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शेयर बाजार में मिस-सेलिंग रोकने के लिए SEBI का बड़ा कदम, स्टॉक ब्रोकर्स पर कसी नकेल
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने पाया है कि कुछ स्टॉक ब्रोकर्स अपने निवेशकों को एल्गो ट्रेडिंग सेवाएं मुहैया कराते हैं, जो कि अन-रेगुलेट या अनियमित प्लेटफॉर्म के जरिए होता है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मुंबई: शेयर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने स्टॉक ब्रोकर्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. सेबी की गाइडलाइंस का मकसद निवेशकों को मिस-सेलिंग से बचाना है. सेबी की गाइडलाइंस उन स्टॉक ब्रोकर्स के लिए है जो अपने निवेशकों को एल्गोरिदम ट्रेडिंग की सेवाएं देते हैं.
स्टॉक ब्रोकर्स के लिए SEBI की नई गाइडलाइंस
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने पाया है कि कुछ स्टॉक ब्रोकर्स अपने निवेशकों को एल्गो ट्रेडिंग सेवाएं मुहैया कराते हैं, जो कि अन-रेगुलेट या अनियमित प्लेटफॉर्म के जरिए होता है. इसे रोकने के लिए सेबी ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं. सेबी ने अपने सर्कुलर में कहा है कि अनियंत्रित प्लेटफॉर्म निवेशकों को ट्रेड्स के ऑटोमैटिक एग्जीक्यूशन के लिए एल्गोरिदम ट्रेडिंग सेवाएं या रणनीतियां दे रहे हैं. सेबी का कहना है कि ऐसी सर्विसेज को ऊंचा रिटर्न देने के दावों पर बेचा जा रहा है. इसके अलावा, रेटिंग को रणनीतियों का हिस्सा बनाया गया है, जिससे निवेशकों को इस तरह के दावों का लालच दिया जा सके. ऐसी सेवाओं से निवेशकों के साथ मिस-सेलिंग हो सकती है.
स्टॉक ब्रोकर्स के लिए क्या बदला
मार्केट रेगुलेट सेबी ने स्टॉक ब्रोकरों को कुछ जिम्मेदारियां दी हैं जो ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को एल्गोरिदम ट्रेडिंग सुविधाएं प्रदान करते हैं. सेबी ने कहा कि ऐसे स्टॉक ब्रोकरों को एल्गोरिदम के अतीत या अपेक्षित भविष्य के रिटर्न का कोई हवाला देने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके साथ ही किसी भी ऐसे प्लेटफॉर्म से जुड़ने से भी प्रतिबंधित कर दिया है जो एल्गोरिदम के अतीत या भविष्य के रिटर्न का हवाला देता हो. इससे पहले जून में, मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एल्गोरिदम ट्रेडिंग सेवाओं और रणनीतियों की पेशकश करने वाले ऐसे अनियमित प्लेटफार्मों से निपटने के लिए निवेशकों को आगाह किया था.
नियम तुरंत प्रभाव से लागू
सेबी की गाइडलाइंस के मुताबिक "स्टॉकब्रोकर जो प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से किसी एल्गोरिदम के किसी भी अतीत या अपेक्षित भविष्य के रिटर्न/प्रदर्शन का जिक्र कर रहे हैं या इस तरह का हवाला देने वाले किसी भी प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, सात दिनों के अंदर उन्हें अपनी वेबसाइट से इसे हटाना होगा और/या इस तरह के संदर्भ देने वाले प्लेटफॉर्म से खुद को अलग करना होगा. इस फ्रेमवर्क को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, ताकि मिस सेलिंग जैसी घटनाओं को तुरंत रोका जा सके.
VIDEO: IPO आवेदन के लिए SEBI के नए नियम
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