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खर्च में उछाल से SBI कार्ड्स का दमदार प्रदर्शन, मुनाफा 45% बढ़ा

Q3 FY26 में SBI कार्ड्स का प्रदर्शन मजबूत रहा. खर्च में तेज बढ़ोतरी, क्रेडिट लागत में कमी और एसेट क्वालिटी में सुधार ने कंपनी के मुनाफे को नई ऊंचाई दी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे घोषित किए. कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 45 प्रतिशत बढ़कर ₹557 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹383.23 करोड़ था. तिमाही आधार पर भी मुनाफा 25 प्रतिशत बढ़ा है, जो Q2 FY26 में ₹445 करोड़ था.

कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत खर्च वृद्धि, स्थिर मार्जिन और क्रेडिट लागत में कमी से समर्थन मिला. हालांकि, इस दौरान नए क्रेडिट कार्ड जोड़ने की गति अपेक्षाकृत धीमी रही.

आय और खर्च का प्रदर्शन

Q3 FY26 में SBI कार्ड्स की शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 17 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर ₹2,591 करोड़ हो गई. वहीं, परिचालन से कुल आय 11 प्रतिशत बढ़कर ₹5,127 करोड़ रही, जो Q3 FY25 में ₹4,619 करोड़ थी.

ब्याज आय 6 प्रतिशत बढ़कर ₹2,536 करोड़ रही, जबकि फीस और अन्य आय 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2,591 करोड़ तक पहुंच गई. यह बढ़ोतरी कार्ड खर्च में इजाफे और बेहतर मॉनेटाइजेशन का परिणाम रही.

फाइनेंस कॉस्ट सालाना आधार पर 5 प्रतिशत घटकर ₹785 करोड़ रह गई, जिससे मुनाफे को सहारा मिला. हालांकि, बिजनेस वॉल्यूम और निवेश बढ़ने के कारण कुल परिचालन खर्च 23 प्रतिशत बढ़कर ₹2,597 करोड़ हो गया.

क्रेडिट लागत और एसेट क्वालिटी

क्रेडिट लागत से पहले की आय (Earnings before credit costs) 8 प्रतिशत बढ़कर ₹1,971 करोड़ हो गई. वहीं, वित्तीय उपकरणों पर इम्पेयरमेंट 7 प्रतिशत घटकर ₹1,222 करोड़ रह गया, जिससे कंपनी के निचले स्तर के मुनाफे में मजबूती आई.

एसेट क्वालिटी में मिला-जुला रुझान देखने को मिला. 31 दिसंबर 2025 तक सकल एनपीए घटकर 2.86 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 3.24 प्रतिशत था. हालांकि, शुद्ध एनपीए मामूली बढ़कर 1.28 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल 1.18 प्रतिशत था.

कंपनी का प्रोविजन कवरेज रेशियो संतोषजनक स्तर पर बना रहा, जबकि कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो मजबूत 24.4 प्रतिशत रहा. इसमें टियर-1 कैपिटल 19.1 प्रतिशत रहा.

रिटर्न और बैलेंस शीट की स्थिति

Q3 FY26 में औसत एसेट पर रिटर्न (RoAA) बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 2.4 प्रतिशत था. वहीं, औसत इक्विटी पर रिटर्न (RoAE) 11.5 प्रतिशत से बढ़कर 14.7 प्रतिशत हो गया.

31 दिसंबर 2025 तक SBI कार्ड्स का कुल बैलेंस शीट साइज ₹67,365 करोड़ रहा. इस दौरान शुद्ध अग्रिम बढ़कर ₹55,224 करोड़ हो गए, जबकि नेटवर्थ ₹15,424 करोड़ तक पहुंच गई.

बिजनेस ग्रोथ और मार्केट पोजिशन

कंपनी के कुल कार्ड खर्च Q3 FY26 में 33 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी के साथ ₹1,14,702 करोड़ हो गए. रिसीवेबल्स 4 प्रतिशत बढ़कर ₹57,213 करोड़ रहे, जबकि चलन में कार्डों की संख्या 8 प्रतिशत बढ़कर 2.18 करोड़ हो गई.

हालांकि, नई ग्राहक जोड़ने की गति धीमी रही और तिमाही के दौरान 8.64 लाख नए खाते जुड़े, जो पिछले साल इसी अवधि में 11.7 लाख थे.

SBI कार्ड्स ने इंडस्ट्री में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी. दिसंबर 2025 तक कंपनी की कार्ड्स-इन-फोर्स में बाजार हिस्सेदारी 18.8 प्रतिशत रही. खर्च के मामले में FY26 के पहले नौ महीनों में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 17.7 प्रतिशत हो गई.

कंपनी का कहना है कि तिमाही का प्रदर्शन कार्ड उपयोग में सुधार, बेहतर क्रेडिट मेट्रिक्स और अनुशासित लागत प्रबंधन को दर्शाता है, हालांकि ग्राहक अधिग्रहण को लेकर रणनीति फिलहाल सतर्क बनी हुई है.

 


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