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Shark Tank India के नए शार्क रितेश अग्रवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?
शार्क टैंक इंडिया का पहला सीजन दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 तक चला था. दूसरा सीजन इसी साल जनवरी में ऑन एयर हुआ था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) में एक नए जज की एंट्री हुई है. शो के सीजन 3 में हॉस्पिटैलिटी चेन OYO के फाउंडर और CEO रितेश अग्रवाल बतौर 'शार्क' नजर आएंगे. रितेश ने खुद इसकी जानकारी एक फोटो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर की. फोटो में रितेश BoAT के को-फाउंडर अमन गुप्ता, Shaadi.com फाउंडर अनुपम मित्तल, शुगर कॉस्मेटिक्स की CEO विनीता सिंह और लेंसकार्ट के को-फाउंडर पीयूष बंसल के साथ नजर आ रहे हैं. इससे यही पता चलता है कि कारदेखो (CarDekho) के को-फाउंडर और सीईओ अमित जैन तीसरे सीजन में दिखाई नहीं देंगे.
पहले सीजन में थे अश्नीर
'शार्क टैंक इंडिया' को काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है. इसके पहले सीजन में अश्नीर ग्रोवर जज की भूमिका में थे, लेकिन सीजन-2 से उनकी छुट्टी ही गई. उनके स्थान पर कारदेखो (CarDekho) को लाया गया था. लेकिन लगता है कि वो अश्नीर जैसा प्रभाव नहीं छोड़ सके, इसलिए अब रितेश अग्रवाल की शो में एंट्री हुई है. बता दें कि यह शो अमेरिकी शो 'शार्क टैंक' का इंडियन एडेप्टेशन है. इस शो में उभरते एंटरप्रेन्योर्स अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेस को निवेशकों या शार्क्स के एक पैनल के सामने पेश करते हैं. यदि शार्क्स को उनका आईडिया पसंद आता है, तो वो इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार हो जाते हैं.
2013 में शुरू हुई थी कंपनी
रितेश अग्रवाल की बात करें, तो उन्होंने बहुत थोड़े से समय में ही सफलता की नई ऊंचाई हासिल की है. रितेश अग्रवाल ने 2013 में अपनी कंपनी OYO रूम्स की शुरुआत की थी. कंपनी शुरू करने के लिए उन्होंने थिएल फेलोशिप प्रोग्राम जीतने पर मिली रकम का इस्तेमाल किया था. दरअसल, रितेश थिएल फेलोशिप प्रोग्राम के विजेता बने थे, जिसमें उन्हें 100,000 डॉलर यानी करीब 83,03,500 रुपए का ग्रांट मिला था, इन्हीं पैसों से उन्होंने OYO की शुरुआत की. इससे पहले, उन्होंने अपनी कंपनी का नाम OREVAL Stays रखा था. इस प्लेटफॉर्म की मदद से रितेश लोगों को किफायती दरों पर, आसानी से होटल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराते थे.
देश ही नहीं, विदेशों में भी जलवा
OYO रूम्स की सुविधाएं लोगों को इतनी पसंद आईं की देखते ही देखते कंपनी देश की लीडिंग होटल चेन बन गई. ओयो रूम्स देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सफलता की कहानी लिख रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में OYO रूम्स के होटल चेन की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई थी. इसके बाद ओयो ने पहले मलेशिया और फिर नेपाल में अपने ऑपरेशन शुरू किए. कंपनी ने 2018 में UAE, दुबई, UK, चीन, सिंगापुर और इंडोनेशिया में भी अपना कारोबार शुरू किया. रितेश अग्रवाल ने महज 13 साल की उम्र में सिम कार्ड बेचकर अपने कमर्शियल करियर की शुरुआत की थी और आज वह एक सफल कंपनी के मालिक हैं. मूलरूप से ओडिशा के रायगढ़ जिले के निवासी रितेश की नेटवर्थ की बात करें, तो 2020 के डाटा के मुताबिक, उनके पास कुल 7200 करोड़ रुपए की संपत्ति है.
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