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बजट 2025 के बाद बाजार को RBI से रेपो रेट में कटौती की उम्मीद, रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
कल यानी 07 फरवरी, 2025 को RBI के नए गवर्नर की पहली मौद्रिक नीति समिति की बैठक होगी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार रेपो रेट में कटौती हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2025 में मध्यम वर्ग के लिए 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स माफी की घोषणा के बाद, अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से भी राहत की उम्मीदें बढ़ गई हैं. कल यानी 07 फरवी, 2025 को आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होगी. इस बैठक को लेकर बाजार में यह अनुमान है कि लगभग पांच सालों बाद, आरबीआई ब्याज दरों में 0.25% की कटौती कर सकता है, जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक अहम निर्णय साबित हो सकता है. इस फैसले से कर्ज पर प्रभाव पड़ेगा और घर खरीदारों और डेवलपर्स को राहत मिल सकती है, जिससे रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. तो आइए जानते हैं रियल एस्टटे एक्सपर्ट्स की क्या प्रतिक्रिया है?
रियल एस्टेट के लिए महत्वपूर्ण फैसला
RBI ने फरवरी 2023 से नीतिगत दरों (रेपो रेट) को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा है, जबकि महामारी के दौरान इस दर में कटौती की गई थी. अब, नये गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति की बैठक हो रही है, और बाजार की उम्मीदें इस फैसले पर टिकी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में कमी से होम लोन सस्ता होगा और घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिलेगी. इससे रियल एस्टेट सेक्टर में खरीदारी बढ़ सकती है, जिसे महंगे कर्ज के कारण पहले कई लोग टाल रहे थे. बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है कि इस बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना इसलिए भी मजबूत है क्योंकि आरबीआई पहले ही नकदी बढ़ाने के उपाय कर चुका है. वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े जानकार मानते हैं कि इस फैसले से डेवलपर्स और घर खरीदारों को राहत मिल सकती है.
रियल एस्टेट को मिलेगा प्रोत्साहन
क्रेडाई के चेयरमैन और गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ ने कहा कि यह नए गवर्नर की पहली MPC बैठक होगी, ऐसे में हमें उम्मीद है कि वे अपने कार्यकाल की शुरुआत रेपो रेट को लेकर एक अनुकूल घोषणा के साथ करना चाहेंगे. बजट ने सरकार की मध्यम वर्ग के प्रति अनुकूल नीतियों का संकेत दिया है, जिससे बाजार को उम्मीद है कि आरबीआई भी इसी दिशा में कदम उठाएगा और यदि अधिक नहीं, तो कम से कम 25 बेसिस पॉइंट की मामूली कटौती की घोषणा करेगा. यह कटौती न केवल बाजार की भावना को मजबूती देगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर को भी प्रोत्साहन प्रदान करेगी.
कम ब्याज दरें रियल एस्टेट को नई दिशा देंगे
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर,अमित मोदी का कहना है कि अगर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कटौती करता है, तो यह निश्चित रूप से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा. कम ब्याज दरों से होम लोन सस्ता होगा, जिससे मध्यम वर्ग के लोग फिर से घर खरीदने की ओर रुख कर सकते हैं. इसके साथ ही, डेवलपर्स को भी राहत मिलेगी, क्योंकि किफायती ईएमआई के कारण प्रॉपर्टी मार्केट में नए निवेशकों और खरीदारों की संख्या बढ़ सकती है. यह निर्णय रियल एस्टेट के लिए विकास का एक नया मौका साबित हो सकता है.
25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी की उम्मीद
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है. इनकम टैक्स स्लैब में फायदा होने से कहीं न कहीं लोगों का रुझान रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट की ओर बढ़ेगा. नए आरबीआई गवर्नर के आने के बाद यह पहली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक हो रही है. ऐसे में उम्मीद है कि आरबीआई भी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए 25 बेसिस प्वाइंट्स की कमी कर सकता है. सरकार की ओर से भी इस तरह के संकेत दिए जा रहे हैं कि इस बार रेपो रेट में कमी की जाएगी.
कर्ज लेने वालों को मिलेगी राहत
एस्कॉन इंफ्रा रियल्टर्स के एमडी, नीरज शर्मा का कहना है कि फरवरी में संभावित 25 बेसिस प्वाइंट्स की रेट कटौती से मौद्रिक नीति में ढील देने की शुरुआत होगी, जिससे कर्ज़ लेने वालों को राहत मिलेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. केंद्रीय बजट में मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखा गया है, ऐसे में उम्मीद है कि आरबीआई भी अपनी नीति उसी दिशा में आगे बढ़ाएगा. सालभर में ब्याज दरों में धीरे-धीरे कटौती रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़े भरोसे का संकेत होगी, जिससे किफायती घरों की पहुंच बढ़ेगी और मांग में इजाफा होगा. अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर, कुशाग्र अंसल का कहना है कि अगर रेपो रेट में कटौती होती है, तो इससे रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा आएगी. होम लोन की ब्याज दरें कम होने से लोग प्रॉपर्टी में निवेश के लिए प्रेरित होंगे, जिससे सेक्टर को ग्रोथ मिलेगी.
निवेशकों का बढ़ेगा मनोबल
स्पेक्ट्रम मेट्रो के वाइस प्रेजीडेंट सेल्स व मार्केटिंग अजेंद्र सिंह का कहना है कि पिछले कुछ समय में आरबीआई मुद्रास्फिति को कंट्रोल करने में सफल रहा है. बजट में सरकार ने साफ कर दिया है कि बाजार को बूस्ट देने और मिडिल क्लास को फायदा देन के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. ऐसे में अब आरबीआई से उम्मीद है कि लंबे समय बाद वह रेपो रेट में कटौती कर न सिर्फ आम लोगों को बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूत बनाएगा। रेपो रेट में कटौती होती है तो कमर्शियल और रेजीडेंशियल दोनों प्रकार के रियल एस्टेट को फायदा होगा. निवेशकों की रुचि सेक्टर की ओर बढ़ेगी.
रियल एस्टेट सेक्टर को सकारात्मक बढ़ावा
सनड्रीम ग्रुप के सीईओ हर्ष गुप्ता, कहते हैं, "हाल ही में पेश किए गए बजट का मुख्य फोकस लोगों पर है, इसे ध्यान में रखते हुए हमें उम्मीद है कि आरबीआई फरवरी में साल की शुरुआत 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती के साथ करेगा. यह कदम लोन को आसान बनाएगा, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा. यह आरबीआई की विकास को समर्थन देने की मंशा का स्पष्ट संकेत है, और इस कदम से भविष्य में और अधिक दर कटौती की जा सकती है.
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