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आखिर पीछा क्यों नहीं छोड़ रही है महंगाई, मई में फिर महंगी हुई शाकाहारी थाली
ऐसा पिछले कुछ महीने से देखने को मिल रहा है जब वेज थाली के दामों में इजाफा हो रहा है और नॉन वेज थाली के दामों में कमी हो रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लोकसभा चुनावों के नतीजे बता रहे हैं कि विपक्ष को इस बार देश की जनता ने ज्यादा ताकतवर बनाया है. महंगाई से लेकर कई मामलों की बात कर रहे विपक्ष की बात में क्रिसिल की मई महीने की रिपोर्ट भी मुहर लगा रही है. रिपोर्ट के अनुसार देश में मई महीने में बढ़ी महंगाई के कारण एक बार फिर शाकाहारी थाली की कीमत में इजाफा हुआ है. मई महीने में शाकाहारी थाली की कीमत 27.8 रुपये तक पहुंच गई है जबकि अप्रैल में ये 27.4 रुपये थी. वहीं नॉन वेज थाली की कीमत में कमी देखने को मिल रही है. मई में एक नॉन वेज थाली की कीमत 55.9 रुपये तक पहुंच गई है.
आखिर क्यों हुआ दामों में इजाफा?
वेज थाली के दामों में हुए इजाफे की प्रमुख वजह खाने पीने की वस्तुओं में हुआ इजाफा है. इनमें आलू, प्याज, टमाटर, दाल और चावल के दामों में हुआ इजाफा है. क्रिसिल की रिपोर्ट ये भी कह रही है कि वेज थाली की वस्तुओं टमाटर, आलू, प्याज, के दामों में साल दर साल के मुकाबले 39%, 41%, और 43% प्रतिशत का इजाफा हुआ है. यही नहीं आलू और प्याज की आवक में हो रही कमी भी इस महंगाई के पीछे की वजह है. इस कम आवक की वजह पश्चिम बंगाल में हुई बारिश के कारण फसलों को हुआ नुकसान है.
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वेज थाली के दामों में कमी की ये भी रही वजह
वेज थाली के दामों में कमी की एक बड़ी वजह रकबे में कमी होना भी रही है. इसके कारण चावल के दामों में साल दर साल 13 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है. चावल किसी भी वेज थाली की कीमत में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है. वहीं पानी की कमी के कारण दालों के दामों में भी 21 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. दालें वेज थाली की कीमत में 9 प्रतिशत की भागीदारी रखती हैं.
नॉन वेज थाली के दाम हुए कम
एक ओर जहां वेज थाली की कीमत में इजाफा हुआ है वहीं दूसरी ओर नॉन वेज थाली की कीमत में कमी देखने को मिल रही है. इसके पीछे रिपोर्ट बताती है कि पिछले वित्तीय वर्ष में बॉयलर के दामों में 16 प्रतिशत की गिरावट इसकी सबसे बड़ी वजह है. बॉयलर किसी भी थाली की कीमत में 50 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखता है. वहीं अप्रैल में अगर नॉन वेज थाली के दामों पर नजर डालें तो वो 56.3 रुपये थी जबकि इस बार ये 55.9 रुपये हो गई है.
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