Stock Market: इन शेयरों में निवेश के साथ करें दिन की शुरुआत, खुशी-खुशी बीतेगा हफ्ता!

शेयर बाजार पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन तेजी के साथ बंद हुए था. आज भी कुछ शेयरों में तेजी के संकेत मिले है.

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Monday, 12 February, 2024
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शेयर बाजार (Stock Market) के लिए पिछले हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव वाला रहा. इस दौरान, मार्केट लाल और हरी लाइन के बीच स्विच करता रहा और अंत में तेजी के साथ बंद हुआ. शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे हैवीवेट शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 167.06 अंक चढ़कर 71,595.49 के लेवल पर पहुंच गया. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 64.55 अंकों की बढ़त के साथ 21,782.50 पर बंद हुआ. चलिए जानते हैं कि आज कौनसे शेयर ट्रेंड में रह सकते हैं.

MACD ने दिए ये संकेत
मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) ने आज के लिए Welspun India, Prism Johnson, Vodafone India, Ambuja Cements, Atul और Grasim Industries के शेयरों में तेजी के संकेत दिए हैं. जिसका एक मतलब यह भी है कि आपके लिए इन शेयरों में आज मुनाफा कमाने का मौका है. हालांकि, BW हिंदी आपको सलाह देता है कि शेयर बाजार में निवेश से पहले किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से परामर्श जरूर कर लें अन्यथा आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. इसी तरह, MACD ने AIA Engineering, L&T Finance Holdings, Persistent System, Data Patterns (India), Quess Corp और Infosys में मंदी के संकेत दिए हैं. यानी इनमें गिरावट देखने को मिल सकती है, लिहाजा निवेश को लेकर सावधान रहें.

आज इन पर भी रखें
अब उन शेयरों के बारे में जानते हैं, जिनमें मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है. इस लिस्ट में Sun Pharma, SBI, Apollo Hospital, TCS, Hero MotoCorp और ONGC का नाम शामिल है. सन फार्मा के शेयर शुक्रवार को 2.21% की उछाल के साथ 1,532.80 रुपए पर बंद हुआ था. इसी तरह, SBI के शेयर 3.70%, अपोलो हॉस्पिटल के 3.25% और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में 2.02% की तेजी थी. जबकि ONGC और TCS के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. ONGC ने रविवार को अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं, जिनका असर आज कंपनी के स्टॉक पर देखने को मिल सकता है. वहीं, Cropchem, UPL, Vinati Organics और Navin Fluorine में बिकवाली का दबाव नजर आ रहा है. 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).


Semiconductor Plants पर कैबिनेट ने लिए बड़ा फैसला, TATA का खिल जाएगा चेहरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर प्लांट्स के 3 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 1.26 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले सेमीकंडक्टर प्लांट्स (Semiconductor Plants) के लिए तीन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी, जिनमें से दो गुजरात और एक असम का है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन प्रस्तावों में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की PSMC द्वारा गुजरात के धोलेरा में शुरू किया जाने वाले भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब (Semiconductor Fab) भी शामिल है, जिस पर करीब 91,000 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा. 

इतनी होगी Fab की क्षमता
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (IT minister Ashwini Vaishnaw) ने आज यानी गुरुवार को बताया कि टाटा और PSMC गुजरात के धोलेरा (Dholera) में भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब बनाएंगी. इसकी क्षमता प्रति माह 50,000 वेफर्स की होगी. उन्होंने आगे कहा कि इस चिप फैब स्कीम से 26,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से और लगभग 1 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.

इसे भी मिल गई मंजूरी
IT मिनिस्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को देश में सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने का अहम फैसला लिया है. पहला कमर्शियल सेमीकंडक्टर फैब टाटा और पावरचिप-ताइवान द्वारा धोलेरा में स्थापित किया जाएगा. साणंद में स्थापित होने वाले माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट के बाद अब धोलेरा में एक फैब तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही कैबिनेट ने असम में 27,000 करोड़ की लागत वाली टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली टेस्ट की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट को भी मंजूरी दे दी है.  

यहां भी लगेगा प्लांट
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि CG पावर और जापान की रेनेसा गुजरात के साणंद में 7,600 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से प्रतिदिन 15 मिलियन चिप्स का उत्पादन करने वाला सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करेंगी. ये प्लांट अमेरिका की मेमोरी चिप निर्माता कंपनी माइक्रोन द्वारा स्थापित किए जा रहे 22,516 करोड़ रुपए के चिप असेंबली प्लांट के अतिरिक्त है. 


इस एनर्जी कंपनी को मिला बड़ा आर्डर, एक्सपर्ट बोले अभी दांव लगाने से होगा लाभ

एक्सपर्ट्स के अनुसार Suzlon Energy के शेयर आने वाले समय में तेजी से बढ़ सकते हैं. पिछले पांच वर्ष से कंपनी के शेयर लगातार बढ़ रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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शेयर बाजार में इन दिनों खूब उथल पुथल चल रही है. किसी कंपनी के शेयर बुरी तरह से गिर रहे हैं, तो कुछ नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. ऐसे ही बृहस्पतिवार को Suzlon Energy (सुजलॉन एनर्जी लिमिटिड) के शेयर सुर्खियों में रहे. इस कंपनी के शेयर 43 रुपये पर सपाट कारोबार कर रहे हैं. ऐसे में एक्सपर्ट्स की मानें तो कमय समय में ही इसके शेयर की कीमत आने वाले समय में बढ़ सकती है और अभी इस पर दांव लगा लगाने पर लोगों को भारी मुनाफा प्राप्त होगा.

पवन टर्बाइनों की सप्लाई के लिए कंपनी को मिला 30 मेगावाट का आर्डर

कंपनी ने एक्सचेंज फाइल में कहा है कि उन्होंने 3 मेगावाट की रेडेट क्षमता वाले 10 पवन टर्बाइनों की सप्लाई के लिए 30 मेगावाट का आर्डर जीता है. यह आर्डर कंपनी को ईडीएफ रिन्यूएबल्स से मिला है. कंपनी ने कहा कि यह परियोजना गुजरात में स्थित है, जिसकी कुल स्थापित क्षमता 30 मेगावाट है और इस परियोजना से उत्पन्न बिजली गुजरात एनर्जी विकास निगम लिमिटिड से सप्लाई की जाएगी.

कम अवधि में 55 से 60 रुपये तक बढ़ेगा शेयर का भाव

एक्सपर्ट्स के अनुसार कम समय में ही यह शेयर 60 रुपये तक पहुंच जाएगा. चार्ट पैटर्न पर सुजलॉन के शेयर की कीमत प्रभावी दिख रही है. जिन लोगों के स्टाक पोर्टफोलियो में सुजलॉन के शेयर लिए हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे 45 रुपये के स्तर पर स्टाप लास बनाए रखते हुए एनर्जी शेयर को अपने पास रखें. सुजलॉन के शेयर कम समय में 55 से 60 रुपये तक पहुंच सकते हैं.

लगातार बढ़ रही शेयर की कीमत

कंपनी के शेयर सालभर में 40.5 प्रतिशत तक बढ़ा है. इस दौरान इसकी कीमत 8 रुपये से वर्तमान कीमत तक पहुंच गई है. वहीं, पिछले पांच साल से कंपनी के शेयर 67.8 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुके हैं. इसका 52 वीक हाई प्राइस 50.72 रुपये और लो प्राइस 6.96 रुपये है. इसका मार्केट कैप 57, 738.55 करोड़ रुपये है. कंपनी का चालू वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर -दिसंबर) में मुनाफा करीब 160 प्रतिशत  की बढ़ोतरी के साथ 203.04 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का पिछले वित्त वर्ष 2022-23 की समान तिमाही में मुनाफा  78.28करोड़ रुपये था. कंपनी ने हाल ही में उसकी कुल आय बढ़ाकर 1, 569.71 करोड़ रुपये हो गई. 2022 की समान अवधि में यह 1, 464.15 करोड़ रुपये थी.   


अब Small Cap और Midcap में आपका फंड होगा ज्‍यादा सुरक्षित, SEBI ने उठाया ये कदम 

पिछले कुल सालों में इस फंड की ग्रोथ पर नजर डालें तो वो बेहतर रही है. इसी का नतीजा है कि लोग इन फंड की ओर ज्‍यादा आकर्षित हो रहे हैं. 

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Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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बीते कुछ सालों में म्‍यूचुवल फंड सेक्‍टर में हो रहे निवेश में जो बात नोटिस की जा रही है वो ये कि स्‍मॉल कैप और मिडकैप फंड में लोग जमकर निवेश कर रहे हैं. क्‍योंकि इस तरह के फंड को लेकर बीते कुछ सालों में रिटर्न ज्‍यादा देखने को मिला है. ऐसे में इनमें निवेश करने वालों की बाढ़ सी आ गई है. लेकिन अब सेबी ने इन फंड में निवेश करने वालों की पूंजी की सुरक्षा के लिए कदम उठाते हुए सभी कंपनियों को कहा है कि वो  बताएं कि आखिर निवेशकों के पैसे की सुरक्षा के लिए वो क्‍या कदम उठा रहे हैं. 

क्‍या है सेबी का प्‍लॉन? 
दरअसल बीते कुछ समय में स्‍मॉल कैप और मिडकैप फंड में निवेश करने वालों की तादात में इजाफा हुआ है. ऐसे में सेबी को लगता है कि इन निवेशकों के पैसे की सुरक्षा की जानी चाहिए. सेबी ने इस संबंध में निवेश संरक्षण नीति बनाई है. इसके दो पहलू हैं. इसमें पहला हो रहे बड़े निवेश को नियंत्रित करना और निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित करना है. सेबी की ओर से कहा गया है कि म्‍यूचुवल फंड के फंड मैनेजरों को निवेशक की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताना चाहिए. दूसरा पहलू ये है कि अगर निवेशक जल्‍दी रिडेम्‍पशन करता है तो उसे नुकसान न हो.  

ये है सेबी की चिंता का कारण 
दरअसल पिछले कुछ समय में स्‍मॉल कैप और मिड कैप फंड में निवेशकों ने जबरदस्‍त निवेश किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लेकिन ये आशंका भी पैदा हो रही है कि ये उछाल ज्‍यादा हो सकता है. इसी तरह की सुरक्षा को बढ़ाते हुए पहले ही कई फंड मैनेजर कुछ कदम उठा चुके हैं. इसमें एसबीआई म्‍युचुवल फंड, निप्‍पॉन इंडिया, कोटक और टाटा म्‍युचुवल फंड जैसे कुछ एसेट मैनेजरों ने पहले ही स्‍मॉल कैप योजनाओं की सदस्‍यता पर प्रतिबंध लगा दिया है. 

किस फंड में हुआ है कितना इजाफा? 
अगर पिछले तीन महीनों में एसएंडपी बीएसई स्‍मॉल कैप टीआरई (कुल रिटर्न इंडेक्‍स) और एसएंडपी बीएसई मिडकैप टीआरआई में 16.9% और 16.11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. अगर पिछले एक साल में इनकी ग्रोथ पर नजर डालें तो 70.64 प्रतिशत और 59. 08 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. एसएंडपी बीएसई 250 स्मॉलकैप को एसएंडपी बीएसई 500 के भीतर कुल बाजार पूंजीकरण द्वारा 250 स्मॉल-कैप कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है जो एसएंडपी बीएसई 100 या एसएंडपी बीएसई 150 मिडकैप का हिस्सा नहीं हैं.

ये भी पढ़ें; इस IPO में पैसा लगाने वालों की हुई चांदी, इतने प्रतिशत तक हुआ मुनाफा


 


हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी, IndiGo इन नए मार्गों पर शुरू करेगी फ्लाइट्स का संचालन

IndiGo एयरलाइन ने 6 नए घरेलू मार्गों शुरू करने की घोषणा की. इससे देश में यात्रा करने वाले व्यवसायिक यात्रियों और पर्यटकों को लाभ होगा.

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Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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देश के भीतर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए IndiGo एयरलाइन  ने 6 नए घरेलू मार्ग शुरू करने की घोषणा की है. यह हवाई यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. इन नए मार्गोें के शुरू होने के लिए यात्रियों को लाभ होगा. देश में एयरलाइन का उद्देश्य व्यावसायिक यात्रियों और पर्यटकों दोनों के लिए घरेलू (Domestic) और अंतर्राष्ट्रीय (International) डेस्टिनेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करना है. कम लागत वाली इंडिगो ने यात्रियों के लिए 6 नए घरेलू मार्गों की घोषणा की है, जो अहमदाबाद, लखनऊ और कोलकाता सहित कई शहरों से जुड़ेंगे. 31 मार्च से इंडिगो के हवाई जहाज इन मार्गों पर नई उड़ान भरेंगे.

इन नए मार्गों पर उड़ान भरेंगे इंडिगो के हवाई जहाज

IndiGo एयरलाइन ने 31 मार्च से अहमदाबाद-राजकोट, अहमदाबाद-औरंगाबाद, भोपाल-लखनऊ और इंदौर वाराणसी के बीच सीधी उड़ानों की घोषणा की. वहीं, 10 अप्रैल से 21 अप्रैल तक कोलकाता-श्रीनगर और कोलकाता-जम्मू के बीच हवाई जहाज सीधी उड़ान भरेंगे. एयरलाइन द्वारा 10 अप्रैल से श्रीनगर के रास्ते कोलकाता-जम्मू के बीच एक कनेक्टिंग फ्लाइट की भी घोषणा की गई है.

व्यावसायिक यात्रियों और पर्यटकों को सुविधा देने के लिए नए मार्गों की शुरुआत

एयरलाइन का उद्देश्य व्यावसायिक यात्रियों और पर्यटकों दोनों के लिए पहुंच बढ़ाते हुए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों तक कनेक्टिविटी प्रदान करना है. आज के समय में लोगों द्वारा हवाई यात्रा के बढ़ते चलन और नए हवाई अड्डों की स्थापना के कारण घरेलू यात्रा की मांग बढ़ रही है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एयर पैसेंजर ट्रैफिक 2030 तक 860 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, यह आर्थिक विकास, व्यापार, वाणिज्य और रोजगार के अवसरों को सुविधाजनक बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेंगा. 

इंडिगो के ग्लोबल सेल्स हेड ने कहा

इंडिगो के ग्लोबल सेल्स हेड विनय मल्होत्रा ​​ने कहा है कि जैसे-जैसे छुट्टियों का मौसम नजदीक आता है, इंडिगो द्वारा भारत के अंदर नए मार्गों का पता लगाने और अधिक विकल्प तलाशने के लिए प्रयास करते रहते हैं. हमें विश्वास है कि ये नए मार्ग यात्रियों के लिए न केवल यात्रा के अनुभवों को बनढ़ाएंगे, बल्कि विभिन्न राज्यों में आर्थिक संबंधों को भी मजबूत बनाने के लिए सहायक होंगे.


मुश्किल वक्त में यह दिग्गज निवेशक छोड़ रहा Paytm का हाथ, फिर घटाई हिस्सेदारी 

पिछले महीने भी सॉफ्टबैंक ने Paytm में अपनी हिस्सेदारी घटाई थी. अब उसकी हिस्सेदारी 5% से भी कम रह गई है.

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Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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पेटीएम (Paytm) की मुश्किलों का अंत नहीं हो रहा है. रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद से कंपनी को हर रोज किसी न किसी नेगेटिव खबर का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच, जापान के दिग्गज सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन (SoftBank) ने Paytm में अपनी हिस्सेदारी घटा दी है. नतीजतन Paytm की पैरेंट कंपनी- वन97 कम्युनिकेशंस के शेयर धड़ाम से नीचे आ गए हैं. खबर लिखे जाने तक कंपनी के शेयर 3.87% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.

लगातार कम हुई हिस्सेदारी 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन ने Paytm में 2.17 प्रतिशत हिस्सेदारी कम कर दी है. इससे पहले, जनवरी में भी सॉफ्टबैंक ने पेटीएम में हिस्सेदारी घटाई थी. सितंबर 2022 तक सॉफ्टबैंक समूह की पेटीएम में 17.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. अब यह 5 प्रतिशत से भी कम होकर केवल 2.83% रह गई है. इससे अंदाजा हो जाता है कि जापान का यह दिग्गज समूह संकट में फंसी Paytm से पूरी तरह बाहर निकलना चाहता है. 

ऐसा रहा Stocks का हाल
वैसे, सॉफ्टबैंक समूह दूसरे भारतीय स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न में भी हिस्सेदारी घटा रहा है. हाल के महीनों में उसने जोमैटो, डेल्हीवरी जैसी बड़ी कंपनियां में हिस्सेदारी कम की है. वन97 कम्युनिकेशंस के शेयर की बात करें, तो गुरुवार को कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट में फंस गए. हालांकि, दिन चढ़ने के साथ गिरावट थोड़ी कम हुई. दोपहर 2 बजे के आसपास कंपनी के शेयर 390.50 रुपए के भाव पर मिल रहे थे. बीते एक महीने में इस शेयर में 48.70% की गिरावट आई है. इसमें सबसे ज्यादा नरमी रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद देखने को मिली है.

इधर भी परेशानी वाली खबर  
उधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Paytm की मुश्किलें बढ़ाने वाली खबर सुनाई है. दरअसल, RBI ने ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon की फिनटेक शाखा Amazon Pay को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए मंजूरी दी है. अमेजन के पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस को अप्रूव कर दिया है. अभी तक Amazon पेमेंट ऐप का लाइसेंस लेकर काम कर रही थी. इस मंजूरी से पेटीएम के लिए परेशानी और बढ़ जाएगी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेटीएम यूपीआई ऐप के करीब नौ करोड़ यूजर्स हैं. इनमें से यूनिक यूजर्स की संख्या 1.5 करोड़ है. बड़ी संख्या में Paytm के यूजर्स ने दूसरे UPI ऐप्स भी अपने मोबाइल पर इंस्टॉल किए हैं. ऐसे में Amazon Pay के पेमेंट एग्रीगेटर बनने से Paytm को अपना यूजर बेस और दरकने का खतरा बना रहेगा.


इम्पोर्ट के आंकड़े दे रहे गवाही, इस कैटेगरी में चीन अब भी हमारा चहेता!

दिसंबर में सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग से लैपटॉप-टैबलेट का आयात घटा है, लेकिन चीन से इम्पोर्ट में इजाफा हुआ है.

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Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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चाइनीज सामान के बहिष्कार की मुहिम सहित तमाम कारणों के चलते चीन से भारत के आयात में कमी आई है. हालांकि, कुछ आइटम्स ऐसे हैं, जिनके मामले में चीन अब भी हमारा चहेता बना हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन से लैपटॉप और टैबलेट जैसे पर्सनल कंप्यूटरों के आयात में पिछले साल दिसंबर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. जबकि नवंबर में इसमें कमी आई थी. दिसंबर में इस कैटेगरी में इम्पोर्ट 11.3 प्रतिशत तक बढ़ा और इस दौरान करीब 27.6 करोड़ डॉलर के कंप्यूटर चीन से भारत आए. दिलचस्प बात ये है कि वाणिज्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर में चीन से कुल माल आयात 0.8 फीसदी घटा है.

यहां से कम हुआ इम्पोर्ट
2023 के आखिरी महीने यानी दिसंबर में सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग से लैपटॉप-टैबलेट का आयात घटा है. सिंगापुर से इम्पोर्ट 66.1 प्रतिशत घटकर 1.16 करोड़ डॉलर रहा. इसी तरह, हॉन्ग कॉन्ग से आयात 41.8 प्रतिशत की कमी के साथ 1.36 करोड़ डॉलर पहुंच गया. जबकि दिसंबर में इन इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी बढ़कर 89.4 प्रतिशत हो गई. जबकि अप्रैल से दिसंबर, 2023 तक यह 76.4 प्रतिशत ही थी. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के इम्पोर्ट पर नजर रखने के लिए नवंबर में ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू की थी. नतीजतन चीन से इन वस्तुओं के आयात में 14% और कुल आयात में 17% की गिरावट देखने को मिली.

पहले हुआ था ये ऐलान
पिछले साल 3 अगस्त को केंद्र सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट, ऑल-इन-वन PC जैसे IT हार्डवेयर उत्पादों को प्रतिबं​धित श्रेणी में रखने का ऐलान किया था. सरकार की इस घोषणा से कारोबारियों में यह डर बैठ गया कि आयात के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया जाएगा. इसी वजह से लैपटॉप और टैबलेट का आयात सितंबर में 41.8% और अक्टूबर में 29.7% बढ़ गया था. हालांकि, इंडस्ट्री द्वारा व्यक्त की गई चिंता को देखते हुए सरकार ने फैसला टाल दिया था. बाद में सरकार ने अपना रुख नरम करते हुए कहा कि किसी भी देश से इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के आयात पर रोक नहीं लगाई जाएगी. इसके साथ ही नई ऑनलाइन आयात मंजूरी प्रणाली भी शुरू की गई..


इस IPO में पैसा लगाने वालों की हुई चांदी, इतने प्रतिशत तक हुआ मुनाफा

कंपनी का आईपीओ ओवरऑल 8 गुना से ज्‍यादा सब्‍सक्राइब हुआ था. कंपनी पूर्वोत्‍तर भारत में अपनी अस्‍पतालों की चेन चलाती है 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 29 February, 2024
Last Modified:
Thursday, 29 February, 2024
IPO

हेल्‍थकेयर सेक्‍टर में कई अस्‍पतालों की चेन चलाने वाली कंपनी GPT हेल्‍थकेयर लिमिटेड का आईपीओ गुरुवार को बाजार में लिस्‍ट हो गया. कंपनी का लॉट जिस किसी भी निवेशक को मिला उसे अच्‍छा मुनाफा हो गया. हर शेयर पर 15 प्रतिशत तक मुनाफा मिला है. इस कंपनी के शेयर का इश्‍यू प्राइस 186 रुपये था. 

एक लॉट पर हुआ कितना मुनाफा? 
पूर्वी भारत में अस्‍पतालों की चेन चलाने वाली GPT हेल्‍थकेयर लिमिटेड का आईपीओ जब आज बाजार में लिस्‍ट हुआ तो इसमें पैसा लगाने वाले निवेशक को 15 प्रतिशत से ज्‍यादा का मुनाफा हुआ. कंपनी ने जब आईपीओ को सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खोला था उस वक्‍त इसका प्राइस 186 रुपये था. जबकि बाजार में शेयर 216.15 रुपये पर लिस्‍ट हुआ. इसके बाद के ट्रेडिंग सत्रों में शेयर 219 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इस कंपनी का आईपीओ 22 फरवरी को खुला था जबकि 26 फरवरी तक लोग इसमें बोली लगा सकते थे. 

इतने गुना हुआ था सब्‍सक्राइब 
अगर आईपीओ के साइज की बात करें तो वो 525.14 करोड़ रुपये था. GPT हेल्‍थकेयर लिमिटेड के आईपीओ को कुल 8.52 गुना सब्‍सक्रिप्‍शन मिला था. इसमें क्‍वॉलीफाइड इंस्‍टीट्यूशनल बॉयर्स का हिस्‍सा 17.30 गुना, नॉन इंस्‍टीट्यूशनल का हिस्‍सा 11.02 गुना और रिटेल निवेशकों ने 2.44 गुना भरा था. इस आईपीओ के तहत 40 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए थे, जबकि 26082786 शेयरों को ऑफर फॉर सेल के लिए रखा गया था. 

क्‍या करती है GPT हेल्‍थकेयर लिमिटेड? 
हेल्‍थकेयर सेक्‍टर की ये कंपनी पूर्वी भारत में अपने अस्‍पतालों की चेन चलाती है. कंपनी के पास 4 बड़े अस्‍पताल हैं जिसके कुल बेड की संख्‍या 561 है. कंपनी 35 से अधिक विशेषताओं और सुपर स्‍पेशलियटी को कवर करती है. कंपनी के पास कोलकाता में एक 85 बेड की क्षमता वाली सॉल्‍क लेट फैसिलिटी भी है. कंपनी के पास कोलकाता के दमदम में 155 बेड का अस्‍पताल है. कंपनी के पास त्रिपुरा में भी एक अस्‍पताल है जो 205 बेड की क्षमता वाला है, जिनमें से 66 बेड आईसीयू और एचडीयू में है. 

ये भी पढ़ें: Paytm को लेकर पहले ही बढ़ गई थी शिकायतें, इतने हजार शिकायतें हुई दर्ज


Viacom18, Disney से डील के बाद Reliance के शेयर उछले, यहां पहुंचा कंपनी का मार्केट कैप…

रिलायंस (Reliance Industries Ltd), वॉयकाम18 (Viacom18)  और डिज्नी (Disney) के बीच हुआ समझौता, इसमें रिलायंस की 16.34,  जबकि वॉयकाम18 की 46.82 और डिज्नी की 36.84 प्रतिशत हिस्सेदारी

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Published - Thursday, 29 February, 2024
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Thursday, 29 February, 2024
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भारत के दिगगज उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी  रिलायंस इडस्ट्रीज (Reliance Industries Ltd) के शेयर बृहस्पतिवार को उछाल मारकर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गए. शेयर 3.12 प्रतिशत से बढ़कर 52-सप्ताह के नए उच्चतम स्तर 2,999.85 रुपये पर पहुंच गए, जिससे कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 20.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह उछाल Reliance के Viacom18 और Disney के साथ हुए एक Joint Venture समझौते के बाद देखने को मिली. इससे रिलायंस को काफी लाभ पहुंचने वाला है और भारतीय मीडिया क्षेत्र में उसका दबदबा भी बढ़ेगा.

Joint Venture से भारतीय मीडिया क्षेत्र में बढ़ेगा  रिलायंस का दबदबा

 रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd)) के शेयरों में बृहस्पतिवार को ट्रेडिंग सत्र के दौरान और अधिक उछाल आया, जब कंपनी ने मीडिया उपक्रमों के विलय के लिए वायाकॉम 18 और डिज्नी के साथ एक Joint Venture (जेवी) बनाने के लिए एक समझौते की घोषणा की. शेयर ने अब तक पहली बार ये स्तर छुआ है. इस समझौते के बाद Reliance Industries भारतीय मीडिया क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरेगी. इससे रिलायंस को वितरण क्षमता और टीवी चैनलों, खेल अधिकारों और डिजिटल परिसंपत्तियों के एक उल्लेखनीय पोर्टफोलियो का संयोजन मिलेगा.  रिलायंस अपनी विकास रणनीति के लिए Joint Venture  में 1,150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. लेनदेन में Joint Venture का मूल्य 70,400 करोड़ रुपये है.

Joint Venture में किसकी कितनी हिस्सदारी?

बुधवार को  रिलायंस शेयर 2,909 रुपये पर बंद हुआ था. Joint Venture में Reliance की 16.34 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि Viacom18 के पास 46.82 प्रतिशत और Disney  को 36.84 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी. Viacom18 TV18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड की सहायक कंपनी है, जो बदले में नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है, जिसमें रिलायंस की 73.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

समझौते से Reliance को कितना लाभ ?

मीडिय़ा रिपोर्ट्स के अनुसार प्रस्तावित Joint Venture में जियो सिनेमा और स्टार इंडिया (कलर्स, स्टारप्लस, स्टारगोल्ड, स्टार स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स18) शामिल हैं और Joint Venture   रिलायंस द्वारा नियंत्रित किया जाएगा. रिलाइंस  के पास अगले 3-5 वर्षों तक 14-15 प्रतिशत ईपीएस सीएजीआर हासिल करने के लिए सभी व्यवसायों में अग्रणी क्षमता है और यही देखते हुए कि Viacom18 में Reliance की प्रभावी हिस्सेदारी 71 प्रतिशत है, Joint Venture में Reliance की प्रभावी हिस्सेदारी 49.6 प्रतिशत हो सकती है.

 


अब इस विदेशी कंपनी को Bharat लाने की तैयारी में अंबानी, इन्हें मिलेगी सीधी चुनौती! 

रिलायंस और ब्रिटिश फैशन रिटेलर प्राइमार्क के बीच बातचीत चल रही है. अंबानी प्राइमार्क की भारत में एंट्री करवा सकते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 29 February, 2024
Last Modified:
Thursday, 29 February, 2024
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अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) आजकल अलग-अलग सेक्टर्स की दिग्गज कंपनियों की टेंशन बढ़ाने में लगे हुए हैं. एक तरफ जहां उन्होंने कोला बाजार में श्रीलंका की एलिफेंट हाउस के साथ पार्टनरशिप का ऐलान करके Pepsi और Coca-Cola की चुनौतियों में इजाफा किया है. वहीं, रिटेल स्पेस में उन्होंने टाटा, लैंडमार्क ग्रुप और शॉपर्स स्टॉप को कड़ी टक्कर देने का मन बना लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) दिग्गज ब्रिटिश फैशन रिटेलर प्राइमार्क (Primark) को भारत लाने की तैयारी में है. 

पहले से चल रही है कोशिश
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि Primark सस्ते कपड़े और जूतों के लिए प्रसिद्ध है. पिछले कुछ समय से यह ब्रैंड भारत में एंट्री की कोशिशों में लगा है और मुकेश अंबानी उसकी इस कोशिश को सफल बनाने की तैयारी कर रहे हैं. Primark की पैरेंट एसोसिएट्स ब्रिटिश फूड्स (Associated British Foods) है, जो लंदन की लिस्टेड कंपनी है. इसके दुनिया भर में 400 से अधिक स्टोर हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्राइमार्क की भारत में एंट्री का सीधा मतलब है टाटा ग्रुप के जूडियो, लैंडमार्क ग्रुप के MAX और शॉपर्स स्टॉप के इनट्यून को कड़ी टक्कर मिलने वाली है. 

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आर्थिक सेहत है दमदार 
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में बताया गया है कि प्राइमार्क और रिलायंस के बीच साझेदारी एक संयुक्त उद्यम या लाइसेंसिंग समझौते के माध्यम से हो सकती है. बता दें कि कोरोना महामारी के प्रभाव के बावजूद, इस ब्रिटिश ब्रैंड के रिवेन्यु में हाल के वर्षों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है. इसका एक प्रमुख कारण ये है कि प्राइमार्क के कपड़े और जूतों की औसत कीमत दूसरे प्रमुख रिटेलर्स से कम है. Primark के सोर्स की बात करें, तो ब्रिटेन की ये कंपनी चीन पर काफी हद तक निर्भर है. इसके बाद दूसरा नंबर भारत का आता है. हमारे देश की कई छोटी-बड़ी कंपनियां इसके लिए सप्लाई करती हैं. 

इस पर निर्भर है सफलता
Primark ग्लोबल लेवल पर काफी मजबूत ब्रैंड है, लेकिन भारत में उसकी सफलता कई बातों पर निर्भर है. मसलन, वो भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों को किस तरह पूरा करता है, उसकी प्रोडक्ट रेंज देश में मौजूद दूसरे ब्रैंड की तुलना में कितनी कम है, आदि. टाटा ग्रुप का जूडियो और लैंडमार्क ग्रुप का MAX इसलिए अपनी पकड़ बना पाए हैं, क्योंकि यहां मिलने वाले उत्पाद सस्ते और अच्छे होते हैं. किफायती फैशन सेगमेंट में इन दोनों ने ही अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर ली हो. वैसे, इस कैटेगरी में रिलायंस के ट्रेंड्स और यूस्टा भी आते हैं. बता दें कि प्राइमार्क की मौजूदगी कई देशों में है और इसे 1969 में Arthur Ryan ने स्थापित किया था. पिछले साल तक इसमें करीब 76,000 कर्मचारी काम करते थे.


Paytm को लेकर पहले ही बढ़ गई थी शिकायतें, इतने हजार शिकायतें हुई दर्ज 

पेटीएम को लेकर जिस तरह से पिछले साल शिकायतों में इजाफा हुआ वो उसके पहले के सालों के मुकाबले काफी ज्‍यादा है.

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Published - Thursday, 29 February, 2024
Last Modified:
Thursday, 29 February, 2024
Paytm

Paytm को लेकर भले ही आरबीआई ने कार्रवाई इस साल 31 जनवरी को की हो लेकिन ग्राहकों की शिकायतें पिछले साल से ही बढ़ गई थी. आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले साल 31 मार्च 2023 तक 66751 लोगों ने शिकायत की थी. जबकि पिछले साल से पहले शिकायतों का ये नंबर काफी कम हुआ करता था. ऐसे में सवाल ये पैदा हो रहा है कि पेटीएम की अनियमित्‍ता से लोग काफी पहले ही परेशान होने लगे थे. 

आखिर पिछले साल कितनी शिकायतें आई सामने? 
मीडिया रिपोर्ट की मानें पिछले साल 31 मार्च 2023 तक पेटीएम पेमेंट बैंक की सेवाओं को लेकर 66751 लोगों ने शिकायत दर्ज की थी. जबकि अगर पिछले साल या उससे भी पहले 21-22 में नजर शिकायतों के नंबर पर नजर डालें तो वो काफी कम हुआ करती थी. पिछले साल यानी 31 मार्च 2022 तक पेटीएम के खिलाफ लोगों की शिकायत का आंकड़ा देखें तो वो 26692 हुआ करता था. इसी तरह वित्‍त वर्ष 21 में ये शिकायतें 25988 हुआ करती थी और वित्‍त वर्ष 2020 में ये शिकायतें 14369 हुआ करती थी. 

आखिर किस तरह की हुआ करती थी ये शिकायतें 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये शिकायतें पेटीएम के यूजर जनरेटेड हुआ करती थी.यूजर जनरेटेड इस तरह की शिकायतों को पेटीएम सामान्‍य तौर पर 5 से 6 दिनों में निपटा दिया करता है. मौजूदा समय में पेटीएम रिजर्व बैंक की कार्रवाई का सामना कर रहा है. इस कार्रवाई में उसके पेटीएम बैंक को बंद कर दिया गया है जबकि उस पर किसी तरह के पेमेंट को लेने की और नए ग्राहक को इनरोल करने की भी रोक लगा दी गई है. पेटीएम के बोर्ड से विजय शेखर ने इस्‍तीफा दे दिया है और अब बोर्ड को फिर से गठित करना पड़ा है. 

15 मार्च तक सेवाएं दे रहा है पेटीएम पेमेंट बैंक 
आरबीआई ने पहले पेटीएम के लिए 29 फरवरी की आखिरी कार्यदिवस तय किया था. लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 15 मार्च कर दिया. 15 मार्च 2024 के बाद ग्राहक इस बैंक का इस्‍तेमाल नहीं कर पाएंगे. ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वो अपना बैंक बदल लें. यही नहीं स्‍वयं पेटीएम ने अपने नोडल बैंक को बदल दिया है और उसका नोडल खाता एक्सिस में ट्रांसफर हो चुका है. 

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