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अल्ट्राटेक सीमेंट का Q3 FY26 मुनाफा 27% बढ़कर ₹1,729 करोड़

मजबूत मांग, बेहतर परिचालन दक्षता, बढ़ते मार्जिन और आक्रामक क्षमता विस्तार योजनाओं के दम पर अल्ट्राटेक सीमेंट ने Q3 FY26 में संतुलित और टिकाऊ वृद्धि का प्रदर्शन किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

देश की अग्रणी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर ₹1,729.4 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹1,363 करोड़ था.

तिमाही नतीजों में ₹88 करोड़ का एकमुश्त असाधारण खर्च शामिल है, जो 21 नवंबर 2025 से लागू नए श्रम संहिता के तहत अतिरिक्त ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट देनदारियों से जुड़ा है. इसके बावजूद, ब्याज, मूल्यह्रास और कर से पहले लाभ (PBIDT) बढ़कर ₹4,051 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹3,142 करोड़ था.

राजस्व और ईबीआईटीडीए में मजबूत बढ़त

परिचालन से राजस्व 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹21,830 करोड़ रहा, जबकि Q3 FY25 में यह ₹17,778.8 करोड़ था. ईबीआईटीडीए 35.2 प्रतिशत बढ़कर ₹3,915 करोड़ पहुंच गया, जो बाजार अनुमान ₹3,532 करोड़ से अधिक रहा. ईबीआईटीडीए मार्जिन भी 16.28 प्रतिशत से बढ़कर 17.94 प्रतिशत हो गया.

वॉल्यूम और क्षमता उपयोग में सुधार

कंपनी की समेकित सीमेंट बिक्री मात्रा में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. समेकित शुद्ध बिक्री 23 प्रतिशत बढ़कर ₹21,506 करोड़ रही. क्षमता उपयोग 72 प्रतिशत से बढ़कर 77 प्रतिशत पर पहुंच गया. भारत सीमेंट्स और केसराम के बेस वॉल्यूम को छोड़कर घरेलू ग्रे सीमेंट बाजार में 29.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अल्ट्राटेक ब्रांडेड वॉल्यूम 22.3 प्रतिशत बढ़ा. इंडिया सीमेंट्स को छोड़कर प्रति टन परिचालन ईबीआईटीडीए ₹911 से बढ़कर ₹1,051 हो गया.

इंडिया सीमेंट्स का प्रदर्शन

इंडिया सीमेंट्स ने तिमाही के दौरान 2.59 मिलियन मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की, जो 25 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है. कंपनी को उम्मीद है कि परिचालन दक्षता में सुधार, पूंजीगत व्यय योजनाओं के पूर्ण होने और अल्ट्राटेक ब्रांड में बदलाव के साथ लाभप्रदता लक्ष्य हासिल किए जाएंगे.

क्षमता विस्तार पर फोकस

तिमाही के दौरान अल्ट्राटेक ने महाराष्ट्र के धुले ग्राइंडिंग यूनिट में 0.6 मिलियन टन प्रति वर्ष और राजस्थान के नाथद्वारा इंटीग्रेटेड यूनिट में 1.2 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता चालू की.
इसके साथ घरेलू ग्रे सीमेंट क्षमता बढ़कर 188.66 मिलियन टन प्रति वर्ष और वैश्विक क्षमता 194.06 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई, जिसमें यूएई की 5.4 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता भी शामिल है.

अल्ट्राटेक वर्तमान में क्षमता के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादक कंपनी है और चीन के बाहर बिक्री मात्रा के मामले में सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है. तिमाही के दौरान कंपनी ने ₹2,357 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया, जबकि नेट डेट-टू-ईबीआईटीडीए अनुपात सुधरकर 1.08 गुना पर आ गया.

आगे की योजनाएं

कंपनी का अगला विस्तार चरण ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के माध्यम से 22.8 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता जोड़ेगा, जिससे कुल क्षमता बढ़कर 240.76 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी. इसके अलावा, कंपनी का केबल्स और वायर व्यवसाय भी तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रहा है और इसका वाणिज्यिक लॉन्च Q3 FY27 में प्रस्तावित है.

स्थिरता पर जोर

अल्ट्राटेक ने तिमाही के दौरान 14 मेगावाट की वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम क्षमता जोड़ी, जिससे कुल WHRS क्षमता 383 मेगावाट हो गई. कंपनी की कुल ऊर्जा खपत में ग्रीन पावर की हिस्सेदारी 42.1 प्रतिशत रही.


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