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Steamhouse India ने SEBI के पास दाखिल किया UDRHP, जुटाएगी ₹425 करोड़
Steamhouse India अपने कम्युनिटी बॉयलर और औद्योगिक गैस व्यवसाय के लिए ₹425 करोड़ जुटाने के उद्देश्य से SEBI में UDRHP दाखिल कर चुका है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
कम्युनिटी बॉयलर सिस्टम की पायनियर Steamhouse India Limited ने SEBI के पास अपना अपडेटिड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस I (UDRHP-I) दाखिल किया है. कंपनी ने इससे पहले 1 जुलाई 2025 को Confidential Draft Red Herring Prospectus (CDRHP) फाइल किया था और 14 अक्टूबर 2025 को उस पर SEBI की टिप्पणियां प्राप्त हुई थीं. कंपनी द्वारा प्रस्तावित यह IPO कुल ₹425 करोड़ का होगा. इसमें ₹345 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹80 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है, जिसे प्रमोटर शेयरधारक विशाल संवारप्रसाद बुढ़िया द्वारा बेचा जाएगा.
Pre-IPO प्लेसमेंट की संभावना
कंपनी BRLMs की सलाह पर ₹15 करोड़ तक का Pre-IPO प्लेसमेंट कर सकती है. यदि ऐसा होता है, तो फ्रेश इश्यू का आकार उसी के अनुसार घट जाएगा.
फंड का उपयोग कहाँ होगा
कंपनी ने बताया कि IPO से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.
1. कर्ज के आंशिक या पूर्ण भुगतान के लिए.
2. अंकलेश्वर फेज 3 और पनोली फेज 2 में क्षमता विस्तार हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए.
3. दहेज SEZ में नई स्टीम जनरेशन सुविधा स्थापित करने के लिए.
4. सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए.
Steamhouse India की शुरुआत और बिजनेस मॉडल
कंपनी के प्रमोटर और CMD विशाल बुढ़िया ने 2014 में भारत में कम्युनिटी बॉयलर सिस्टम की अवधारणा शुरू की थी. कंपनी का औद्योगिक गैस व्यवसाय भाप उत्पादन और वितरण, नाइट्रोजन की आपूर्ति, और पाइपलाइन आधारित वितरण सेवाओं पर आधारित है. कंपनी वर्तमान में गुजरात में 7 कम्युनिटी स्टीम बॉयलर संचालित करती है, जिनमें से 6 उसके स्वामित्व वाले और 1 लीज पर हैं. ये वापी, अंकलेश्वर, पनोली, सरिगाम और नंदेसरी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित हैं. इसके ग्राहक फार्मा, केमिकल, टेक्सटाइल, डाई, पेंट्स, पॉलिमर्स सहित कई प्रमुख उद्योगों से जुड़े हैं. इन कम्युनिटी बॉयलर से SPM, SOx, NOx और ऐश कंटेंट में कमी आती है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलती है.
क्षमता और वितरण नेटवर्क
15 नवंबर 2025 तक कंपनी की स्थापित स्टीम क्षमता 345 टन प्रति घंटा है, जो वार्षिक 21,85,920 टन की क्षमता में बदलती है. दहेज GIDC और सचिन GIDC में कंपनी 56,236 मीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से स्टीम वितरित करती है.
नाइट्रोजन सप्लाई में विस्तार
कंपनी ने 1 फरवरी 2025 को पहली बार नाइट्रोजन उत्पादन और वितरण शुरू किया. पहला नाइट्रोजन प्रोजेक्ट अंकलेश्वर में समर्पित पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा है. भारत में यह एकमात्र कंपनी है जो नाइट्रोजन को पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई करती है, जबकि अन्य कंपनियां क्रायोजेनिक टैंक या ऑनसाइट जेनरेशन का उपयोग करती हैं. Steamhouse विभिन्न प्रकार के ईंधन जैसे कोयला, प्लास्टिक वेस्ट, टेक्सटाइल चिन्दी आदि का उपयोग करती है और अब एग्रो-वेस्ट और RDF जैसे वैकल्पिक ईंधन स्रोतों पर भी काम कर रही है.
वित्तीय प्रदर्शन
1. FY24 राजस्व: ₹2,917.10 मिलियन
2. FY25 राजस्व: ₹3,951.06 मिलियन (35.44% वृद्धि)
3. FY24 PAT: ₹271.86 मिलियन
4. FY25 PAT: ₹311.61 मिलियन
5. 6 महीने (30 सितंबर 2025 तक) राजस्व ₹2,384.17 मिलियन, PAT ₹130.85 मिलियन और 96.64% राजस्व दोबारा आने वाले ग्राहकों से प्राप्त हुआ.
उद्योग की संभावनाएँ
F&S रिपोर्ट के अनुसार FY25 में भारत की प्रोसेस स्टीम मांग लगभग 1,86,000 TPH थी. FY25 से FY30 तक इसमें 9.5% CAGR की वृद्धि का अनुमान है. पाइपलाइन आधारित इंडस्ट्रियल गैस सप्लाई भारत के उद्योगों में तेजी से लोकप्रिय विकल्प बन रही है. इस इश्यू का एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर Equirus Capital Private Limited है.
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