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White Collar सेक्टर में महिलाओं के लिए बढ़े इतने प्रतिशत अवसर, जानिए क्या है आंकड़ा?
महिलाओं को ये प्रतिशत बढ़ने की कई प्रमुख वजहें हैं जिनमें सबसे प्रमुख महामारी के बाद कई महिलाओं का वापस इस सेक्टर में आना एक बड़ी वजह है, इसके अलावा भी कई तरह के प्रयास शामिल है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारतीय महिलाओं के लिए नए अवसरों की जानकारी निकलकर सामने आई है. फाउंडिट (formerly Monster APAC और ME) संस्था की ओर से जारी किए गए आंकड़े बता रहे हैं हमारे देश की सफेदपोश जिसे White Collar अर्थव्यवस्था भी कहा जाता है उसमें महिलाओं की मांग में बढ़ोतरी हुई है. आंकड़े बताते हैं कि फरवरी 22 की तुलना में फरवरी 23 में महिला उम्मीदवारों के लिए इस क्षेत्र की नौकरियों में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जो अपने आप में सकारात्मक नतीजे हैं.
क्यों हुआ है ये इजाफा
महिलाओं की इस वर्कफोर्स में बढ़ोतरी प्राथमिक तौर पर दो प्रमुख कारणों के कारण बढ़ी है. इनमें पहला, महामारी के दौरान फुलटाइम देखभालकर्ता बनने के लिए काम छोड़ने वाली महिलाएं शामिल हैं जो अब फिर से वर्कफोर्स में शामिल हो गई हैं, और दूसरा, कार्यबल में महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए इंडिया इंक द्वारा किए जा रहे प्रयास शामिल हैं, जिसके कारण ये बढ़ोतरी सामने आई है. इनमें महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी और बच्चों की देखभाल जैसे लाभ शामिल हैं, यही नहीं वर्कप्लेस पर पक्षपात से लड़ने के लिए अलग-अलग तरह के कार्यक्रम शुरू करना, काम में लचीलेपन की अनुमति देना, और अलग-अलग भर्ती जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
आंकड़ों में यह भी कहा गया है कि प्लेटफॉर्म पर काम करने वाली कुल महिला कर्मचारियों में से 6 फीसदी ऐसी हैं, जिन्होंने करियर से ब्रेक लिया था लेकिन अब वो काम पर लौट आई हैं. इसके अलावा, महिलाओं के लिए कुल नौकरियों में फ्रीलांस भूमिकाओं का हिस्सा 4 प्रतिशत है, जो सफेदपोश अर्थव्यवस्था में गिग-आधारित अवसरों में वृद्धि का इशारा देती है.
क्या कहती है सर्वे कंपनी की प्रमुख
सर्वे करने वाली कंपनी फाउंडिट की सीईओ शेखर गरिसा ने कहा कि दुनिया भर में महिला नेताओं ने सुर्खियां बटोरीं कि वे बड़े संकट के समय में कितनी अच्छी तरह से बची रहीं. लेकिन अभी भी काम करना और मीलों चलना बाकी है. यदि हम 5 ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्र बनने के अपने सपने को प्राप्त करना चाहते हैं तो सभी क्षेत्रों में वर्कफोर्स (कार्यबल) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अत्यधिक आवश्यकता है. स्थापना के समय, कुल कार्यबल में 34 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं और यह निश्चित रूप से एक बढ़ती हुई संख्या है कंपनियों को लचीलेपन को सुनिश्चित करने, एक समावेशी (Inclusive) कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करने और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने काम के तरीकों को नया करने की आवश्यकता है.
किन सेक्टरों में हुआ है सबसे ज्यादा इजाफा
फाउंडिट द्वारा ऑनलाइन हायरिंग ट्रेंड के अनुसार, आईटी/बीपीओ क्षेत्र में महिलाओं के लिए उपलब्ध अवसरों का सबसे बड़ा हिस्सा 36 प्रतिशत है, जो कार्यस्थल में लैंगिक समानता की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है. संगठनों ने यह भी महसूस किया है कि अगर उनकी कंपनी में अलग-अलग किस्म का वर्कफोर्स होता है तो इससे उनकी परफॉर्मेंस पर बड़ा असर पड़ता है. इससे प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महिलाओं के लिए अधिक से अधिक काम के अवसर पैदा हुए हैं. आईटी/कंप्यूटर-सॉफ्टवेयर (35 प्रतिशत) का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है, इसके बाद बैंकिंग/वित्तीय सेवाओं/लेखा (22 प्रतिशत) का स्थान है.
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