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Vedanta की समावेशी पहल: FY25 में ₹450 करोड़ के ESOS के साथ कर्मचारियों को बनाया भागीदार
यह पहल केवल वरिष्ठ प्रबंधन तक सीमित न होकर एंट्री-लेवल कर्मचारियों तक फैली हुई है, जिससे यह कॉरपोरेट भारत में सबसे समावेशी योजनाओं में से एक बन गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत की अग्रणी खनिज, ऊर्जा संक्रमण धातु, तेल एवं गैस और तकनीकी समूह वेदान्ता लिमिटेड (Vedanta) ने वित्त वर्ष 2025 के लिए ₹450 करोड़ से अधिक मूल्य के कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ESOS) की घोषणा की है. यह अब तक की सबसे बड़ी ESOS योजना मानी जा रही है, जो न केवल टॉप मैनेजमेंट बल्कि एंट्री-लेवल प्रोफेशनल्स को भी शामिल करती है. यह कॉरपोरेट भारत में सबसे लोकतांत्रिक स्टॉक ऑप्शन कार्यक्रमों में से एक बन गया है.
वहीं, जहां अधिकतर कंपनियों में स्टॉक ऑप्शन्स केवल CXO या सीनियर एक्जीक्यूटिव्स को ही दिए जाते हैं, वेदान्ता ने समावेशिता की नई मिसाल कायम की है. दुनिया की कुछ टेक कंपनियां और भारतीय यूनिकॉर्न्स अब धीरे-धीरे इस दिशा में कदम उठा रही हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश नए कर्मचारियों को इस योजना से वंचित रखते हैं या यह लाभ केवल एक बार ही मिलता है.
पिछले 20 वर्षों से वेदान्ता लगातार अपनी ESOS योजना चला रहा है, जो कर्मचारियों में मालिकाना सोच विकसित करने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है. केवल 5 वर्षों में इस योजना के तहत वितरित इक्विटी अवार्ड्स में 80% से अधिक की वृद्धि हुई है.
स्टॉक ऑप्शन्स एक ऐसा कर्मचारी लाभ है, जिसके तहत कर्मचारी बहुत ही कम कीमत (₹1) पर कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं. यह न केवल एक प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन है, बल्कि कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण का अवसर भी है.
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
BALCO में कार्यरत मिड-कैरियर HR प्रोफेशनल मुकेश शराफ ने कहा, "स्टॉक ऑप्शन्स की मदद से मैंने अपने परिवार के लिए घर खरीदा. यह केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि वेदान्ता की ओर से दीर्घकालिक विश्वास और साझेदारी का प्रतीक है."
केयर्न ऑयल एंड गैस, बाड़मेर में लीड प्रोजेक्ट सेफ्टी के पद पर कार्यरत शिवम कुमार ने कहा, "स्टॉक ऑप्शन्स से मैंने अपने छोटे भाई को भारत के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के लिए भेजा, खुद के प्रोफेशनल डेवलपमेंट में निवेश किया और अपने माता-पिता की मदद की. इससे मुझे आर्थिक स्वतंत्रता और वेदान्ता परिवार से जुड़ाव का गहरा अहसास हुआ."
वेदान्ता भारत की पहली प्रमुख प्राकृतिक संसाधन कंपनी है, जिसने इतनी व्यापक स्टॉक ऑप्शन योजना लागू की है. यह नीति प्रारंभिक करियर के प्रोफेशनल्स को भी लाभान्वित करती है, जिससे वे करियर की शुरुआत से ही कंपनी की सफलता में भागीदार बनते हैं. फ्रेशर्स के लिए तो यह योजना बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें उनके फिक्स्ड वेतन के लगभग 30% के बराबर ESOS मिल रहा है. तीन वर्षों में ही यह लाखों की संपत्ति में बदल सकती है.
यह पहल वेदान्ता के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल की उस दूरदृष्टि से प्रेरित है, जिसमें युवाओं और महिलाओं को नेतृत्व और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है.
झारसुगुड़ा स्थित वेदान्ता एल्युमिनियम की हेड - बिजनेस पार्टनर मैनेजमेंट ममता भगत ने बताया, "मैंने अपने स्टॉक ऑप्शन्स का उपयोग अपनी मां के घर के पास जमीन खरीदने के लिए किया. इससे न केवल मुझे आर्थिक संबल मिला, बल्कि आगे बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास भी."
केयर्न ऑयल एंड गैस में डिप्टी जनरल काउंसल - लीगल नेहा गुहा, जो एक वर्किंग मदर हैं, उन्होंने कहा, "इस योजना ने मुझे विश्वास दिया कि मैं अपने बच्चे के भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण बना रही हूं. यह निष्ठा को दीर्घकालिक संपत्ति में बदलने की बेहतरीन पहल है."
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