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इस एनर्जी कंपनी की नई नियुक्तियों को मिली शेयरधारकों की मंजूरी
कंपनी में 3 लोगों की नियुक्तियों को शेयरहोल्डरों की अनुमति मिल चुकी है. ये अनुमति शेयरहोल्डरों से पोस्टल बैलेट के जरिए ली गई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
सुजलॉन एनर्जी को कंपनी में होने वाली नई नियुक्तियों को लेकर शेयर होल्डरों का अप्रूवल मिल गया है. इस नई नियुक्ति में विनोद आर तांती को प्रबंध निदेशक, गिरीश आर तांती को कार्यकारी निदेशक और प्रणव टी तांती को निदेशक नियुक्त किया जाना है. कंपनी ने अपनी BSE फाइलिंग में कहा है की विनोद तांती को प्रबंध निदेशक, गिरीश तांती को कार्यकारी निदेशक और प्रणव तांती को निदेशक के रूप में नियुक्त करने के लिए तीन प्रस्तावों को डाक मतपत्र के माध्यम से अपेक्षित बहुमत के साथ पारित किया गया है. कंपनी ने इन नियुक्तियों के लिए पोस्टल बैलेट नोटिस के जरिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी थी.
कब से प्रभावी होंगी ये नियुक्तियां
सुजलॉन एनर्जी में होने वाली ये नियुक्तियां 1 अक्टूबर, 2022 को इसके संस्थापक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तुलसी तांती के निधन के बाद एक उत्तराधिकारी चुने जाने की योजना का हिस्सा हैं. 29 सितंबर 2022 को आयोजित 27वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों ने विनोद तांती को 1 अक्टूबर, 2022 से कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक और COO के रूप में 3 टर्म के लिए नियुक्त करने की मंजूरी दी थी ये नियुक्ति साल - 30 सितंबर, 2025 तक प्रभावी रहेगी। हालाँकि, नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तुलसी आर तांती के असामयिक निधन के कारण, पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, विनोद तांती को 7 अक्टूबर, 2022 से 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। ये नियुक्ति 6 अक्टूबर, 2025 तक प्रभावी रहेगी हालांकि ये निर्णय अभी शेयरधारकों के अनुमोदन के अधीन है.
क्या करती है सुजलोन एनर्जी
सजलोन एनर्जी की स्थापना 1995 में हुई थी. सुजलॉन अग्रणी वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा समाधान प्रदाता कंपनियों में से एक है. पिछले दो दशकों में, सुजलॉन ने 6 महाद्वीपों के 17 देशों में 19.5 गीगावॉट पवन ऊर्जा स्थापित की है. सुजलॉन समूह में सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड और इसकी विभिन्न सहायक कंपनियां शामिल हैं. सुजलॉन एनर्जी ने हाल के वर्षों में, सौर ऊर्जा में भी मजबूत क्षमता विकसित की है और पवन-सौर हाइब्रिड समाधान पेश करने की योजना बना रही है. इसके द्वारा दुनियाभर में की गई पवन स्थापना अकेले हर साल 50.23 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है. सुजलॉन समूह का मैनयूफैक्चरिंग क्षेत्र पूरे भारत में फैला हुआ है और इसमें 14 सुविधाएं शामिल हैं.
सुजलॉन के कर्मचारी हैं उसकी सबसे बड़ी ताकत
सुजलॉन की सफलता 5,500 से अधिक कर्मचारियों के गतिशील कार्यबल के कारण है, जो समूह की सबसे मूल्यवान संपत्ति के रूप में जाने जाते हैं. भारत में, सुजलॉन 100+ विंड फ़ार्म और 13,600 मेगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ एक मार्केट लीडर है. इसने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित नौ राज्यों में एशिया के कुछ सबसे बड़े ऑपरेशनल ऑनशोर विंड फार्म विकसित किए हैं. समूह के विविध ग्राहक पोर्टफोलियो में निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में बिजली उपयोगिताओं और बिजली उत्पादक शामिल हैं. सुजलॉन समूह का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा को ग्राहकों के लिए सरल और लागत प्रभावी बनाना है. वास्तव में, सुजलॉन ने पवन ऊर्जा में 'कमीशनिंग की अवधारणा' मॉडल का नेतृत्व किया, जिससे यह नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में ग्राहकों की आवश्यकताओं की चौड़ाई और गहराई को पूरा करने में सक्षम हो गया.
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