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2024-25 में ग्रीन इंडस्ट्री में पैदा हो सकती हैं इतने मिलियन नौकरियां: पैंटोमैथ
2023 में, भारतीय इक्विटी बाजार में अभूतपूर्व प्रदर्शन देखा गया है, बेंचमार्क सूचकांक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंचे हैं, निफ्टी और सेंसेक्स ने क्रमशः 21,000 और 70,000 अंक के मील के पत्थर को छुआ.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
पैंटोमैथ फाइनेंशियल सर्विसेज ने देश की इकोनॉमी को लेकर रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष 2023-24 बेहतरीन रहा है. साथ ही आने वाला साल भी भारत के लिए काफी सकारात्मक है. समूह का मानना है कि देश के हर क्षेत्र में हो रही ग्रोथ के चलते ग्रीन सेक्टर में इस साल 3.5 मिलियन तक नौकरियां पैदा हो सकती हैं. समूह की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारतीय इक्विटी बाजार पिछले दो वर्षों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक के रूप में उभरा है. रिपोर्ट कहती है कि चालू कैलेंडर वर्ष में भारत का मार्केट कैप 26% बढ़कर $4.2 Tn हो गया है.
भारत के ग्रीन एनर्जी एफर्ट तेज
पैंटोमेथ इंडिया की रिपोर्ट कहती है कि भारत ने 2023 में बाजार पूंजीकरण में 900 अरब डॉलर जोड़े, जो ब्राजील, स्वीडन और नीदरलैंड जैसे देशों के संपूर्ण बाजार पूंजीकरण के बराबर है. भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव के बीच अपनी डीकार्बोनाइजेशन पहल को तेज कर दिया है, और 2030 तक 500GW नवीकरणीय क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. कई ऐसे क्षेत्र है जिन पर भारत काम कर रहा है और वो 2024 में निवेश-आधारित विकास के लिए तैयार होंगे. इनमें बैटरी ऊर्जा भंडारण समाधान, हरित हाइड्रोजन, जैव प्रौद्योगिकी, एवीजीसी (एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स), और सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, असेंबली और डिजाइन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
PLI स्कीम से हुआ इतना लाभ
उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं, विशेष रूप से बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (एलएसईएम) ने सफलतापूर्वक 726.77 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित किया है, जिसके परिणामस्वरूप कुल 33.55 बिलियन अमेरिकी डॉलर का उत्पादन हुआ है. रिपोर्ट में भारत के एसआईपी बाजार को लेकर भी कई बातें कहीं गई हैं. इनमें बताया गया है कि घरेलू एसआईपी प्रवाह इक्विटी में खुदरा प्रवाह के प्रमुख स्रोत के रूप में उभरा, जो वित्त वर्ष 2023 में 130 अरब रुपये तक पहुंच गया और वित्त वर्ष 24 में 153 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
क्या बोले पैंटोमेथ के प्रबंध निदेशक?
भारतीय इक्विटी बाजार पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक महावीर लुनावत ने कहा, भारतीय कॉर्पोरेट आय में सुधार दिखना शुरू हो गया है, कमोडिटी की कीमतों में नरमी से कंपनियों को फायदा हुआ है, जिससे लाभप्रदता और मार्जिन में वृद्धि हुई है. मजबूत घरेलू मांग माहौल, सकारात्मक व्यापक आर्थिक कारकों और निजी पूंजीगत व्यय पुनरुद्धार के कारण कंपनियों को आगामी तिमाहियों में मजबूत प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद है. सरकारी पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि के साथ-साथ निजी पूंजीगत व्यय में स्पष्ट संकेत दिख रहा है.
क्या बोले कंपनी के रिटेल रिसर्च प्रमुख?
इस रिपोर्ट को लेकर इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड (एसीएमआईआईएल) के रिटेल रिसर्च के प्रमुख देवांग शाह ने कहा कि इस वर्ष मजबूत औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) वृद्धि और अनुकूल पीएमआई डेटा देखा गया, जो उपरोक्त स्तर पर उत्पादन में विस्तार का संकेत देता है. प्रवृत्ति की गति. नए ऑर्डरों के निरंतर प्रवाह के कारण विनिर्माण क्षेत्र ने अपनी विकास गति को बनाए रखा. त्योहारी सीजन के दौरान कई कंपनियों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई. जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) अपने चरम स्तर से कम होना शुरू हुआ, यह भारतीय रिजर्व बैंक की 2% से 4% की आरामदायक सीमा से ऊपर रहा. आरबीआई के अनुसार, खासकर खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि के जोखिम को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. सरकार का लक्ष्य भोजन और सब्जियों की कीमतों में किसी भी तेज बढ़ोतरी को रोकने के लिए आपूर्ति के मुद्दों को सक्रिय रूप से संबोधित करना है.
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