होम / बिजनेस / एयर इंडिया से आई ये खबर सीनियर सिटीजंस को कर सकती है नाराज, जानें क्या है मामला

एयर इंडिया से आई ये खबर सीनियर सिटीजंस को कर सकती है नाराज, जानें क्या है मामला

नागर विमानन महानिदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक, एयर इंडिया की घरेलू बाजार में हिस्सेदारी जुलाई में 8.4 फीसदी थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

सरकारी से प्राइवेट हुई एयर इंडिया (Air India) से आई एक खबर सीनियर सिटीजंस को नाराज कर सकती है. दरअसल, टाटा ग्रुप की विमानन कंपनी एयर इंडिया ने इकॉनमी श्रेणी में वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को मूल किराए पर दी जाने वाली छूट को आधा कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में कंपनी की वेबसाइट के हवाले से बताया गया है कि मूल किराए में संशोधित छूट 29 सितंबर से प्रभावी हो गई है. 

अभी मिलती थी इतनी छूट
एयर इंडिया अब तक इन दोनों श्रेणियों में 50 प्रतिशत की छूट दे रही थी. एयर इंडिया की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी में बताया गया है 29 सितंबर या उसके बाद जारी होने वाली टिकट के मूल किराए पर वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को 25 प्रतिशत छूट मिलेगी. यह छूट इकॉनमी केबिन में चुनिंदा बुकिंग श्रेणी पर मिलेगी. गौरतलब है कि टाटा समूह ने एयर इंडिया को सरकार से इस साल 27 जनवरी को खरीदा था. 

कंपनी ने दिया ये तर्क
मीडिया रिपोर्ट्स में एयर इंडिया के प्रवक्ता के हवाले से बताया गया है कि बाजार की स्थिति और गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने व्यापक उद्योग प्रवृत्ति के अनुरूप अपने किराए को युक्तिसंगत बनाने का निर्णय लिया है. हालांकि, इसके बाद भी एयर इंडिया में छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार किराए पर मिलने वाली छूट अन्य निजी एयरलाइनों की तुलना में लगभग दोगुनी होगी.

हिस्सेदारी बढ़ाने कर जोर
नागर विमानन महानिदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक, एयर इंडिया की घरेलू बाजार में हिस्सेदारी जुलाई में 8.4 फीसदी थी. जिसे कंपनी बढ़ाना चाहती है, इसलिए वो नए विमान खरीद रही है. हाल ही में एयर इंडिया ने कहा था कि वह अपने बेड़े में अगले 15 महीनों के दौरान 30 नए विमान शामिल करेगी. एयर इंडिया की योजना इस साल दिसंबर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को विस्तार देने की है.

चल रही मरम्मत 
एयर इंडिया यात्रियों को बेहतर सुविधा देने पर तेजी से काम कर रही है. कुछ वक्त पहले कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने कहा था कि विमानों के केबिन को दुरुस्त करने, सीटों को सुविधाजनक बनाने और उड़ान के दौरान मनोरंजन की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है. बता दें कि इस वक्त भारतीय एविएशन सेक्टर में इंडिगो सबसे बड़ी प्लेयर है. 
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या भारत की सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय अपनी कन्विक्शन रेट में हेरफेर करती है?

एजेंसी दावा करती है कि उसकी कन्विक्शन रेट 93.6 प्रतिशत है, वह ₹1.54 लाख करोड़ की जब्त संपत्तियों को संभालती है, और आज तक कभी किसी स्वतंत्र परफॉर्मेंस ऑडिट के दायरे में नहीं आई है. यहां पढ़िए कि जब आप इसके आंकड़ों को बारीकी से देखते हैं तो क्या सामने आता है.

37 minutes ago

भारत के समुद्री निर्यात ने बनाया रिकॉर्ड, FY26 में ₹72,325 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

विशाखापट्टनम, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख बंदरगाहों ने कुल निर्यात मूल्य का लगभग 64% हिस्सा संभाला है. इससे इन बंदरगाहों की लॉजिस्टिक और ट्रेडिंग में अहम भूमिका साफ होती है.

56 minutes ago

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच MSME समझौता, व्यापार और निवेश सहयोग को मिलेगा नया जोर

सरकार के अनुसार, यह समझौता इस बात को दर्शाता है कि दोनों देश MSME सेक्टर को समावेशी विकास, नवाचार और रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन मानते हैं. इससे विभिन्न बाजारों में स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग भी बढ़ेगा.

1 hour ago

NSE IPO की राह साफ, ₹1800 करोड़ सेटलमेंट से सुलझेगा विवाद

₹1800 करोड़ के प्रस्तावित सेटलमेंट के साथ NSE और SEBI के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है.

1 hour ago

अडानी पोर्ट्स को करंजा टर्मिनल खरीदने की मंजूरी, दिवालिया प्रक्रिया के तहत तीसरी बड़ी डील की तैयारी

यह डील पूरी होने पर APSEZ का यह तीसरा पोर्ट अधिग्रहण होगा, जो भारत के दिवालिया ढांचे के तहत किया जा रहा है. इससे पहले कंपनी महाराष्ट्र के दिघी पोर्ट और पुडुचेरी के करैकल पोर्ट का अधिग्रहण कर चुकी है.

3 hours ago


बड़ी खबरें

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच MSME समझौता, व्यापार और निवेश सहयोग को मिलेगा नया जोर

सरकार के अनुसार, यह समझौता इस बात को दर्शाता है कि दोनों देश MSME सेक्टर को समावेशी विकास, नवाचार और रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन मानते हैं. इससे विभिन्न बाजारों में स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग भी बढ़ेगा.

1 hour ago

क्या भारत की सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय अपनी कन्विक्शन रेट में हेरफेर करती है?

एजेंसी दावा करती है कि उसकी कन्विक्शन रेट 93.6 प्रतिशत है, वह ₹1.54 लाख करोड़ की जब्त संपत्तियों को संभालती है, और आज तक कभी किसी स्वतंत्र परफॉर्मेंस ऑडिट के दायरे में नहीं आई है. यहां पढ़िए कि जब आप इसके आंकड़ों को बारीकी से देखते हैं तो क्या सामने आता है.

37 minutes ago

भारत के समुद्री निर्यात ने बनाया रिकॉर्ड, FY26 में ₹72,325 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

विशाखापट्टनम, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख बंदरगाहों ने कुल निर्यात मूल्य का लगभग 64% हिस्सा संभाला है. इससे इन बंदरगाहों की लॉजिस्टिक और ट्रेडिंग में अहम भूमिका साफ होती है.

56 minutes ago

मजबूत मुनाफे के बावजूद HCL Tech में बड़ी गिरावट, शेयर 10% तक लुढ़का

HCL Tech के नतीजे यह दिखाते हैं कि आईटी सेक्टर में ग्रोथ के बावजूद बाजार की उम्मीदें काफी ऊंची हैं. ऐसे में केवल रेवेन्यू ग्रोथ नहीं, बल्कि मार्जिन और भविष्य की गाइडेंस भी निवेशकों के भरोसे के लिए बेहद अहम हो गई है.

4 hours ago

NSE IPO की राह साफ, ₹1800 करोड़ सेटलमेंट से सुलझेगा विवाद

₹1800 करोड़ के प्रस्तावित सेटलमेंट के साथ NSE और SEBI के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है.

1 hour ago