होम / बिजनेस / Budget 2023: कौन थे वो वित्त मंत्री जो पेश नहीं कर पाए बजट?
Budget 2023: कौन थे वो वित्त मंत्री जो पेश नहीं कर पाए बजट?
आजादी के बाद से बजट की प्रक्रिया में कई बदलाव हुए हैं. इस दौरान, कई ऐसे मौके भी आए, जो इतिहास में दर्ज हो गए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फरवरी में बजट-2023 (Budget 2023) पेश करेंगी. महंगाई की मार झेल रही जनता को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं. आजादी के बाद से बजट की प्रक्रिया में कई बदलाव हुए हैं. इस दौरान, कई ऐसे मौके भी आए, जो इतिहास में दर्ज हो गए. उदाहरण के तौर पर केसी. नेगी भारत के ऐसे वित्त मंत्री थे, जिन्होंने बजट नहीं पेश किया. क्योंकि वे केवल 35 दिनों तक वित्त मंत्री रहे. जबकि मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में सबसे अधिक 10 बार देश का बजट पेश किया.
भारतीय बजट के संस्थापक
जेम्स विल्सन को भारतीय बजट का संस्थापक भी कहा जाता है. भारत में पहला बजट 18 फरवरी 1860 को वायसराय की परिषद में जेम्स विल्सन ने ही पेश किया था. हालांकि, ये उन दिनों की बात है जब भारत आजाद नहीं हुआ था. स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आरके. शनमुखम चेट्टी ने नवंबर 26 नवंबर 1947 में पेश किया था. इसके बाद से बजट प्रक्रिया में कुछ न कुछ बदलाव होते आए हैं.
समय में किया बदलाव
बजट के समय को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदलाव किया था. पहले बजट फरवरी के अंतिम कार्य दिवस को शाम 5 पेश किया जाता था, लेकिन 2001 में सिन्हा ने बजट का समय सुबह 11 बजे कर दिया. अरुण जेटली का नाम सबसे लंबे बजट भाषणों की लिस्ट में शुमार है. उन्होंने 2014 में सबसे लंबा बजट भाषण दिया, जो 2.5 घंटे तक चला. 5 जुलाई 2019 को निर्मला सीतारमण भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं थीं.
हिंदी में भी हुई छपाई
1955 तक यूनियन बजट अंग्रेजी में पेश किया जाता था. बाद में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने बजट को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में छापने का फैसला किया. इसी तरह, रेलवे और आम बजट 2017 तक अलग-अलग प्रस्तुत किया जाता था, लेकिन मोदी सरकार ने दोनों का एक में विलय कर दिया. अब एक ही बजट में दोनों के प्रावधान होते हैं. वर्ष 1950 तक केंद्रीय बजट राष्ट्रपति भवन में छापा जाता था, लेकिन 1980 में इसके लिए नॉर्थ ब्लॉक में एक सरकारी प्रेस की स्थापना की गई.
ब्रीफकेस की जगह थैला
जवाहरलाल नेहरू बजट पेश करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री थे. उन्होंने 1958-59 में वित्त मंत्री का पोर्टफोलियो संभाला था. आमतौर पर वित्त मंत्री बजट पेश करने के लिए एक ब्रीफकेस के साथ आते थे, लेकिन सीतारमण ने इस परंपरा को बदल दिया. 2019 में वह पारंपरिक बजट ब्रीफकेस की जगह एक लाल रंग का थैला लेकर आईं थीं. बजट की तारीख में बदलाव पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया था. 2016 तक फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर केंद्रीय बजट पेश किया गया था, जेटली ने इस परंपरा को बदलते हुए 1 फरवरी कर दिया था.
टैग्स