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इंडिगो पर सरकार की सख्त कार्रवाई: हर दिन 115 उड़ानें होंगी कम, DGCA ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द होने और समय पर संचालन में विफलता के बाद DGCA की सख्त कार्रवाई यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार अब परिचालन अव्यवस्था को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के भीतर बीते कुछ दिनों से चल रही परिचालन अव्यवस्था अब गंभीर संकट का रूप ले चुकी है. आठ दिनों में लगभग 5,000 उड़ानें रद्द होने से यात्रियों का भरोसा डगमगाया और हालात बेकाबू होते ही सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए एयरलाइन की रोजाना उड़ानों में कटौती का आदेश दे दिया है. DGCA की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि समय पर संचालन में विफलता को अब सख्त जवाब मिलेगा.
शेड्यूल में 5% की कटौती
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो को उसकी उड़ानों में तुरंत प्रभाव से 5% की कमी करने का निर्देश दिया है. इंडिगो रोजाना लगभग 2,300 उड़ानें संचालित करती है, ऐसे में यह कटौती करीब 115 उड़ानों को प्रभावित करेगी. DGCA ने स्पष्ट किया है कि इंडिगो अपनी उड़ानों को समय पर संचालित नहीं कर पा रही है, इसलिए उसके शेड्यूल में यह अनिवार्य कटौती लागू की गई है.
एयरलाइन को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक संशोधित शेड्यूल जमा करना होगा. सूत्र बताते हैं कि ऐसे मार्ग चुने जा रहे हैं जहाँ कटौती से कनेक्टिविटी पर कम से कम असर पड़े. यदि इंडिगो स्थिति में सुधार नहीं करती है, तो अतिरिक्त 5% कटौती भी लागू की जा सकती है.
FDTL नियम और तैयारी की कमी
1 नवंबर से लागू हुए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों ने पायलटों की मांग बढ़ा दी. इंडिगो ने इन नियमों के अनुरूप पायलट उपलब्धता की तैयारी नहीं की, बल्कि इसके उलट अपनी उड़ानों की संख्या 6% बढ़ा दी. नतीजतन, नवंबर में शुरू हुई उड़ान रद्दीकरण की समस्या दिसंबर में विस्फोटक रूप ले गई. पिछले आठ दिनों में करीब 5,000 उड़ानें रद्द हुईं, जिससे यात्रियों में भारी असंतोष फैल गया. कई शहरों के एयरपोर्ट पर हजारों लोग फंसे रह गए, जहां जानकारी उपलब्ध न होने के कारण स्थिति और बिगड़ती चली गई.
दूसरी एयरलाइनों पर क्या असर पड़ा
सर्दियों के शेड्यूल में कई एयरलाइनों के घरेलू उड़ानों में बदलाव देखने को मिले–
1. एयर इंडिया: 0.8% की कमी.
2. AI एक्सप्रेस: 6% की कमी.
3. अकासा एयर: 5.7% की कमी.
4. स्पाइसजेट: 26% से अधिक की बढ़ोतरी, 1,240 से बढ़कर 1,568 उड़ानें.
स्पाइसजेट ने इंडिगो की समस्या के बीच अपने नेटवर्क विस्तार का मौका तलाशा है.
DGCA इस पूरे प्रकरण पर बारीकी से नजर रखे हुए है. यदि इंडिगो निर्धारित समयसीमा में सुधार नहीं कर पाती, तो और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. वहीं, यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और परिचालन अव्यवस्था को देखते हुए मंत्रालय एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब कर सकता है.
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