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इस बार हेल्थ सर्विस सेक्टर को बजट में मिलेगी राहत! जानिए क्या है इनकी सरकार से उम्मीदें?

31 जनवरी, 2025 से केंद्रीय बजट की शुरुआत होने जा रही है. पेश होने वाला है. हेल्थ और फार्मा सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों को इस बजट से कई उम्मीदें हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्रीय बजट सत्र 2025, 31 जनवरी से शुरू हो रहा है, जो 4 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) इस बार आपना आठवां बजट पेश करने वाली हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को बजट पेश करेंगी. हेल्थ और फार्मा सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों को इस बजट से कई उम्मीदें हैं. देश में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग और फार्मा उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, इस बजट में अहम नीतिगत सुधार हो सकते हैं. 

स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर जोर 
भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन उच्च लागत और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं. यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी के सीएमडी डॉ. पीएन अरोड़ा का मानना है कि सरकार को इनपुट जीएसटी कम करने और बीमा प्रणाली में सुधार करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, अगर बजट में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का बजट बढ़ाया जाए और निजी अस्पतालों को प्रोत्साहन मिले, तो आम जनता को किफायती और बेहतर इलाज मिल सकता है. ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी सरकार के लिए एक प्रमुख चुनौती है. इस बजट से उम्मीद की जा रही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

फार्मा सेक्टर के लिए नए अवसर
फार्मा सेक्टर, जो 2030 तक 130 बिलियन डॉलर और 2047 तक 450 बिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, को भी इस बजट से कई उम्मीदें हैं. इंफॉर्मा मार्केट्स इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास का कहना है कि भारत की फार्मा इंडस्ट्री को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए नीतिगत समर्थन की जरूरत है. बजट में जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स में छूट, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए अधिक फंडिंग और घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने वाली नीतियां शामिल होनी चाहिए. इसके अलावा, API (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स) के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और पीएलआई (PLI) योजनाओं का विस्तार करने की भी मांग हो रही है. इससे भारत आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है.

हो सकते हैं ये सुधार

1. हेल्थकेयर सेक्टर में जीएसटी राहत: अस्पतालों और दवा कंपनियों के इनपुट टैक्स को कम किया जा सकता है.
2. बीमा क्षेत्र में सुधार: हेल्थ इंश्योरेंस की लागत कम करने और क्लेम्स की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नीतियां बनाई जा सकती हैं.
3. स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण: टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं.
4. रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा: फार्मा कंपनियों को अनुसंधान के लिए अधिक वित्तीय सहायता दी जा सकती है.
5. API और PLI स्कीम का विस्तार: घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने और दवाओं के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं.

6. बजट 2025 हेल्थ और फार्मा सेक्टर के लिए कई संभावनाएं लेकर आ सकता है, अगर सरकार इन क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस नीतियां बनाती है, तो यह देश के स्वास्थ्य और फार्मा उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा.


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