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उत्तर प्रदेश के निर्यात पर अमेरिकी शुल्क का असर, सरकार नए वैश्विक बाज़ारों की तलाश में
वर्तमान में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य अमेरिका है. यहां से वित्त वर्ष 2024-25 में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
अमेरिकी शुल्क से घरेलू वस्त्र, आभूषण और चमड़ा उद्योग पर संभावित असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार नए निर्यात बाज़ारों की तलाश कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य सरकार लातिन अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण–पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया को संभावित बाज़ार मान रही है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य अमेरिका है. यहां से वित्त वर्ष 2024-25 में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ. ब्रिटेन, जर्मनी और नेपाल भी राज्य के प्रमुख निर्यात बाज़ारों में शामिल हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक मलेशिया, स्पेन, इटली, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका को विशेष तौर पर नए बाज़ार के रूप में चिह्नित किया गया है. सरकार केवल पारंपरिक उत्पादों जैसे वस्त्र और आभूषण ही नहीं, बल्कि औद्योगिक सामान और मशीनरी जैसे नए उत्पादों को भी इन देशों में पहुंचाने की योजना बना रही है. उत्तर प्रदेश सरकार अगले पांच वर्षों के लिए एक नई निर्यात प्रोत्साहन नीति का मसौदा तैयार कर रही है. इस नीति का लक्ष्य 2030 तक राज्य के निर्यात को वर्तमान 1.7 ट्रिलियन रुपये से बढ़ाकर लगभग पांच ट्रिलियन रुपये तक पहुंचाना है. इसके साथ ही राज्य का देश के निर्यात हिस्से में योगदान 7.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का भी लक्ष्य है. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नई नीति के तहत निवेशकों को 10 करोड़ रुपये तक की पूंजी सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा घरेलू और विदेशी निवेशकों को कई प्रकार के प्रोत्साहन दिए जाएंगे. वैश्विक विपणन आयोजनों में भाग लेने वाले निर्यातकों की मदद के लिए एक विशेष निर्यात प्रोत्साहन कोष भी बनाया जाएगा. उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को औद्योगिक गलियारों में बदलने पर भी काम कर रही है. इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे.
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