होम / बिजनेस / इस Crypto कंपनी की हालत खराब, अब 30% कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता
इस Crypto कंपनी की हालत खराब, अब 30% कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता
क्रिप्टो करेंसी को फ्यूचर करेंसी कहा जाता है, लेकिन बीते कुछ समय से इस बाजार में बड़ी उथल-पुथल चल रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
क्रिप्टो कंपनियों के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं. Genesis Trading को लेकर खबर है कि कंपनी पर कर्जदाताओं का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इतना ही नहीं, कंपनी पर दिवालिया होने का खतरा पैदा हो गया है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है और इसी के चलते वह अपनी वर्कफोर्स में कटौती कर रही है. कंपनी ने अपने लगभग 30 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर दी है. इससे पहले, 20% कर्मचारियों को बाहर किया गया था.
बैरी सिलबर्ट हैं फाउंडर
जेनेसिस ट्रेडिंग, डिजिटल करेंसी ग्रुप (Digital Currency Group) की क्रिप्टो लेंडिंग आर्म है. इस ग्रुप के फाउंडर बैरी सिलबर्ट (Barry Silbert) हैं. पिछले साल कंपनी का सीईओ भी बदल गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समूह पर 2022 में बाजार में आई उथलपुथल और क्रिप्टो हेज फंड Three Arrows Capital के दिवालिया होने का भी असर पड़ा था. बता दें कि क्रिप्टो बाजार में पिछला कुछ समय खास अच्छा नहीं रहा है.
60% पद किए समाप्त
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि Genesis Trading में लगभग 60 पद खत्म कर दिए गए हैं. फिलहाल कंपनी में करीब 145 कर्मचारी ही बचे हैं. ताजा छंटनी से पहले अंतरिम सीईओ डेरार इस्लिम (Derar Islim) ने क्लाइंट्स से कहा था कि वित्तीय संकट से उबरने के लिए कंपनी को अभी और समय की जरूरत है. इससे पहले वाल स्ट्रीट जरनल ने भी कंपनी में छंटनी की खबर दी थी.
मांगा था आपात कर्ज
क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स (FTX) और उसके सहयोगी हेज फंड अल्मेडा रिसर्च (Alameda Research) के बुरे दौर के तुरंत बाद जेनेसिस ने बैंकरप्सी पेशेवरों को नियुक्त कर दिया था. इतना ही नहीं, कंपनी ने 1 अरब डॉलर का आपात कर्ज मांगा भी था. FTX के 11 नवंबर को बैंकरप्सी आवेदन करने के बाद जेनेसिस ने सभी क्लाइंट्स के पैसे निकालने पर रोक लगा दी थी. मालूम हो कि FTX दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक था. बैंकरप्सी आवेदन के बाद FTX के सीईओ सैम बैंकमैन-फ्राइड (Sam Bankman-Fried) ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
नहीं बचा था कोई विकल्प
FTX पिछले कुछ समय से नकदी संकट से जूझ रही थी. इस वजह से सैम बैंकमैन-फ्राइड उसे प्रतिद्वंद्वी बिनांस (Binance) को बेचने जा रहे थे. यह खबर आम होते ही उनकी नेटवर्थ में सबसे बड़ी गिरावट आ गई और डील रद्द होने से उनके पास बैंकरप्सी के लिए आवेदन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. कंपनी ने बताया था कि FTX, इससे संबद्ध क्रिप्टो ट्रेडिंग फंड Alameda Research और करीब 130 अन्य कंपनियों ने डेलावेयर में स्वैच्छिक चैप्टर 11 बैंकरप्सी प्रोसिडिंग्स की शुरुआत की है. दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक FTX द्वारा दिवाला प्रक्रिया के लिए आवेदन करने के बाद क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी.
टैग्स