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#UPGISWithBW: हमें मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में भी होना है आत्मनिर्भर- मनसुख मांडविया
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि हमारे देश में आज मेडिकल उपकरणों पर हमारी निर्भरता दुनिया पर बनी हुई है. हम क्यों नहीं इसमें आत्मनिर्भर होने की दिशा में काम करते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रहे उत्तर प्रदेश जीआईएस समिट में शनिवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया सहित यूपी के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक सहित प्राइवेट सेक्टर के कई नामी चेहरों जिसमें नरेश त्रेहन जैसे लोग भी शामिल रहे. इस मौके पर मनसुख मांडविया ने कहा कि आज हम सभी को मेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है.
यूपी सुश्रुत और चरक की धरती है
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि उत्तर प्रदेश हेल्थकेयर के लिए सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनिया को भी राह दिखाने वाला राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.उन्होंने कहा कि चरक और सुज्ञुत यूपी की धरती पर पैदा हुए थे. उन्होंने जो ज्ञान, विज्ञान का आविष्कार किया था उसने सभी को राह दिखाई, वो मार्डन मेडिसीन के पूर्वज हैं. उन्होंने कहा कि सरकार जो कदम उठा रही है उससे एक इकोसिस्टम पैदा हो रहा है. यूपी विकास के लिए इसलिए आगे बढ रहा है क्योंकि यहां डबल इंजन की सरकार काम कर रही है.
ट्रेड और इंडस्ट्री को बढ़ावा देने से होता है दोहरा फायदा
चाणक्य ने कहा था अगर किसी देश को संपन्न होना है तो उसे ट्रेड और इंडस्ट्री को सपोर्ट करना चाहिए. जब आप ट्रेड और इकोनॉमी को मदद करते हैं तो उससे दो बड़े फायदे होते हैं. पहला राज्य में रोजगार पैदा होता है और दूसरा सरकार को धन मिलता है. उन्होंने कहा कि संपत्ति सृजन करना हर किसी के बस की बात नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारे देश में ब्रेन की कभी कमी नहीं रही. आज फार्मा सेक्टर में हम पीएलआई स्कीम पर काम कर रहे हैं. पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे पीएम टोकन में नहीं सोचते हैं बल्कि टोटल में सोचते हैं.
हमारे वहां 12000 से ज्यादा फार्मा इंडस्ट्री है
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आजादी के 100 साल बाद देश कैसा हो इसे लेकर काम हो रहा है. सरकार देश का विकास किस दिशा में काम करना चाहिए, हिंदुस्तान को कहां ले जाना है, इस पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आज हमारे वहां 12000 से अधिक फार्मा इंडस्ट्री काम कर रही है. रिसर्च के लिए प्राइवेट सेक्टर को भी अवसर मिलना चाहिए. इसलिए आईसीएमआर के सेंटरों को हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया है. यहां के गोरखपुर में भी रिसर्च सेंटर है. मेडिकल डिवाइस के लिए हम बाहर की दुनिया पर निर्भर हैं हम खुद इसे क्यो न बनाएं. देश के रिसर्चर पर हमारा भरोसा पैदा हुआ है.
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