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ब्याज दरों में नहीं हुई कमी लेकिन GDP में इजाफे का है अनुमान…जानते हैं क्या है इसकी वजह?
आरबीआई ने भले ही ब्याज दरों में कमी ना की हो लेकिन आने वाले दिनों में तस्वीर के बेहतर होने की उम्मीद जताई है. आरबीआई को लगता है कि 2024-25 में ग्रोथ रेट के और बेहतर होने का अनुमान है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
आरबीआई ने जून महीने में हुई एमपीसी (मॉनेट्री पॉलिसी कमिटी) की बैठक में ब्याज दरों में भले ही कोई इजाफा ना किया हो लेकिन ग्रोथ रेट को लेकर सामने आया अनुमान सकारात्मक दिखाई दे रहा है. एक ओर जहां लोकसभा चुनाव के बाद सहयोगी सरकार की परिस्थितियों में सुधारों की रफ्तार कम होने की बात कही जा रही है ऐसे में ग्रोथ रेट की ये रफ्तार निवेश को बढ़ावा देने वाली है. आरबीआई के अनुसार 2024-25 ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत से लेकर 7.2 प्रतिशत तक बने रहने की उम्मीद है.
अब क्या है इस सुधार की वजह?
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की ओर से इस ग्रोथ रेट में इजाफे के कारणों को लेकर कहा गया है कि घरेलू आर्थिक गतिविधि ने लचीलापन बनाए रखा है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में तेजी जारी है. उन्होंने कहा कि ग्रोथ रेट में अहम भूमिका निभाने वाले आठ प्रमुख उद्योगों ने अप्रैल में स्वस्थ विकास दर्ज किया है, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई ने मजबूती का प्रदर्शन जारी रखा है और सर्विस सेक्टर में भी तेजी जारी है. उन्होंने कहा, निजी खपत में सुधार हो रहा है और कृषि क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार के कारण ग्रामीण मांग में तेजी आ रही है. निवेश गतिविधि लगातार बढ़ रही है, और गैर-स्वर्ण, गैर-तेल आयात सकारात्मक क्षेत्र में प्रवेश कर गया है.
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अप्रैल की बैठक में जताया गया था ये अनुमान
इससे पहले रिजर्व बैंक की ओर से अप्रैल में ग्रोथ रेट को लेकर जो अनुमान जताया गया था इस बार के अनुमान में उसमें इजाफा दिखाई दे रहा है. आरबीआई की ओर इस जून महीने में के पहले क्वॉर्टर के लिए जहां 7.3 प्रतिशत, दूसरे क्वॉर्टर के लिए 7.2 प्रतिशत, तीसरे क्वॉर्टर के लिए 7.3 प्रतिशत, और चौथे क्वॉर्टर के लिए 7.2 प्रतिशत ग्रोथ रेट का अनुमान जताया गया है. जबकि इससे पहले अप्रैल महीन में Q1 के लिए 7.1 प्रतिशत, Q2 के लिए 6.9 प्रतिशत, Q3 के लिए 7 प्रतिशत और Q4 के लिए 7 प्रतिशत रह सकती है. आरबीआई का ये अनुमान तब सामने आया है जब NSO (National Statistic Office) की ओर से 2023-24 के लिए ग्रोथ रेट 8.2 प्रतिशत बताई गई है.
मानसून को लेकर क्या बोला आरबीआई?
दो दिन तक चली बैठक के बाद आरबीआई की ओर से कहा गया है कि मानसून को लेकर जताए गए पूर्वानुमान को देखते हुए खरीफ का उत्पादन बढ़ने और पानी के स्तर पर में इजाफा होने का अनुमान है. खेती से जुड़ी गतिविधियों को मजबूत होने से ग्रामीण खपत में भी इजाफा होने का अनुमान है. यही नहीं शहरी खपत में भी आने वाले समय में इजाफा होने का अनुमान है. सिर्फ यही नहीं बैंकों की स्वस्थ होती बैलेंस शीट और इनवेस्टमेंट को लेकर भी आने वाले दिनों में बेहतर स्थिति रहने की उम्मीद है. यही नहीं ग्लोबल बिजनेस की संभावनाओं में सुधार से बाहरी मांग को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है.
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