOSEN एक्सपोजोम साइंस पर आधारित स्किनकेयर प्रोडक्ट्स विकसित करती है, जो खासतौर पर भारतीय त्वचा के लिए डिजाइन किए गए हैं. कंपनी पिग्मेंटेशन, स्किन टेक्सचर, कंटूर और हेयर एजिंग जैसे चार प्रमुख पहलुओं पर काम करती है.

इसका पोर्टफोलियो टॉपिकल फॉर्मुलेशंस और न्यूट्रास्यूटिकल्स दोनों को कवर करता है, जो “क्लिनिक-टू-कंज्यूमर” मॉडल पर आधारित है.

फाउंडर का बयान

कंपनी की संस्थापक और सीईओ डॉ. रेनिता रंजन ने कहा कि भारतीय त्वचा के लिए वैज्ञानिक और डर्मेटोलॉजिस्ट-आधारित स्किनकेयर की कमी को पूरा करने के लिए CHOSEN की शुरुआत की गई थी. उन्होंने कहा कि यह निवेश उनके साइंस-आधारित अप्रोच की पुष्टि करता है और इससे R&D को और मजबूत किया जाएगा.

निवेशकों को दिखा ग्रोथ का बड़ा अवसर

वरुण वर्मा ने कहा कि CHOSEN क्लिनिकल रिसर्च और उपभोक्ता भरोसे का एक अनोखा संयोजन है. वहीं, समंथा ने इसे साइंस और डर्मेटोलॉजी नेटवर्क का मजबूत मेल बताया. अल्का गोयल के अनुसार, कंपनी तेजी से बढ़ते डर्माकोस्मेटिक बाजार में मजबूत स्थिति में है और लंबे समय में वैल्यू क्रिएशन की क्षमता रखती है.

प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और पहचान

कंपनी के प्रमुख प्रोडक्ट्स में SAFESCREEN® NEXGEN सनस्क्रीन और CHOSEN Sculpt प्रोटोकॉल शामिल हैं, जो क्लिनिकली वैलिडेटेड समाधान प्रदान करते हैं. डॉ. रेनिता राजन स्किनकेयर और लेजर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक प्रमुख विशेषज्ञ मानी जाती हैं और “Sunscreens for Skin of Colour” पुस्तक की लेखिका भी हैं.

 


दमदार नतीजों से BHEL में उछाल: Q4 में 156% मुनाफा बढ़ा, शेयर 13% तक चढ़ा

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है. हालांकि, इसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी होगी.

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Monday, 04 May, 2026
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सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रॉनिक्स (Bharat Heavy Electricals Limited) ने मार्च 2026 तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी के मुनाफे में जोरदार उछाल और मजबूत राजस्व वृद्धि के चलते शेयर बाजार में भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां शेयर 13 प्रतिशत तक उछलकर नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया.

मुनाफे में 156% की जबरदस्त बढ़ोतरी

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 156 प्रतिशत बढ़कर 1290.47 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में यह 504.45 करोड़ रुपये था. यह उछाल कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में मजबूत सुधार को दर्शाता है.

रेवेन्यू में भी शानदार ग्रोथ

तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 8,993.37 करोड़ रुपये था. हालांकि, इस दौरान खर्च भी बढ़कर 10,842.69 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 8,448.14 करोड़ रुपये था. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का कुल रेवेन्यू 33,782.18 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,600.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.

शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का तोहफा

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है. हालांकि, इसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी होगी. मंजूरी मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा.

शेयर में जबरदस्त तेजी, नया हाई छुआ

नतीजों के बाद भारत हेवी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर बीएसई पर करीब 13 प्रतिशत चढ़कर 398.95 रुपये तक पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर है. पिछले 3 महीनों में शेयर करीब 40 प्रतिशत और एक महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है. वहीं एक साल में 68 प्रतिशत और तीन साल में 340 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है.

मार्केट कैप और हिस्सेदारी

तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये हो गया है. मार्च 2026 तक कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 58.17 प्रतिशत रही.

मजबूत तिमाही नतीजों, बढ़ते ऑर्डर और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन के दम पर Bharat Heavy Electricals Limited ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन और ऑर्डर बुक पर बाजार की नजर बनी रहेगी.
 


मनरेगा मजदूरों के लिए बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने ₹17,744 करोड़ की पहली किस्त जारी की

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने के लिए लगभग 30 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार निर्धारित किए गए थे, जबकि मई के लिए यह आंकड़ा 43 करोड़ व्यक्ति-दिन से अधिक रखा गया है.

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Monday, 04 May, 2026
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ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहली किस्त के रूप में ₹17,744.19 करोड़ जारी किए हैं. इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्धता और मजदूरी भुगतान व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है.

समय पर भुगतान और रोजगार उपलब्धता पर जोर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह राशि मजदूरी मद के तहत जारी की गई है ताकि काम की मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा सके और भुगतान समय पर किया जा सके. इसके साथ ही प्रशासनिक और सामग्री मद के लिए अब तक ₹3,478 करोड़ रुपये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी जारी किए जा चुके हैं.

नई योजना की ओर बदलाव की तैयारी

सूत्रों ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस योजना को नए नाम से बदला जा सकता है. सरकार “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी विकसित भारत एवं रोजगार आजीविका मिशन (Gramin) लागू करने की योजना पर काम कर रही है, जिसे संक्षेप में VB-G RAM G भी कहा जा रहा है.

रोजगार में गिरावट पर सरकार का स्पष्टीकरण

हाल ही में मनरेगा रोजगार में लगभग 35.3% मासिक गिरावट दर्ज की गई थी, जिस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि यह योजना मांग आधारित है. इसलिए रोजगार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. अधिकारियों के अनुसार मौसम, स्थानीय आजीविका के अवसर और क्षेत्रीय जरूरतें रोजगार मांग को प्रभावित करती हैं.

रोजगार बजट में बढ़ोतरी के संकेत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने के लिए लगभग 30 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार निर्धारित किए गए थे, जबकि मई के लिए यह आंकड़ा 43 करोड़ व्यक्ति-दिन से अधिक रखा गया है. यह वित्त वर्ष की पहली छमाही में रोजगार मांग में बढ़ोतरी का संकेत देता है.

नए और पुराने ढांचे का साथ-साथ संचालन

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक नई योजना पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक MGNREGA जारी रहेगी. बजट में भी दोनों योजनाओं के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं.

वित्त वर्ष 2027 के बजट में VB-G RAM G के लिए ₹95,692 करोड़ और मनरेगा के लिए ₹30,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पुराने भुगतान और संक्रमण अवधि के खर्च पूरे किए जा सकें.

कुल मिलाकर सरकार का यह कदम ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को स्थिर रखने और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. साथ ही नई रोजगार योजना की तैयारी से संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में ग्रामीण विकास मॉडल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
 


अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 54.7 पर, लेकिन पश्चिम एशिया संकट का दबाव जारी

अप्रैल में नए ऑर्डर और उत्पादन में मामूली सुधार दर्ज किया गया, लेकिन वृद्धि दर अब भी 2022 के बाद दूसरी सबसे कमजोर रही. प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों द्वारा ऑर्डर में देरी के कारण गति सीमित रही.

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Monday, 04 May, 2026
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भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अप्रैल महीने के दौरान सुधार देखने को मिला है. हालांकि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. निर्यात में बढ़ोतरी ने सेक्टर को सहारा दिया, लेकिन लागत और महंगाई का दबाव भी लगातार बना हुआ है.

PMI में सुधार, लेकिन रफ्तार अब भी धीमी

पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अप्रैल में बढ़कर 54.7 पर पहुंच गया, जो मार्च में 53.9 था. यह डेटा S&P Global और HSBC की रिपोर्ट में जारी किया गया है. हालांकि यह पिछले महीने के फ्लैश अनुमान 55.9 से कम रहा. PMI का 50 से ऊपर रहना विस्तार (growth) को दर्शाता है. यह लगातार 54वां महीना है जब भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर विस्तार के क्षेत्र में बना हुआ है.

पश्चिम एशिया संकट का असर जारी

अर्थशास्त्रियों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब महंगाई और सप्लाई चेन पर साफ दिखने लगा है. कच्चे माल की लागत बढ़ने से उद्योगों पर दबाव बढ़ा है, जिससे उत्पादन लागत में तेज वृद्धि दर्ज की गई है.

नए ऑर्डर और उत्पादन में हल्का सुधार

अप्रैल में नए ऑर्डर और उत्पादन में मामूली सुधार दर्ज किया गया, लेकिन वृद्धि दर अब भी 2022 के बाद दूसरी सबसे कमजोर रही. प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों द्वारा ऑर्डर में देरी के कारण गति सीमित रही.

हालांकि, निर्यात ऑर्डर में तेज उछाल देखने को मिला और यह सात महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.

लागत और महंगाई में तेज बढ़ोतरी

अप्रैल में एल्यूमिनियम, केमिकल्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, ईंधन, चमड़ा और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इनपुट कॉस्ट में तेज इजाफा हुआ. सर्वे में इसे सीधे तौर पर पश्चिम एशिया संकट से जोड़ा गया है.

इनपुट लागत अगस्त 2022 के बाद सबसे तेज गति से बढ़ी, जबकि आउटपुट कीमतों में भी पिछले छह महीनों में सबसे तेज वृद्धि देखी गई.

महंगाई 2022 के बाद उच्चतम स्तर पर

सर्वे के अनुसार कुल महंगाई दर अगस्त 2022 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. इसके चलते कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी की है. उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में लागत में थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन कुल मिलाकर दबाव अभी भी बना हुआ है.

रोजगार में बढ़ोतरी का सकारात्मक संकेत

रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में रोजगार सृजन की दर 10 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. कंपनियां विस्तार योजनाओं के तहत नई भर्ती कर रही हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है.

कुल मिलाकर भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लगातार विस्तार के रास्ते पर बना हुआ है, लेकिन पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी महंगाई और लागत का दबाव इसकी रफ्तार को प्रभावित कर रहा है. निर्यात में मजबूती फिलहाल इस सेक्टर के लिए सबसे बड़ा सहारा बनी हुई है.
 


भू-राजनीतिक तनाव के बीच ओपेक+ ने तेल उत्पादन बढ़ाने पर लगाई मुहर

ओपेक+ के सात सदस्य देशों ने जून में संयुक्त रूप से अपने उत्पादन लक्ष्य में 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की वृद्धि करने का फैसला किया है.

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Monday, 04 May, 2026
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वैश्विक तेल बाजार से जुड़ी अहम खबर में तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक (OPEC+) ने जून महीने के लिए कच्चे तेल के उत्पादन लक्ष्य में मामूली बढ़ोतरी पर सहमति जताई है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से जुड़े संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण इसका वास्तविक सप्लाई पर तुरंत कोई बड़ा असर नहीं होगा.

1.88 लाख बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी

ओपेक+ के सात सदस्य देशों ने जून में संयुक्त रूप से अपने उत्पादन लक्ष्य में 188,000 बैरल प्रति दिन (bpd) की वृद्धि करने का फैसला किया है. यह लगातार तीसरा महीना है जब समूह उत्पादन बढ़ा रहा है. यह बढ़ोतरी मई में तय किए गए समान स्तर के अनुरूप है, हालांकि इसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का हिस्सा शामिल नहीं है, जिसने 1 मई को समूह से अलग होने की घोषणा की थी.

भू-राजनीतिक तनाव से सीमित रहेगा असर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम दिखाता है कि ओपेक+ मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद सामान्य स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. लेकिन सप्लाई में वास्तविक वृद्धि तब तक सीमित रहेगी जब तक शिपिंग स्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं.

ईरान से जुड़े संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य, जो खाड़ी देशों के तेल निर्यात का प्रमुख मार्ग है, वहां आवागमन बाधित बना हुआ है. इससे अतिरिक्त उत्पादन के बावजूद वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ नहीं पा रही है.

सऊदी अरब का उत्पादन लक्ष्य बढ़ा

नई व्यवस्था के तहत प्रमुख उत्पादक देश साउदी अरब का उत्पादन लक्ष्य जून में बढ़कर 10.291 मिलियन बैरल प्रति दिन हो जाएगा. हालांकि वास्तविक उत्पादन इससे काफी कम है. ओपेक के अनुसार, मार्च में सऊदी अरब का वास्तविक उत्पादन लगभग 7.76 मिलियन बैरल प्रतिदिन था.

बाजार को संतुलित रखने की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि ओपेक+ का यह फैसला इस बात का संकेत है कि समूह भविष्य में आपूर्ति तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन फिलहाल स्थिति को संतुलित बनाए रखना चाहता है. साथ ही यह भी संदेश दिया जा रहा है कि हाल के बदलावों के बावजूद समूह की एकजुटता और प्रभाव बरकरार है.

कुल मिलाकर, OPEC+ का यह निर्णय बाजार में तत्काल बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिखाता, लेकिन यह संकेत जरूर देता है कि भू-राजनीतिक हालात सामान्य होने पर उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति पर सबसे बड़ा असर डाल रही है.
 


1.65 अरब डॉलर की बड़ी डील: मित्तल परिवार और अदार पूनावाला खरीदेंगे राजस्थान रॉयल्स

यह डील भारतीय क्रिकेट और स्पोर्ट्स बिजनेस के इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है. इससे न केवल Rajasthan Royals की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी, बल्कि IPL की ब्रांड वैल्यू को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है.

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Monday, 04 May, 2026
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खेल और कॉरपोरेट जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. मित्तल परिवार ने इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) की फ्रेंचाइजी राजस्थाैन रॉयल्स (Rajasthan Royals) को खरीदने के लिए अदार पूनावाला के साथ मिलकर लगभग 1.65 अरब डॉलर की डील पर सहमति बना ली है. कंपनी के बयान के अनुसार, यह सौदा नियामकीय मंजूरी के अधीन है और इसके 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है.

डील में शामिल फ्रेंचाइज़ियों का बड़ा पोर्टफोलियो

यह सौदा मौजूदा मालिक मनोज बडाले और उनके कंसोर्टियम के साथ किया गया है. इस डील में केवल राजस्थान रॉयल्स ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन की बार्बाडोस रॉयल्स जैसी टीमें भी शामिल हैं.

हिस्सेदारी का गणित क्या रहेगा

डील पूरी होने के बाद मित्तल परिवार के पास करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूमावालालगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेंगे. बाकी करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास ही रहेगी, जिनमें मनोज बडाले भी शामिल हैं. बडाले टीम के साथ एक “ब्रिजिंग रोल” में जुड़े रहेंगे, ताकि पुराने और नए मालिकों के बीच संतुलन बना रहे.

मंजूरी के बाद ही पूरी होगी प्रक्रिया

इस डील को पूरा करने के लिए कई अहम संस्थाओं की मंजूरी जरूरी होगी, जिनमें बीसीसीआई,सीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल शामिल हैं. सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद यह सौदा 2026 की तीसरी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है.

बोर्ड में शामिल होंगे बड़े नाम

डील पूरी होने के बाद लक्ष्मी एन मित्तल, आदित्य मित्तल, वनीषा मित्तल भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले, सभी राजस्थान रॉयल्स के बोर्ड में शामिल होंगे.

लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि उन्हें क्रिकेट से बेहद लगाव है और उनका परिवार राजस्थान से जुड़ा है, इसलिए राजस्थान रॉयल्स से बेहतर कोई टीम उनके लिए नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि बचपन से ही क्रिकेट उनके जीवन का हिस्सा रहा है और वह टीम के साथ जुड़कर भविष्य की सफलताओं का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं.

टीम की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर

आदित्य मित्तल ने कहा कि IPL बहुत कम समय में दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग्स में शामिल हो गया है और राजस्थान रॉयल्स इसकी सबसे प्रतिष्ठित टीमों में से एक है. उन्होंने टीम की युवा प्रतिभाओं को निखारने की परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई और “हल्ला बोल” के साथ टीम के उज्ज्वल भविष्य की बात कही.

पूनावाला और बडाले की प्रतिक्रिया

अदार पूनावाला ने इस निवेश को लेकर खुशी जताई और आदित्य मित्तल के साथ साझेदारी को लेकर उत्साह व्यक्त किया. वहीं, मनोज बडाले ने नए मालिकों का स्वागत करते हुए कहा कि वह आगे भी टीम का समर्थन करते रहेंगे.

 


GIFT निफ्टी में तेजी, चुनावी नतीजों की गूंज से बाजार की दिशा में आ सकता है बड़ा बदलाव

आज सुबह GIFT निफ्टी में 100 से अधिक अंकों की तेजी देखी गई और यह 24,236 के करीब कारोबार करता नजर आया.

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Monday, 04 May, 2026
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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. वैश्विक बाजारों में मजबूती और GIFT निफ्टी में तेज बढ़त से यह उम्मीद जताई जा रही है कि घरेलू बाजार की शुरुआत मजबूत रह सकती है. हालांकि, निवेशकों की नजर आज कई अहम ट्रिगर्स जैसे चुनावी नतीजे, तिमाही नतीजे (Q4) और IPO गतिविधियों पर टिकी हुई है.

GIFT निफ्टी से मजबूत शुरुआत के संकेत

आज सुबह GIFT निफ्टी में 100 से अधिक अंकों की तेजी देखी गई और यह 24,236 के करीब कारोबार करता नजर आया. यह संकेत देता है कि निफ्टी 50 इंडेक्स हरे निशान में खुल सकता है. निवेशकों का रुझान फिलहाल सकारात्मक है, लेकिन वे वैश्विक संकेतों और घरेलू घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.

चुनावी नतीजों पर टिकी बाजार की नजर

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में जारी मतगणना का असर बाजार की दिशा तय कर सकता है. राजनीतिक स्थिरता और आने वाली आर्थिक नीतियों को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है. चुनावी नतीजों के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

एशियाई बाजारों में मजबूती

एशिया-प्रशांत बाजारों में आज तेजी का माहौल देखने को मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया और इसमें लगभग 3.5% की उछाल दर्ज हुई. जापान का निक्केई 225 भी करीब 0.38% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा. इन सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है.

US वॉल स्ट्रीट से मिले सकारात्मक संकेत

अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछले सत्र में मिला-जुला रुख रहा, लेकिन कुल मिलाकर माहौल सकारात्मक रहा. S&P 500 और नैस्डैक में बढ़त देखने को मिली. मजबूत कॉरपोरेट नतीजों और आर्थिक आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जबकि महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर सीमित रहा.

कच्चे तेल और कमोडिटी बाजार की चाल

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. शुरुआती गिरावट के बाद यह करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर हुआ. वहीं, सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जो निवेशकों के बदलते रुख को दर्शाती है.

आज आएंगे बड़ी कंपनियों के Q4 नतीजे

आज कई प्रमुख कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी, जिनमें अंबुजा सीमेंट्स, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL), पेट्रोनेट LNG, गोदरेज प्रॉपर्टीज, टाटा टेक्नोलॉजीज, जिंदल स्टेनलेस, एथर एनर्जी, आदित्य बिड़ला कैपिटल, एक्साइड इंडस्ट्रीज, सोभा, ज्योति लैब्स और कैश मैनेजमेंट सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं. इन कंपनियों के नतीजों का असर उनके शेयरों की चाल पर साफ देखने को मिल सकता है.

IPO बाजार में बढ़ी हलचल

प्राइमरी मार्केट में भी आज गतिविधि तेज बनी हुई है. OnEMI टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस IPO दूसरे दिन में पहुंच गया है, लेकिन पहले दिन इसे केवल 0.25 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और कंपनी करीब 925 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है. Value 360 कम्युनिकेशंस IPO आज सब्सक्रिप्शन का अंतिम दिन है. Bagmane प्राइम ऑफिस IPO आज खुल गया है, जिसका इश्यू साइज करीब 3,405 करोड़ रुपये है. Recode स्टूडियोज IPO भी आज निवेश के लिए खुला है और इसका साइज लगभग 44.59 करोड़ रुपये है.

कुल मिलाकर, आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए कई मायनों में अहम रहने वाला है. GIFT निफ्टी की तेजी और वैश्विक संकेत जहां सकारात्मक माहौल बना रहे हैं, वहीं चुनावी नतीजे और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है.