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SEBI की 12 सितंबर को अहम बैठक: MF, IPO और विदेशी निवेश नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी
SEBI की इस बोर्ड मीटिंग भारतीय पूंजी बाजार के लिए कई मायनों में अहम साबित हो सकती है. इससे ना सिर्फ निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि भारतीय वित्तीय प्रणाली की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) 12 सितंबर को अपनी बोर्ड मीटिंग में म्युचुअल फंड, IPO, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs), और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) से जुड़े कई अहम सुधारों को मंजूरी दे सकता है. यह चालू वित्त वर्ष की दूसरी और चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय के कार्यकाल में तीसरी बोर्ड बैठक होगी. पांडेय पहले भी "उचित नियमन" पर जोर दे चुके हैं.
म्युचुअल फंड के लिए नॉन-कोर बिजनेस में निवेश का रास्ता खुलेगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SEBI म्युचुअल फंड्स को नॉन-कोर बिजनेस में निवेश की अनुमति देने पर विचार कर रहा है. रेगुलेशन 24B में ढील के तहत, AMCs को ऐसे फंड्स को मैनेजमेंट और एडवाइजरी सेवाएं देने की इजाजत मिल सकती है जो विदेशी संस्थाओं द्वारा बनाए गए हों, भले ही वे ब्रॉड-बेस्ड न हों.
इससे फैमिली ऑफिस फंड्स के प्रबंधन और ग्लोबल फंड डिस्ट्रीब्यूशन को बढ़ावा मिल सकता है. साथ ही, म्युचुअल फंड स्कीम के वर्गीकरण की भी समीक्षा की संभावना है.
बड़े IPOs के लिए डिल्यूशन नियमों में राहत
SEBI बोर्ड मीटिंग में बड़े IPO लाने वाली कंपनियों को राहत देने की तैयारी है. बाजार नियामक ऐसे इश्यूज़ के लिए डिल्यूशन के नियमों में ढील दे सकता है और 25% न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) की समय-सीमा को आगे बढ़ाने की अनुमति दे सकता है. इन प्रस्तावों से रिलायंस जियो इन्फोकॉम जैसी कंपनियों को फायदा हो सकता है, जिसने हाल ही में IPO की संभावनाओं पर चर्चा शुरू की है.
MIIs की गवर्नेंस को पारदर्शी बनाने की पहल
मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (MIIs) की गवर्नेंस को लेकर भी अहम फैसले लिए जा सकते हैं. SEBI कार्यकारी निदेशकों की नियुक्ति, भूमिका और जिम्मेदारियों के स्पष्ट विभाजन पर जोर दे सकता है. यह कदम स्टेकहोल्डर्स की ओर से जताई गई चिंताओं के बाद उठाया जा सकता है.
SWAGAT-FI को मिल सकती है हरी झंडी
FPIs को लेकर SEBI सिंगल-विंडो सिस्टम SWAGAT-FI को मंजूरी दे सकता है. यह सिस्टम सॉवरेन फंड्स, सरकारी संस्थाओं और रेगुलेटेड पब्लिक फंड्स जैसी कम जोखिम वाली कैटेगरी के लिए बनाया गया है. SWAGAT-FI कागजी प्रक्रिया, लागत और अनुपालन के बोझ को कम करेगा.
इसके अलावा, SEBI भारतीय निवासी गैर-व्यक्तियों (resident Indian non-individuals) को GIFT City में स्थित रिटेल स्कीम्स को FPI के तौर पर रजिस्टर करने की इजाजत भी दे सकता है.
AIF में लार्ज वैल्यू फंड्स को लेकर प्रस्ताव
SEBI की मीटिंग में अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) के संदर्भ में भी कुछ बड़े फैसले हो सकते हैं. लार्ज वैल्यू फंड्स में निवेश कर रहे मान्यता प्राप्त निवेशकों को अधिक लचीलापन देने और उनके लिए अलग स्पेशल AIF कैटेगरी बनाने पर विचार हो रहा है.
SEBI से कोई आधिकारिक जवाब नहीं
खबर लिखे जाने तक SEBI को भेजे गए सवालों का कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है. हालांकि, बाजार से जुड़े विशेषज्ञों की निगाहें अब 12 सितंबर को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जिससे भारतीय पूंजी बाजार में बड़े बदलाव संभव हैं.
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