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SEBI का मैकेनिकल ऑर्डर : SAT ने 1 लाख रुपये का लगाया जुर्माना
SAT ने SEBI को तथ्यों का समग्र रूप से परीक्षण करने और यांत्रिक आदेश पारित करने में संयम बरतने की सलाह दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पलाक शाह
बाजार नियामक सेबी (SEBI) पर 'यांत्रिक आदेश' (mechanical order) पारित करने के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सिक्योरिटीज एंड एप्लेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने SEBI अधिकारियों को "तथ्यों का समग्र रूप से परीक्षण करने और यांत्रिक आदेश पारित करने में संयम बरतने" की सलाह दी है. यह मामला SRBC, एक प्रतिष्ठित CA फर्म से जुड़ा है, जो एक सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी, Infibeam Avenues का ऑडिटर था. सेबी के न्यायाधीश अधिकारी (AO) ने 29 जून, 2022 को SRBC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. सैट ने जुर्माना रद्द कर दिया और SEBI पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, साथ ही सेबी अधिकारियों को "तथ्यों का समग्र रूप से परीक्षण करने और यांत्रिक आदेश पारित करने में संयम बरतने" की सलाह भी दी.
सेबी की व्याख्या को बताया काल्पनिक और अस्थिर
सैट ने सेबी की व्याख्या को "काल्पनिक और अस्थिर" बताया, .इसके अलावा सैट ने सेबी के इस बयान को खारिज कर दिया कि जुर्माना तभी लगाया जाना चाहिए जब उल्लंघन जानबूझकर हुआ हो या सुधारात्मक उपाय किए गए हों. उन्होंने यह भी जोर दिया कि इस प्रकार का दृष्टिकोण हास्यास्पद परिणामों का कारण बनेगा.
ये है पूरा मामला
SEBI ने 1 अगस्त, 2016 से 30 जून, 2017 के बीच Infibeam Avenues के शेयरों की ट्रेडिंग की जांच की. जांच में पता चला कि SRBC & Co. LLP, IAL के एक कानूनी ऑडिटर, ने अनजाने में तीसरे पक्ष के साथ अस्वीकृत मूल्य संवेदनशील जानकारी (UPSI) साझा की थी. विशेष रूप से, दिसंबर 2016 की तिमाही के लिए मसौदा वित्तीय परिणामों को हिरन पटेल , SRBC & Co. LLP के एक क्लाइंट को भेजा गया था, जो IAL से संबंधित नहीं थे, जबकि उन्हें सही प्राप्तकर्ताओं, सुनील भगत (VP-Finance) और हरेन पाध्या (CFO) को भेजा जाना था. वहीं, अपीलकर्ताओं ने तर्क दिया कि ईमेल गलती से हिरेन पटेल को भेजा गया था क्योंकि पहले नाम समान थे और उन्होंने दावा किया कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी. उन्होंने तात्कालिक सुधारात्मक कदम उठाए, जिसमें फॉलो-अप ईमेल भेजना, UPSI ईमेल को वापस लेना और श्री पटेल के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर उसे हटाने की प्रक्रिया शामिल थी. भले ही सेबी के एओ ने गलती को अनजाने में स्वीकार किया और यह भी माना कि लीक की गई UPSI पर व्यापार करने का कोई प्रमाण नहीं था, फिर भी एओ ने SRBC & Co. LLP को UPSI के अनजाने में लीक होने से बचने के लिए कोई तंत्र लागू न करने के लिए जिम्मेदार ठहराया. एओ ने सेबी अधिनियम की धारा 15G(ii) के तहत ₹10,00,000 का जुर्माना लगाया, जिसमें SEBI अधिनियम की धारा 12A(e) और SEBI PIT नियमावली के नियम 3(1) का उल्लंघन किया गया था.
कंपनी ने की अपील
SRBC & Co. LLP ने एओ के आदेश को एसएटी के समक्ष चुनौती दी और इसे रद्द करने की मांग की. मामला 4 अक्टूबर, 2024 को सुना गया और 22 नवम्बर, 2024 को निर्णय सुनाया गया. SAT ने SRBC & Co. LLP के पक्ष में फैसला सुनाया, एओ का आदेश रद्द कर दिया और SEBI पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.
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