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ओडिशा को एल्युमिनियम हब बनाने की मजबूत पहल, हिंडलको करेगी ₹21,000 करोड़ का निवेश
आयात पर निर्भरता में कमी, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के माध्यम से यह निवेश ओडिशा को देश के प्रमुख एल्युमिनियम हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी हिंडलको इंडस्ट्रीज ने ओडिशा में अपने एल्युमिनियम कारोबार के बड़े विस्तार की घोषणा की है. कंपनी ओडिशा में ₹21,000 करोड़ के निवेश से एल्युमिनियम स्मेल्टर का विस्तार करेगी, साथ ही फ्लैट-रोल्ड प्रोडक्ट्स (FRP) और बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम फॉयल की नई विनिर्माण इकाइयों को भी चालू किया गया है.
स्मेल्टिंग क्षमता में बड़ा इजाफा
कंपनी ने बताया कि संबलपुर स्थित आदित्य एल्युमिनियम कॉम्प्लेक्स में एल्युमिनियम स्मेल्टिंग क्षमता को 3.60 लाख टन प्रति वर्ष बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा, ₹4,500 करोड़ के संयुक्त निवेश से 1.70 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली फ्लैट-रोल्ड प्रोडक्ट्स इकाई और बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम फॉयल निर्माण संयंत्र को भी कमीशन किया गया है. इन परियोजनाओं का उद्घाटन ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया.
ईवी और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र को मिलेगा समर्थन
कंपनी के अनुसार, नई बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम फॉयल इकाई भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिसका उद्देश्य देश के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र को समर्थन देना है. यह संयंत्र FRP इकाई से इनपुट लेगा और 100 गीगावॉट आवर तक की लिथियम-आयन सेल निर्माण क्षमता की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा.
ओडिशा में ₹37,000 करोड़ का कैपेक्स प्लान
ये परियोजनाएं हिंडलको के व्यापक विकास पूंजीगत व्यय कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जिसके तहत ओडिशा में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम परिचालनों पर लगभग ₹37,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है. यह निवेश पूरे भारत में कंपनी की ₹55,000 करोड़ की ग्रोथ कैपेक्स योजना का हिस्सा है.
आयात पर निर्भरता होगी कम
हिंडलको ने कहा कि बढ़ी हुई FRP क्षमता से भारत की एल्युमिनियम आयात पर निर्भरता कम होगी. वर्तमान में देश में लगभग 40 प्रतिशत फ्लैट-रोल्ड एल्युमिनियम आयात किया जाता है, और नई क्षमता के बाद इसमें लगभग आधी कमी आने की उम्मीद है. हिंडलको देश की सबसे बड़ी फ्लैट-रोल्ड एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है.
सततता और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर
स्मेल्टर विस्तार परियोजना में सततता उपायों को भी शामिल किया गया है. कंपनी अपनी बिजली आवश्यकताओं का एक हिस्सा 24x7 नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करने की योजना बना रही है, जिससे यह परियोजना हिंडलको के ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों के अनुरूप होगी.
आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि ये निवेश भारत में एक पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में हैं, जिसमें कच्चे संसाधनों से लेकर उच्च-मूल्य वाले तैयार उत्पाद शामिल होंगे. वहीं, हिंडलको इंडस्ट्रीज़ के प्रबंध निदेशक सतीश पई ने कहा कि यह विस्तार पैकेजिंग, रक्षा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की मांग को पूरा करने में कंपनी की क्षमता को मजबूत करेगा.
रोजगार और राज्य में मौजूदगी
हिंडलको पिछले 15 वर्षों से ओडिशा में संचालन कर रही है और अब तक राज्य में ₹25,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर चुकी है. कंपनी की मौजूदा इकाइयों में लगभग 23,000 लोगों को रोजगार मिला हुआ है, जबकि नए विस्तार चरण से 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है.
ओडिशा को एल्युमिनियम हब बनाने की दिशा में कदम
ओडिशा में कंपनी की व्यापक निवेश योजना में स्मेल्टर विस्तार, FRP और बैटरी फॉयल इकाइयाँ, कंसरिगुड़ा में एल्यूमिना रिफाइनरी, कोयला खनन परिसंपत्तियाँ और विशेष सामग्री निर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जिससे ओडिशा भारत में एल्युमिनियम उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा.
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