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Spicejet की बढ़ी परेशानी, अब सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिन में इतने मिलियन चुकाने को कहा
Spicejet को मारन बंधुओं को किए जाने वाले 100 करोड़ रुपये के भुगतान में 62.5 करोड़ रुपये दे चुका है जबकि कंपनी 37.5 करोड़ रुपये चेक से दे रही थी लेकिन मारन बंंधुओ की ओर से RTGS की मांग कर दी गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
Spicejet एक ओर जहां दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर 100 करोड़ रुपये देने की परेशानी से जूझ रही थी. अब उसके सामने एक नई परेशानी खड़ी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने Spicejet को क्रेडिट सुईस मामले में 1.5 मिलियन डॉलर अगले 4 दिनों में चुकाने को कहा है. स्पाईसजेट को जहां मारन बंधुओ को 100 करोड़ रुपये का भुगतान करने के मामले में वो 67.5 करोड़ चुका पाई है और बाकी राशि कल तक चुकाने वाली है. इन दोनों आदेशों ने कंपनी के सामने बड़ा संकट पैदा कर दिया है.
15 सितंबर तक करना है भुगतान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस मामले में आज हुई सुनवाई में Spicejet को अगली सुनवाई से पहले 5 लाख डॉलर और एक मिलियन डॉलर का भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं. लेकिन बाद में कोर्ट ने कहा कि 15 सितंबर के पहले 1.5 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा. इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी.
क्यों नहीं हो पाया पूरे 100 करोड़ का भुगतान?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दरअसल इस मामले में स्पाईसजेट की ओर से 62.5 करोड़ रुपये का भुगतान तो कर दिया गया लेकिन 37.5 करोड़ रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से किया जा रहा था. लेकिन मारन बंधुओं की ओर से इसे आरटीजीएस के माध्यम से करने की मांग की गई. Spicejet की ओर से कहा गया कि वो 10 सितंबर को इसलिए पेमेंट नहीं कर पाई क्योंकि 9 और 10 सितंबर को छुट्टी थी. इसके बाद कोर्ट ने आदेश का पालन करते हुए Spicejet को कल तक भुगतान करने का समय दे दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी.
अदालत ने मारन बंधुओं का मांगा है हलफनामा
दिल्ली कोर्ट में Spicejet की ओर से निवेदन किया गया था कि मारन बंधु उनकी संपत्ति की जानकारी की गोपनीयता को बनाएं रखें. इस पर मारन बंधुओं की ओर से कहा गया Spicejet की ओर से अपनी संपत्ति की जानकारी कोर्ट में सील बंद लिफाफे में दी है. इस पर Spicejet ने कहा कि वो जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर सकती है इससे उनकी कंपनी के हितों को नुकसान पहुंच सकता है.
इस मामले में कुल 397 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है. लेकिन कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये का भुगतान 10 सितंबर तक करने का निर्देश दिया था. इस पर मारन बंधुओं के वकील की ओर से कहा गया कि अगर ये भुगतान नहीं किया जाता है तो कंपनी के मौजूदा और भविष्य के प्रॉफिट को जब्त किया जाए. इस पर जवाब देते हुए स्पाईसजेट ने कहा कि अगर ऐसा किया जाता है तो कंपनी नुकसान में आ सकती है और उसका संचालन प्रभावित हो सकता है.
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