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स्विगी ने रैपिडो से नाता तोड़ा, हिस्सेदारी 2,400 करोड़ में बेची
अब स्विगी अपने मूल कारोबार पर फोकस करेगी, वहीं रैपिडो स्वतंत्र रूप से मोबिलिटी और फूड डिलीवरी दोनों में आक्रामक रूप से विस्तार करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने एक बड़ा कारोबारी फैसला लेते हुए बाइक टैक्सी स्टार्टअप रैपिडो में अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है. इस सौदे से कंपनी को करीब 2,400 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे. माना जा रहा है कि यह कदम रैपिडो के फूड डिलीवरी बिजनेस में उतरने के बाद उठाया गया है, जिससे दोनों कंपनियों के बीच सीधा प्रतिस्पर्धात्मक टकराव बन गया था.
स्विगी को दो हिस्सों में मिलेगा पैसा
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, स्विगी रैपिडो के 10 इक्विटी शेयर और 1,63,990 सीरीज डी कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर प्रोसस की सहयोगी कंपनी MIH इन्वेस्टमेंट्स वन को बेचेगी. इस हिस्से की डील 1,968 करोड़ रुपये की है. इसके अलावा, स्विगी अपने 35,958 प्रेफरेंस शेयर वेस्टब्रिज कैपिटल के सेटू AIF ट्रस्ट को बेचेगी, जिससे कंपनी को 431.5 करोड़ रुपये मिलेंगे. स्विगी का कहना है कि यह निर्णय शेयरधारकों के हितों और निवेश के मुनाफे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
2022 में किया था 180 मिलियन डॉलर का निवेश
स्विगी का यह कदम उसके 2022 के निवेश निर्णय के ठीक उलट है. उस समय कंपनी ने रैपिडो में 180 मिलियन डॉलर (लगभग 1,500 करोड़ रुपये) का निवेश किया था. तब रैपिडो का वैल्यूएशन करीब 800 मिलियन डॉलर था और उसके पास 2.5 करोड़ ग्राहक तथा 15 लाख कैप्टन (ड्राइवर) थे. तब स्विगी का मकसद डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत करना और छोटे शहरों में अपनी पकड़ बढ़ाना था.
रैपिडो की फूड डिलीवरी में एंट्री बनी विवाद की जड़
साल 2025 के मध्य तक हालात बदल गए. रैपिडो ने फूड डिलीवरी सेवा शुरू कर दी, जिसका नाम Ownly रखा गया. यह स्विगी के मुख्य बिजनेस से सीधी टक्कर में आ गया. स्विगी के सीईओ हर्ष मजेटी ने जुलाई में कहा था, “जब हम ढाई साल पहले रैपिडो में शामिल हुए थे, तब वह एक मोबिलिटी प्लेयर थी और अच्छा प्रदर्शन कर रही थी. दुर्भाग्य से, उन्होंने फूड डिलीवरी में उतरने का फैसला किया, जिससे हमारे मुख्य कारोबार में टकराव पैदा हुआ. इसलिए हमने अलग होने की योजना बनाई.” यह बयान स्पष्ट करता है कि दोनों कंपनियां अब अलग रास्तों पर आगे बढ़ेंगी.
रैपिडो जुटाने जा रही है बड़ी फंडिंग
रैपिडो फिलहाल एक बड़ी फंडिंग राउंड की तैयारी में है, जिसमें वह लगभग 500-550 मिलियन डॉलर (4,500-5,000 करोड़ रुपये) जुटा सकती है. यह फंडिंग प्राइमरी और सेकेंडरी डील का मिश्रण होगी और 2025 में भारत के वेंचर-बैक्ड स्टार्टअप्स के लिए सबसे बड़ी डील्स में से एक हो सकती है. रैपिडो न सिर्फ अपने राइड-हेलिंग बिजनेस का विस्तार कर रही है, बल्कि फूड डिलीवरी सेगमेंट में भी तेजी से पैर जमा रही है.
रैपिडो का वैल्यूएशन हुआ दोगुना
सेकेंडरी मार्केट में हुए हालिया डील्स के अनुसार, रैपिडो का वैल्यूएशन अब बढ़कर 2.3 बिलियन डॉलर (लगभग 20,300 करोड़ रुपये) हो गया है. जबकि इसी साल फरवरी में प्रोसस ने इसमें 30 मिलियन डॉलर का निवेश किया था, तब उसका वैल्यूएशन 1.1 बिलियन डॉलर था. इस लिहाज से रैपिडो का वैल्यूएशन दोगुने से भी ज्यादा हो गया है.
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