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Neet विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने काउंसिलिंग को लेकर सुनाया बड़ा फैसला, 8 को अगली सुनवाई
नीट परीक्षा में सामने आई अनियमित्ता पर एनटीए की ओर हाई पावर्ड कमिटी का गठन किया गया है. ये समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
NEET परीक्षा विवाद को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा परिणामों के बाद होने वाली काउंसिलिंग पर रोक लगाने से मना कर दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी. वहीं परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए से जवाब दाखिल करने को कहा. इस मामले में हुई धांधली के सामने आने के बाद एक ओर जहां राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल भी इसे लेकर सरकार को घेर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में NEET परीक्षा को लेकर हुई धांधली में अब कई लोग अपनी याचिका दाखिल कर चुके हैं. आज फिजिक्स वाले के नाम से मशहूर अलख पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिका में नीट (यूजी) 2024 की परीक्षा प्रक्रिया और परिणामों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमिटी बनाने की मांग की है. याचिका में विशेषज्ञ समिति को एनईईटी परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया में सुधार लाने की मांग की गई है.याचिका में एनईईटी परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया को और मजबूत करने की मांग की गई है. इन सभी में नीट परीक्षा को कैंसिल करके फिर से परीक्षा कराने की मांग की गई है. आज सुनवाई के दौरान अदालत ने एनटीए से कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद परीक्षा की पवित्रता पर सवाल उठे हैं और इस पर हमें जवाब चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी की 2024 की काउंसिलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी. मंगलवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और अहसानुद्दीन अमानुतुल्लाह ने की है.
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नंबरों को लेकर भी याचिका में जिक्र
इस पूरे मामले में नंबरों को लेकर भी याचिका में जिक्र किया गया है. याचिका में कहा गया है कि किसी भी स्टूडेंट के 720 में से 718 और 719 अंक आने पूरी तरह से असंभव हैं. जबकि एनटीए की ओर से बताया गया था कि ग्रेस मार्क्स दिए जाने के कारण ऐसा हुआ है. एनटीए की ओर से बताया गया था कि ग्रेस मार्क्स देने का फैसला परीक्षा में देरी की वजह से लिया गया है. याचिका में ये भी कहा गया है कि 29 अप्रैल को एजेंसी की ओर से जारी की गई उत्तर कुंजी में भी कई खामियां पाई गई थी. वहीं 5 मई को आयोजित परीक्षा में भी पेपर लीक की शिकायतें आई थी. हालांकि पेपर लीक पर एनटीए ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी और इससे इनकार किया था.
एनटीए की ओर से बनाई गई है हाई पॉवर्ड कमिटी
इस पूरे मामले की जांच करने के लिए एनटीए की ओर से एक हाई पॉवर्ड कमिटि बनाई गई है. यूपीएससी चेयरपर्सन की अध्यक्षता में बनाई गई ये समिति एक हफ्ते में इन अनियमित्ताओं पर अपनी रिपोर्ट देगी. एनटीए की ओर से कहा गया है कि ये मामला उन 6 सेंटरों से जुड़ा हुआ है जहां देरी से पेपर दिया गया. ये मामला सिर्फ 1600 स्टूडेंट से जुड़ा हुआ है. एनटीए का कहना है कि समिति इस मामले में जो भी सिफारिश करेगी उस पर कार्रवाई की जाएगी.
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