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रियल-एस्टेट फर्म ने IIFL के निर्मल जैन पर सार्वजनिक रूप से लगाया बड़ा आरोप
मोरदानी ग्रुप ने IIFL के संस्थापक निर्मल जैन को कड़ी चेतावनी देते हुए धोखाधड़ी और कानूनी दुरुपयोग का आरोप लगा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
पलक शाह
एक उच्च-स्तरीय वित्तीय विवाद के नाटकीय विस्तार में, के मोरदानी रियल्टी ग्रुप ने एक तीखा सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, जिसमें IIFL फाइनेंस लिमिटेड और IIFL होम्स फाइनेंस लिमिटेड के सह-संस्थापक और निदेशक निर्मल जैन पर विश्वासघात की साजिश रचने और "तथाकथित और तंग करने वाली" कानूनी रणनीतियों का सहारा लेने का आरोप लगाया गया है. यह नोटिस 2 सितंबर 2025 को प्रकाशित किया गया, जिसमें जैन के कथित दुराचार की गंभीर तस्वीर पेश की गई है और जनता, वित्तीय संस्थानों तथा डेवलपर्स को उनसे या उनकी संस्थाओं से लेन-देन से बचने की चेतावनी दी गई है.
यह विवाद 20 दिसंबर 2024 को IIFL, उसकी सहयोगी कंपनियों और मोरदानी ग्रुप के बीच हस्ताक्षरित एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट से उत्पन्न हुआ है. नोटिस के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य मोरदानी ग्रुप के सभी ऋणों और दायित्वों को मूल्यवान पुनर्विकास परियोजनाओं को IIFL या उसके नामितों को हस्तांतरित करके निपटाना था. मोरदानी ग्रुप का दावा है कि उसने इस समझौते के तहत अपनी सभी जिम्मेदारियाँ पूरी कीं, जिसमें नोवेशन डीड्स पर हस्ताक्षर भी शामिल हैं. हालांकि, जैन के नेतृत्व में IIFL ने कथित रूप से इस समझौते से लाभ तो उठाया, लेकिन अपनी पारस्परिक जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा.
अपना हिस्सा निभाने के बजाय, IIFL पर मोरदानी ग्रुप के खिलाफ आधारहीन कानूनी कार्यवाहियाँ शुरू करने का आरोप है, जो न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और जिसे नोटिस में एक सोची-समझी रणनीति बताया गया है ताकि जवाबदेही से बचा जा सके. नोटिस में निर्मल जैन की गतिविधियों को "भ्रामक" करार दिया गया है और सभी हितधारकों को उनसे या उनकी किसी भी संस्था से वित्तीय या संपत्ति संबंधी लेन-देन न करने की सलाह दी गई है, ऐसा करना "पूर्णतः उनके अपने जोखिम, खर्च और खतरे पर" होगा.
"जनहित" में जारी यह सार्वजनिक चेतावनी मुंबई के वित्तीय और रियल एस्टेट क्षेत्रों में हलचल मचा रही है और जैन की विश्वसनीयता तथा IIFL की व्यावसायिक प्रथाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. मोरदानी ग्रुप के आरोप एक ऐसे व्यवहार की ओर संकेत करते हैं जिसमें समझौतों का लाभ उठाया गया लेकिन संविदात्मक जिम्मेदारियों की अनदेखी की गई, जिससे वित्तीय उद्योग में जैन की प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.
नोटिस की तीखी भाषा और व्यापक प्रसार यह दर्शाता है कि मोरदानी ग्रुप IIFL को जवाबदेह ठहराने के अपने इरादे में गंभीर है और साथ ही जनता को जैन से लेन-देन में संभावित जोखिमों के प्रति सचेत कर रहा है. उद्योग के पर्यवेक्षक इस विवाद के विकास पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, जो IIFL की वित्तीय और रियल एस्टेट बाजार में स्थिति पर गहरा असर डाल सकता है.
मोरदानी ग्रुप की यह साहसिक कार्रवाई कथित कॉरपोरेट कदाचार के प्रति बढ़ती असहिष्णुता को उजागर करती है, जिससे जैन और IIFL पर इन गंभीर आरोपों का जवाब देने या और अधिक प्रतिष्ठात्मक क्षति का सामना करने का दबाव बनता है. फिलहाल, जनता को मोरदानी की कड़ी चेतावनी पर ध्यान देना होगा: निर्मल जैन के साथ अपने ही जोखिम पर आगे बढ़ें.
IIFL का प्रतिपक्ष:
IIFL ने 1 सितंबर 2025 को एक सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से प्रतिक्रिया दी, जिसमें मोरदानी के आरोपों को “पूरी तरह से निराधार, तुच्छ, तंग करने वाले और तथ्यों का जानबूझकर दमन एवं गलत चित्रण” बताया. IIFL ने कहा कि मोरदानी ने समझौते का उल्लंघन किया, विशेष रूप से संबंधित संपत्तियों का कब्जा न सौंपकर, जिसके कारण समझौते को समाप्त कर दिया गया. IIFL ने यह भी बताया कि संबंधित विवाद न्यायिक समीक्षा (सब-ज्यूडिस) के अधीन हैं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT), मुंबई के समक्ष मोरदानी ग्रुप के प्रमोटरों कनायलाल मोरदानी और कुमार मोरदानी के विरुद्ध धारा 95 के अंतर्गत दिवालियापन याचिकाएँ दायर की गई थीं, और 23 जुलाई व 30 जुलाई 2025 को समाधान पेशेवरों की नियुक्ति की गई.
विवाद का संदर्भ
यह समझौता IIFL और मोरदानी के बीच एक व्यापक वित्तीय संबंध का हिस्सा है, जिसमें IIFL ने पहले मोरदानी की परियोजनाओं को वित्तपोषित किया था, जैसे कि लगभग एक दशक पहले बांद्रा (पश्चिम) पुनर्विकास परियोजना के लिए 60 करोड़ रुपये का ऋण. वर्तमान विवाद एक सार्वजनिक संघर्ष में बदल गया है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से लेन-देन न करने की चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए हैं.
सार्वजनिक नोटिस
यह विवाद एक श्रृंखला के समाचारपत्रों में प्रकाशित नोटिसों के माध्यम से सार्वजनिक हुआ. मोरदानी का पहला नोटिस 27 अगस्त 2025 को आया, जिसमें उनके अनुपालन और IIFL की कथित विफलता का विवरण दिया गया था. IIFL का खंडन 1 सितंबर 2025 को सामने आया, और मोरदानी ने 2 सितंबर 2025 को दूसरा नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने रुख की पुनः पुष्टि की और निर्मल जैन या IIFL संस्थाओं के साथ लेन-देन के विरुद्ध चेतावनी दी. समझौते की शर्तों के बारे में, जैसे कि सटीक परियोजनाएँ, वित्तीय राशि या विस्तृत दायित्व, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में कोई और विवरण प्रकट नहीं किया गया है. चल रही कानूनी कार्यवाहियों और सब-ज्यूडिस स्थिति के कारण दोनों पक्षों ने अपने सार्वजनिक नोटिसों से आगे कोई विवरण साझा नहीं किया है.
विरोधाभासी विवरण इस जटिल विवाद को दर्शाते हैं, जिसमें मोरदानी ने IIFL की कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताया है, जबकि IIFL ने मोरदानी पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है. कब्जा हस्तांतरण की कमी IIFL के समझौता समाप्ति दावे का मुख्य आधार प्रतीत होती है, जबकि मोरदानी अपने अनुपालन और IIFL द्वारा समझौते के शोषण पर जोर देते हैं. विवाद का सार्वजनिक स्वरूप और दी गई चेतावनियाँ यह दर्शाती हैं कि दोनों पक्षों के बीच गहरा अविश्वास है, जो वित्तीय और रियल एस्टेट क्षेत्रों में उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है.
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