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एडटेक सेक्टर के बुरे दिन: इस कंपनी ने पहले छंटनी की, अब उठाया ये बड़ा कदम
अनएकेडमी और बायजू सहित कई कंपनियों ने पहले ही बहुत से कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है और आने वाले समय में भी यह सिलसिला कायम रह सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
एडटेक कंपनियों और उनसे जुड़े कर्मचारियों के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं. कोरोना महामारी के दौर में एकदम से ग्रोथ हासिल करने वालीं इन कंपनियों का मुनाफा अब घट रहा है. लिहाजा, उन्होंने कॉस्ट कटिंग शुरू कर दी है. कॉस्ट कटिंग की जद में सबसे पहले आते हैं कर्मचारी, अनएकेडमी और बायजू सहित कई कंपनियों ने बहुत से कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है और आने वाले समय में भी यह सिलसिला कायम रह सकता है.
ड्राइवर भी वापस लिए
अनएकेडमी (Unacademy) को लेकर अब एक और खबर सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने कर्मचारियों को दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं को बंद करने के साथ ही प्रबंधन स्तर पर वेतन भी कम कर दिया है. अनएकेडमी के कर्मचारियों को अब दफ्तर में खाना और नाश्ता नहीं मिलेगा. इतना ही नहीं, फाउंडर से लेकर टॉप मैनेजमेंट के लोगों तक किसी के लिए भी बिजनेस क्लास’ में यात्रा की सुविधा अब उपलब्ध नहीं होगी. इसके अलावा, टॉप ऑफिसरों को दिए गए ड्राइवर भी वापस ले लिए गए हैं.
आईपीओ के लिए कवायद
ये पूरी कवायद कंपनी को प्रोफिटेबल बनाने के लिए की जा रही है. जब स्टाफ और सुविधाओं पर खर्चा कम हो जाएगा, तो मुनाफा होना लाजमी है. दरअसल, अनएकेडमी अगले दो सालों में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ लाने की तैयारी में है. ऐसे में यदि उसकी बैलेंसशीट मजबूत नज़र नहीं आई, तो कंपनी को और नुकसान उठाना पड़ सकता है. कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरव मुंजाल का कहना है कि हम बहुत सारे अनावश्यक खर्च करते हैं. अब हमें इन सभी खर्चों में कटौती की जरूरत है,
निकाले थे 600 कर्मचारी
इससे पहले अनएकेडमी ने करीब 600 कर्मचारियों को काम से हटाया था. यह उसके कुल कर्मचारियों का करीब 10% है. 2015 में अस्तित्व में आई इस कंपनी ने जल्द ही अपनी एक अलग पहचान स्थापित की, कोरोना काल में अनएकेडमी सहित कई कंपनियों के ग्रोथ ग्राफ एकदम से खड़े हो गए. लेकिन ऑफलाइन क्लास शुरू होने के बाद से इनकी स्थिति पहले की तुलना में खराब हो रही है.
बढ़ा कंपनी का घाटा
वित्तवर्ष 21 में कंपनी का घाटा 1,474 करोड़ हो गया, जो FY20 में 259 करोड़ था. हालांकि, इस दौरान कंपनी के रिवेन्यु में उछाल दर्ज किया गया. FY21 में कंपनी का रिवेन्यु 464 करोड़ था, जबकि FY20 में 103 करोड़. इसी अवधि में कंपनी के कुल खर्चों की बात करें तो FY20 में जो 452 करोड़ थे, वो बढ़कर FY21 में 2,029.9 हो गए. कंपनी के खर्चे बढ़ने के पीछे कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं का हवाला दिया गया. एक रिपोर्ट बताती है कि कंपनी ने FY21 में employee benefit expense के नाम पर 748.4 करोड़ खर्च करने की बात कही, यह आंकड़ा FY20 में 119.7 करोड़ रुपए था.
प्लानिंग और स्ट्रेटजी में फेल?
अब सवाल यह उठता है कि क्या कंपनी ने लागत और खर्चों का ठीक से गुणा-भाग नहीं किया गया था? पहले धड़ाधड़ नियुक्तियां, तमाम सुविधाएं, फिर अचानक से छंटनी और सुविधाओं पर ताला दर्शाता है कि अनएकेडमी प्लानिंग और स्ट्रेटजी के मामले में कमजोर रही. बता दें कि इससे पहले बायजू रवीन्द्रन की अगुवाई वाली यूनिकॉर्न कंपनी बायजू ने 2500 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की थी. 22 अरब डॉलर वैल्यू वाले इस स्टार्टअप ने ग्रुप की कई कंपनियों के कर्मचारियों को बाहर कर दिया था.
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