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इस संगठन ने वित्त मंत्री से की EV के लिए FAME 2 स्कीम को आगे बढ़ाने की मांग
संगठन चाहता है कि आने वाले समय में EV सेक्टर को और लोकप्रिय बनाने के लिए इस स्कीम को आगे बढ़ाए जाने की जरूरत है, जिससे इस सेक्टर को आने वाले दिनों में और लोकप्रिय बनाया जा सके
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बजट को लेकर इन दिनों अलग-अलग क्षेत्र के लोग अपनी सिफारिश वित्त मंत्री को दे रहे हैं. इसी कड़ी में शामिल है उद्योग संगठन ‘सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) ने वित्त मंत्री को बजट से पहले इस क्षेत्र को बेहतर बनाने को लेकर कई सिफारिशें की हैं. इन सिफारिशों में कहा गया है कि बिजली से चलने वाले वाहनों के कलपुर्जों पर एक समान पांच फीसदी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने की मांग की. इस संगठन ने मांग की है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को और पॉपुलर बनाने के लिए इस Fame 2 स्कीम के तहत शामिल किया जाए और इसकी सब्सिडी का दायरा बढ़ाया जाए.
31 मार्च 2024 को खत्म हो रहा है सब्सिडी का दायरा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार SMEV ने कहा है की Fame 2 स्कीम का दायरा 31 मार्च 2024 को खत्म हो रहा है. इस स्कीम से अब तक जितना फायदा मिलना चाहिए था वह अभी तक नहीं मिला है. ऐसे में इस स्कीम को आगे भी बढ़ाए जाने की बहुत जरूरत है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन सिफारिशों में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक टू व्हीलर का दायरा 20% को पार करने के बाद अभी इसमें आगे और ग्रोथ की गुंजाइश है. संगठन को आशंका है कि इसे अब आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है. ऐसे में इसीलिए वित्त मंत्री को दी गई अपनी सिफारिशों में SMEV ने इन्हें और बढ़ाने की सिफारिश की है.
कमर्शियल सेगमेंट भी हो स्कीम में शामिल
SMEV ने कहा है कि इस स्कीम को बढ़ाने के साथ-साथ आने वाले समय में इसमें हल्के, मध्यम और भारी कमर्शियल सेगमेंट को भी शामिल किया जाए. संगठन ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि आने वाले समय में देश को भारी कमर्शियल गाड़ियों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को अपनाने के लिए बाजार को तैयार करना होगा. संगठन ने सभी तरह के कलपुर्जे पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने का भी अनुरोध किया है.
कब लागू हुई थी यह योजना
सरकार ने Fame 2 योजना को 1 अप्रैल 2019 को मंजूरी दी थी. यह स्कीम 3 वर्ष के लिए लाई गई थी. जिसका कुल बजट 10,000 करोड रुपए सब्सिडी के तौर पर आवंटित किया गया था. इस योजना के कुल बजट के समर्थन में से लगभग 86% फंड डिमांड इंसेंटिव के लिए आवंटित किया गया है, ताकि देश में इलेक्ट्रिक वैहकिल की मांग को पैदा किया जा सके.
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