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घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, सरकार ने कई कंपोनेंट्स पर हटाई कस्टम ड्यूटी
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी पार्ट्स और मशीनों पर कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है. यह छूट 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कई मशीनों व पुर्जों पर 31 मार्च 2029 तक कस्टम ड्यूटी में छूट देने का ऐलान किया है. इस फैसले से कंपनियों की उत्पादन लागत घटेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद सस्ती कीमत पर मिल सकते हैं.
'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बड़ा बूस्ट
भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई जरूरी पार्ट्स और मशीनों पर कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है. यह छूट 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी. सरकार का मानना है कि इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी आयात पर निर्भरता घटेगी और घरेलू विनिर्माण उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा.
उत्पादन लागत घटेगी, निवेश बढ़ेगा
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के लिए अब भी विदेशी आयात पर निर्भरता बनी हुई है. कस्टम ड्यूटी में छूट मिलने से कंपनियों की उत्पादन लागत कम होगी और घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए निवेश आकर्षित होंगे. साथ ही 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी मजबूती मिलेगी.
लिथियम-आयन बैटरी उद्योग को बड़ी राहत
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली कंपनियों को मिलेगा. इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), स्मार्टफोन्स, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली बैटरियों के निर्माण के लिए जरूरी मशीनों पर कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है.
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब बैटरी निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी 85 प्रकार की मशीनें रियायती कस्टम ड्यूटी के दायरे में आएंगी. इनमें पाउडर प्रोसेसिंग, स्लरी मिक्सिंग, कोटिंग, इलेक्ट्रोड वाइंडिंग, लेजर वेल्डिंग, टेस्टिंग, इंस्पेक्शन, पैकेजिंग और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट से जुड़ी मशीनें शामिल हैं.
डिस्प्ले कंपोनेंट्स पर भी मिली राहत
सरकार ने ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरणों और औद्योगिक मशीनों में इस्तेमाल होने वाली डिस्प्ले असेंबली के कई आयातित कंपोनेंट्स पर भी कस्टम ड्यूटी हटा दी है. अब डिस्प्ले सेल, बैकलाइट यूनिट, फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPCA) और फ्रेम जैसे पुर्जे कम लागत पर आयात किए जा सकेंगे. हालांकि, यह छूट मोबाइल फोन, टेलीविजन, स्मार्टवॉच और इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले के कंपोनेंट्स पर लागू नहीं होगी.
वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल बनाना होगा सस्ता
सरकार ने स्मार्टफोन के वायरलेस चार्जिंग मॉड्यूल में इस्तेमाल होने वाले कई अहम कंपोनेंट्स पर भी कस्टम ड्यूटी में छूट दी है. इनमें NFC, इंडक्टर कॉइल, नैनो-क्रिस्टलाइन असेंबली, ई-शील्ड, PET लाइनर, PC शिम और NdFeB मैग्नेट जैसे पुर्जे शामिल हैं. इससे भविष्य में भारत में वायरलेस चार्जिंग तकनीक का स्थानीय उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है.
उपभोक्ताओं को कैसे होगा फायदा?
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि जब कंपनियों की उत्पादन लागत घटेगी तो इसका फायदा धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगा. भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और ग्राहकों को अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उत्पाद मिलने की संभावना बढ़ेगी. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ने से रोजगार सृजन, तकनीकी निवेश और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा.
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