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केंद्र सरकार ने बोरियों के उपयोग शुल्क में 40% की वृद्धि की
सरकार की ओर से बोरियों के उपयोग शुल्क में वृद्धि का उद्देश्य राज्य सरकारों और केंद्र के बीच सहयोग को मजबूत करना और खाद्यान्न वितरण प्रणाली को और अधिक सुचारू बनाना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को वित्तीय राहत देने के उद्देश्य से बोरियों (Gunny bags) के उपयोग शुल्क में 40% की बढ़ोतरी की है. उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, प्रहलाद जोशी ने इसकी जानकारी दी.
केंद्र ने उपयोग शुल्क को प्रति बैग 7.32 रुपये से बढ़ाकर 10.22 रुपये प्रति बैग कर दिया है, या फिर राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जो वास्तविक खर्च किया गया हो, वही लागू होगा, जो भी कम होगा. इस फैसले का उद्देश्य खाद्यान्न खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाना है, जिससे स्थायी पैकेजिंग प्रथाओं को बढ़ावा मिल सके और केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत किया जा सके.
गुनी बैग के उपयोग शुल्क में वृद्धि नए गुनी बैग की कीमत में वृद्धि के अनुपात में की गई है, जो कि 2017-18 के केएमएस से लेकर 2024-25 के केएमएस तक की अवधि के दौरान हुई है. यह संशोधित दर 2025-26 के केएमएस से लागू होगी.
केंद्र को विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस शुल्क में वृद्धि के लिए अनुरोध प्राप्त हुए थे, जिसके बाद खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने एक समिति का गठन किया.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस समिति में राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सदस्य शामिल थे, जिनके साथ मिलकर पैकेजिंग शुल्क की समग्र समीक्षा की गई. आंध्र प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारों ने समिति को अपनी सुझाव दिए थे.
इस फैसले से खाद्यान्न खरीद और वितरण की प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य और केंद्र के बीच सहयोग मजबूत होगा और पैकेजिंग के स्थायी तरीके अपनाए जा सकेंगे.
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