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ईरान इजराइल की लड़ाई में सस्ता हुआ चावल, यहां पहुंच गई कीमतें...
भारत और ईरान के बीच पुराने व्यापारिक संबंध हैं. अगर 2023 में दोनों के बीच हुए कारोबार के आंकड़ों पर नजर डालें तो वो कोई 89 हजार करोड़ रुपये हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत सरकार चावल की महंगाई को कम करने के लिए लंबे समय से कोशिश कर रही है. इस कोशिश के तहत सरकार अब तक बाजार में कई सौ क्विंटल चावल को खुले बाजार में सेल भी कर चुकी है. सरकार की इन्हीं कोशिशों के बीच अब ईरान इजराइल की लड़ाई के कारण चावल सस्ता होता दिखाई दे रहा है. दरअसल इन क्षेत्रों में चावल की डिमांड कम होने के कारण स्थिति ये है कि एक्सपोर्ट कम हो गया है.
कीमतों में इतनी आ गई है कमी
दरअसल भारत ईरान को बड़ी मात्रा में चावल की सप्लाई करता है. ईरान भारत से सेला 1121 चावल बड़ी मात्रा में मंगाता है. लेकिन युद्ध के शुरू होने के कारण चावल का एक्सपोर्ट बंद हो गया है और भारत में चावल की उपलब्धता बढ़ गई है. कुछ दिन पहले तक भारत में ये वाला सेला चावल 85 रुपये किलो बिक रहा था. लेकिन वहां सप्लाई बंद होने के कारण अब ये देश में 80 रुपये किलो तक बिक रहा है.
कारोबारियों को हो रही है कई तरह की परेशानी
ईरान इजराइल युद्ध के एकाएक शुरू होने के कारण चावल की सप्लाई तो बंद हो ही गई है वहीं कारोबारियों की पेमेंट भी अटक गई है. इसे लेकर कारोबारी परेशान हैं कि आखिर दोनों देशों के बीच तनाव कब खत्म होगा और उन्हें कहां से पैसा मिलेगा. एक कारोबारी कहते हैं कि वो अपनी पेमेंट के लिए कोशिश कर रहे हैं लेकिन फिलहाल कब तक होगी ये कहा नहीं जा सकता है.
भारत और ईरान के बीच होता है इन वस्तुओं का कारोबार
अगर आप ये समझते हैं कि भारत केवल ईरान से तेल खरीदता है और दोनों देशों के बीच कोई बड़ा कारोबार नहीं होता है तो हम आपको इसे लेकर जानकारी देना चाहते हैं. भारत और ईरान के बीच बड़ी संख्या में वस्तुओं का आदान प्रदान होता है. भारत ईरान को जिन वस्तुओं का निर्यात करता है उसमें चाय, कॉफी, बासमती चावल, और चीनी का निर्यात करता है वहीं भारत ईरान से कच्चे तेल का एक बड़ा खरीददार है. यही नहीं भारत ने ईरान को पिछले साल 15 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया गया है. वहीं ईरान ने भारत को मेवे, पेट्रोलियम कोक और कुछ अन्य चीजें आयात की थी. इसकी कीमत 5500 करोड़ रुपये था. यही नहीं भारत चाबहरा पोर्ट और इससे लगे चाबहार स्पेशल इंडस्ट्रीयल जोन में भी साझेदार है. वहीं अगर वर्ष 2023 में भारत का ईरान के साथ 89 हजार करोड़ रुपये का कारोबार रहा है. जबकि भारत ने ईरान को 70 हजार करोड़ रुपये का माल और सेवाओं का निर्यात किया है.
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