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हम बिना किसी दबाव में आए, जनहित की खबरें दिखाते रहेंगे- डॉ सुभाष चंद्रा

प्रेस की आजादी मुद्दे को लेकर आयोजित Media Meet में जी मीडिया कॉर्रपोरेशन लिमिटेड के चेयरैमैन डॉ सुभाष ने कहा कि हम बिना किसी सरकार के दवाब में आए निर्भीक तरीके से खबरें दिखाते रहेंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

नई दिल्ली में आयोजित इस Media Meet में अपने केंद्रीय विचार रखते हुए ZMCL के चेरयरैन डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में देखा जाता है, लेकिन अब वो दौर बढ़ रहा है जब सरकारें मीडिया घरानों पर अपना एजेंडा चलाने का दबाव बढ़ाती हैं. उन्होंने कहा कि सरकारें Advertising Influence या स्टेट मशीनरी का इस्तेमाल इस तरह करती हैं कि मीडिया पर तथ्यात्मक खबरो का प्रसारण रोकने के लिए दवाब बनाया जा सके. 

डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि Zee Media के नेशनल न्यूज चैनल Zee News को भी हाल ही में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा '23 मई को जी न्यूज के एक वरिष्ठ पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी का इंटरव्यू किया. इंटरव्यू के बाद जी मीडिया की एडिटोरियल टीम ने ये फैसला किया कि अरविंद केजरीवाल जी का इंटरव्यू प्रसारित नहीं किया जाएगा, क्योंकि इंटरव्यू में कुछ Objectionable Content था. हालांकि इसके बाद भी इंटरव्यू के कुछ हिस्से को Zee Media ने दिखाया. लेकिन इसके बाद भी आम आदमी पार्टी के एक प्रवक्ता ने दबाव डालते हुए कहा कि जी न्यूज पर पूरा इंटरव्यू दिखाएं नहीं तो चैनल पर चल रहे पंजाब सरकार की तरह से मिल रही  advertising बंद कर दी जाएगी. मुझे ब़ड़ा आश्चचर्य हुआ कि इस तरह कोई मीडिया की आजादी पर हमला कैसे किया जा सकता है' 

ZMCL के चेयरमैन ने आगे का कि इसके बाद पंजाब सरकार ने पंजाब में जी मीडिया का प्रसारण बंद कर दिया. उन्होंने कहा 'ये Black Out Forced था औऱ ना केवल जी न्यूज को बल्कि जी पंजाब-हिमाचल- हरियाणा और जी दिल्ली-एनसीआर को भी पंजाब में प्रतिबंधित कर दिया गया. साथ में ये भी कहा गया कि Zee Entertainment channels का प्रसारण भी बंद कर दिया जाएगा.इसके बाद आम आदमी पार्टी ने जी मीडिया के चैनलों की डीबेट में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ताओं ने हिस्सा लेना बंद कर दिया. मुझे आश्चर्य है कि किसी भी दूसरे न्यूज नेटवर्क ने इस मनामानी के खिलाफ आवाज नहीं उठाई.लेकिन Zee ने इस लड़ाई को लीगल तौर पर लड़ी और पंजाब में जी मीडिया के चैनलों का प्रसारण फिर से शुरू कराया. डॉ चंद्रा ने कहा कि ये किस तरह से राजनीतिक पार्टियां चौथे स्तंभ पर अपना दबाव डाल रही हैं ये उसका जीवंत उदाहरण है. आज जी मीडिया के साथ ऐसा हुआ कल किसी और के साथ हो सकता है. 

डॉ चंद्रा ने इस प्रेस कॉन्फ्रेस के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है उस दिन मैंने एक वीडियो मैसेज रिलीज किया प्रेस की आजादी को लेकर मेरे विचार थे. मेरा ये वीडियो संदेश कुछ देर में ही वायरल हो गया. media fraternity ने मेरे इस कदम की खूब सराहना की. जिसके बाद मेरे ऑफिस में लगभग 54 ऐसे निवेदन आए कि लोग मेरे इन विचारों के आधार पर मेरा इंटरव्यू करना चाहते हैं. जिसके बाद मैंने ये इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का आय़ोजन किया इसके जरिए मेरा मकसद है कि media-fraternity के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ प्रेस की आजादी पर बात की जाए. 

डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि हम बिना डरे औऱ बिना रुके हम सरकारों के बारे में निर्भीक तरीके से खबरें दिखाते रहेंगे, हमारा मकसद है कि जनता से जुड़े मुद्दे को सामने लाना इसके लिए अगर किसी सरकार की आलोचना करनी पड़े तो हम पीछे नहीं हटेंगे. हम अपने समूचे न्यूज नेटवर्क का इस्तेमाल जनता के हित की खबरें दिखाने के लिए करेंगे और इसके लिए किसी सरकार के दबाव में नहीं आएंगे 

कल  लोकसभा चुनाव के परिणाम आएंगे उससे ठीक एक दिन पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेस क्यों, इस सवाल के जवाब में डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि मैं केवल बात नहीं करता हूं जो कहता हूं उसे लागू भी करता हूं 3 मई को मैंने प्रेस की आजादी पर वीडियो रिलीज किया उसके बाद कई लोगों ने मुझे इंटरव्यू के लिए कहा, 29 मई को पंजाब सरकार ने जी मीडिया को बैन किया, 1 जून तक देश में चुनाव थे इसलिए मैंने आज का दिन यानी 3 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए चुना इसका कल की मतगणना से कोई रिश्ता नहीं है

BW Businessworld के सवाल के जवाब में डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि केंद्र की तरफ से मुझ पर किसी तरह का दवाब नहीं है ना ही आर्थिक ना ही किसी तरह का कोई राजनीतिक दबाव. मोदी 3.0 के सवाल के जवाब में डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि नई सरकार किन नई नीतियों को लेकर आती है और उसे कैसे लागू करती है इसके लिए थोड़ा सा इंतजार करना होगा. अंत में डॉ सुभाष चंद्रा ने अपने संदेश में कहा कि जो काम करें वो शिद्दत से करें और वर्तमान में रहकर यानी वर्तमान को जीते हुए कोई काम करेंगे तभी Concentrates रहकर ही काम सकेंगे और सफलता पाएंगे. इस मीडिया मीट में जी मीडिया के सभी 15 न्यूज चैनलों के संपादक भी मौजूद रहे.


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