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कब आ रहा है Flipkart और PhonePe का आईपीओ? जानिए इससे जुड़े हर सवाल का जवाब
शेयर बाजार में लगातार आ रही मजबूती को ध्यान में रखते हुए कई कंपनियां अपना आईपीओ लाने पर विचार कर रही हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
क्या फ्लिपकार्ट (Flipkart) और फोनपे (PhonePe) का आईपीओ आने वाला है? यदि हां, तो कब आएगा? पहले कौनसी कंपनी अपना आईपीओ लेकर आएगी? जैसे तमाम सवालों का जवाब मिल गया है. वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली फ्लिपकार्ट (Flipkart) और फोनपे (PhonePe) अपना आईपीओ लेकर आने वाली हैं. इसके लिए फिलहाल कोई डेडलाइन निर्धारित नहीं है, लेकिन कुछ साल में आईपीओ आ सकता है.
पहले Phoneपे का लगेगा नंबर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉलमार्ट के कॉरपोरेट मामलों के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डैन बार्टलेट का कहना है कि हम फ्लिपकार्ट और फोनपे का आईपीओ अगले कुछ सालों में लाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही फ्लिपकार्ट अधिक मैच्योर बिजनेस है, लेकिन फ्लिपकार्ट से पहले फोनपे का आईपीओ आ सकता है. बार्टलेट ने कहा कि भारत में PhonePe सबसे बड़े पेमेंट प्लेटफॉर्म्स में शुमार है. सार्वजनिक होने से पहले कई प्रक्रियाओं को लागू करना होगा और इसमें थोड़ा समय लगेगा.
एक्सचेंज को लेकर चल रहा मंथन
डैन बार्टलेट ने कहा कि आईपीओ लिस्टिंग भारतीय एक्सचेंज में कराई जाए या अन्य किसी एक्सचेंज में, इसे लेकर सवाल विचाराधीन है. बता दें कि Flipkart की सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने की थी. इस कंपनी को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के बाद उन्होंने अपनी हिस्सेदारी वॉलमार्ट को बेच दी. वॉलमार्ट के नेतृत्व में फ्लिपकार्ट तेजी से अपना दायरा बढ़ाने में लगी हुई है. हाल ही में उसने Red Bus को चुनौती देते हुए बस बुकिंग बिजनेस में एंट्री की है. कंपनी ने अपने ऐप पर बस बुकिंग सर्विस शुरू करने के लिए कई राज्यों के ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन और प्राइवेट एग्रीगेटर्स से हाथ मिलाया है. फ्लिपकार्ट देश के 25,000 से अधिक रूट्स कवर करते हुए कस्टमर्स के लिए 10 लाख बस कनेक्शंस में से चुनने का विकल्प प्रदान करेगी.
ऐसी हुई PhonePe की शुरुआत
वहीं, PhonePe की बात करें, तो इसके बहुत तेजी से मार्केट कैप्चर किया है. खासकर पेटीएम के खिलाफ हुई RBI की कार्रवाई के बाद से कंपनी का यूजर बेस काफी बढ़ गया है. फोनपे की स्थापना फ्लिपकार्ट को छोड़ने वाले तीन दोस्तों - समीर निगम और राहुल चारी और बुर्जिन इंजीनियर ने मिलकर 2015 में की थी. शुरुआत में इसकी टैगलाइन थी ‘करते जा, भरते जा’, जिसने लोगों को आकर्षित किया. अपनी स्थापना के महज एक साल के अंदर कंपनी ने अच्छा नाम कमाया और बाद में फ्लिपकार्ट ने इसे खरीद लिया. खासकर, 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार के नोटबंदी का ऐलान के बाद बड़े पैमाने पर लोगों ने डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए फोनपे का रुख किया था.
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