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भारत की वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती दे रहा है स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड
यह कार्यक्रम न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ा रहा है, बल्कि यह महिलाओं को समाज और अर्थव्यवस्था में उनकी वास्तविक भूमिका दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत का पहला स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड (Skill Impact Bond - SIB) महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने और जेंडर गैप को कम करने के मामले में एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है. वर्ष 2021 में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा शुरू किया गया यह कार्यक्रम प्रमाणन (certification), प्लेसमेंट और रिटेंशन (स्थायित्व) जैसे ठोस परिणामों से जुड़ा है. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा परिणाम आधारित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है.
महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया मॉडल
SIB की सबसे खास बात यह है कि इसका डिज़ाइन महिलाओं की ज़रूरतों और उनकी सामाजिक स्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है. शुरुआती चार बैचों में महिलाओं की भागीदारी 70% से अधिक रही, जो कि 62% के तय लक्ष्य से कहीं आगे है.
- प्रमाणन दर 92% तक पहुंच गई है.
- पहले पुरुषों से 23% कम रिटेंशन रेट रखने वाली महिलाएं अब समान स्तर पर आ चुकी हैं, कुछ बैचों में तो महिलाएं आगे भी निकली हैं.
- प्लेसमेंट दर भी लगातार बढ़ रही है, पहले बैच में 66% से बढ़कर चौथे बैच में 80% के पार.
सोची-समझी रणनीति से सफलता
SIB की सफलता जेंडर-फोकस्ड रणनीति में छुपी है.
- परिवारों को जागरूक कर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया.
- नियोक्ताओं को महिला-अनुकूल कार्यस्थलों के लिए जांचा गया.
- नौकरी के अवसर घर के पास खोजे गए ताकि ड्रॉपआउट दर कम हो.
- प्लेसमेंट के बाद का समर्थन सुनिश्चित किया गया ताकि महिलाएं कार्यबल में बनी रहें और आगे बढ़ें.
इसका असर सिर्फ नौकरियों तक सीमित नहीं रहा, महिलाओं में स्वरोजगार (self-employment) की दर भी दुगनी हो गई है, खासकर परिधान निर्माण, मशीन संचालन जैसे क्षेत्रों में.
सशक्त होती महिलाएं: जमीनी कहानियां
दिल्ली की श्रद्धा मिश्रा और झारखंड की सलोमी मालटो जैसी लाभार्थियों ने बताया कि यह कार्यक्रम उनके लिए जीवन बदलने वाला अनुभव रहा. इन्हें आत्मविश्वास, स्थिर आय और परिवार को सहारा देने की क्षमता मिली. इनकी कहानियां उस व्यापक बदलाव को दर्शाती हैं जिसमें महिलाएं केवल प्रशिक्षित नहीं हो रही हैं, बल्कि स्वतंत्रता और नेतृत्व की ओर बढ़ रही हैं.
भविष्य की दिशा: ग्रीन जॉब्स से डिजिटल तक
जैसे-जैसे SIB का विस्तार ग्रीन जॉब्स, डिजिटल सेवाओं और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में हो रहा है, विशेषज्ञ इसे भारत के भविष्य के कौशल विकास मॉडल का ब्लूप्रिंट मान रहे हैं.
सफलता को वास्तविक रोजगार परिणामों से जोड़कर और महिलाओं को केंद्र में रखकर, SIB यह दिखा रहा है कि समावेशी विकास (inclusive growth) भारत में कैसे संभव हो सकता है.
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