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TCS और C-DAC में करार: भारत के सॉवरेन क्लाउड इकोसिस्टम को मिलेगी नई उड़ान
TCS और C-DAC की साझेदारी भारत को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) के साथ एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं. इस साझेदारी का उद्देश्य एआई-आधारित, स्केलेबल और सुरक्षित सॉवरेन क्लाउड प्लेटफॉर्म का विकास करना है, जो भारत के डेटा स्थानीयकरण नियमों और सार्वजनिक क्षेत्र की डिजिटल आवश्यकताओं के अनुरूप हो.
सार्वजनिक सेवाओं के लिए सुरक्षित डिजिटल आधार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह साझेदारी TCS के सॉवरेन क्लाउड स्टैक को और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में है, जहां ई-संजीवनी, डायल 112 और अन्य प्रमुख सरकारी सेवाओं की सुरक्षित और अनुपालनयुक्त होस्टिंग सुनिश्चित की जाएगी. इससे न केवल डेटा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, रक्षा, स्मार्ट शहरों और BFSI (बैंकिंग, फाइनेंस, इंश्योरेंस) जैसे क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को भी बल मिलेगा.
सी-डैक और TCS का संयुक्त दृष्टिकोण
सी-डैक के महानिदेशक मगेश एथिराजन ने इस साझेदारी को "तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर" बताया. उन्होंने कहा कि C-DAC की स्वदेशी नवाचार क्षमता और TCS की उद्योग विशेषज्ञता मिलकर भारत के लिए एक मजबूत और स्थायी सॉवरेन क्लाउड प्लेटफॉर्म बनाएंगे. वहीं, TCS के ग्रोथ मार्केट्स अध्यक्ष गिरीश रामनद्रन ने कहा, "यह समझौता भारत की डिजिटल सशक्तिकरण यात्रा का हिस्सा है, जो स्वदेशी अनुसंधान, सार्वजनिक अवसंरचना और तकनीकी क्षमता को एकीकृत करता है."
TCS: छह दशकों से राष्ट्र निर्माण में अग्रणी
TCS लगभग 60 वर्षों से भारत की तकनीकी क्रांति का अभिन्न हिस्सा रही है. कंपनी ने न केवल पासपोर्ट सेवाओं, स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य सरकारी मंत्रालयों की परियोजनाओं को डिजिटाइज किया है, बल्कि ऐसे कार्यक्रमों में भी योगदान दिया है जिनसे देश की 70% जनसंख्या सीधे लाभान्वित होती है.
वैश्विक मंच पर TCS की मजबूती
1968 में स्थापित TCS, आज एक वैश्विक तकनीकी अग्रणी बन चुकी है. कंपनी के पास 55 देशों में 6 लाख से अधिक कर्मचारी हैं और यह 202 वैश्विक सेवा वितरण केंद्रों के माध्यम से सेवाएं देती है. TCS को विभिन्न महाद्वीपों में शीर्ष नियोक्ता के रूप में मान्यता मिली है. कंपनी स्वास्थ्य, स्थिरता और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले आयोजनों जैसे कि TCS न्यूयॉर्क सिटी मैराथन, लंदन मैराथन और सिडनी मैराथन की प्रमुख प्रायोजक भी है.FY 2025 (मार्च 31 को समाप्त वर्ष) में, TCS ने 30 अरब अमेरिकी डॉलर का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू अर्जित किया.
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