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GST में कटौती से मिडिल क्लास को बड़ी राहत, महंगाई पर लगाम की उम्मीद : SBI रिसर्च
SBI की रिपोर्ट के अनुसार रोजमर्रा की 295 जरूरी वस्तुओं पर टैक्स में कटौती से मिडिल क्लास और आम उपभोक्ता को सीधी राहत मिलेगी, जबकि बीमा, हेल्थकेयर, होटलिंग और MSME सेक्टर को भी इसका व्यापक लाभ मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
GST काउंसिल की 56वीं बैठक में टैक्स ढांचे को पूरी तरह सरल बना दिया गया है. अब पहले की तरह 4 स्लैब नहीं होंगे, बल्कि सिर्फ दो दरें लागू होंगी – 18% (स्टैंडर्ड रेट) और 5% (मेरिट रेट). वहीं, कुछ खास प्रोडक्ट्स और सेवाओं पर 40% डिमेरिट रेट रखा गया है. इस बदलाव से मिडिल क्लास को सीधा फायदा होगा क्योंकि रोजमर्रा के सामान पर टैक्स कम हो जाएगा. इसे लेकर SBI रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी की है. तो आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में क्या है?
महंगाई पर ब्रेक की तैयारी
SBI की हालिया एक रिपोर्ट के मुताबिक कुल 453 वस्तुओं और सेवाओं पर GST दरें बदली गई हैं. इनमें से 413 पर टैक्स घटाया गया है और केवल 40 पर बढ़ाया गया है. करीब 295 जरूरी चीजें, जिन पर पहले 12% टैक्स लगता था, अब सिर्फ 5% या शून्य टैक्स स्लैब में आ गई हैं. इससे रोजमर्रा का खर्च कम होगा और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे खाने-पीने और दूसरी ज़रूरी चीजों की कीमतों में 25–30 अंक तक गिरावट आ सकती है. आने वाले सालों (2026–27) में कुल महंगाई 65–75 अंक तक घट सकती है.
औसत टैक्स रेट घटकर 9.5%
SBI Research का कहना है कि GST लागू होने के समय औसत टैक्स रेट 14.4% था, जो सितंबर 2019 तक घटकर 11.6% रह गया. अब नए बदलाोवों से यह और कम होकर लगभग 9.5% तक पहुंच सकता है. इससे टैक्स ढांचा और सरल होगा और उपभोक्ताओं का बोझ भी घटेगा.
राजस्व पर मामूली असर
सरकार का अनुमान है कि टैक्स कटौती से सालाना ₹48,000 करोड़ का असर राजस्व पर पड़ेगा. हालांकि SBI Research का मानना है कि वास्तविक घाटा सिर्फ ₹3,700 करोड़ तक सीमित रहेगा, क्योंकि टैक्स कम होने से खपत बढ़ेगी और टैक्स देने वालों की संख्या में इजाफा होगा.
बैंकों और बिजनेस सेक्टर को फायदा
GST में बदलाव का फायदा बैंकिंग और बिजनेस सेक्टर को भी मिलेगा. बीमा प्रीमियम पर GST हटने से स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियां सस्ती हो जाएंगी. होटल, ऑफिस उपकरण और मेडिकल सामान पर भी टैक्स घटेगा, जिससे कंपनियों की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा.
हेल्थ और इंश्योरेंस सेक्टर में क्रांति
अब बीमा पॉलिसियों पर कोई GST नहीं लगेगा. पहले 4% से 18% तक GST वसूला जाता था. इस फैसले से बीमा लेना आसान और सस्ता होगा. विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे बीमा सेक्टर में नए खरीदार जुड़ेंगे और भारत में इंश्योरेंस का कवरेज तेजी से बढ़ेगा.
MSME और सप्लाई-चेन को मजबूती
GST कटौती का लाभ उद्योग जगत और MSME सेक्टर को भी मिलेगा. कम्प्रेशर, डिस्प्ले और सेमीकंडक्टर जैसे पार्ट्स की मांग बढ़ेगी, जिससे इन्हें सप्लाई करने वाली कंपनियां मजबूत होंगी. वहीं प्लास्टिक, वायरिंग और असेंबली जैसे काम करने वाली MSME इकाइयों को भी नए अवसर मिलेंगे.
आम आदमी के लिए बड़ी राहत
SBI Research का कहना है कि GST 2.0 सिर्फ टैक्स घटाने की पहल नहीं है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लंबे समय तक असर डालने वाला सुधार है. इससे बिजनेस आसान होगा, महंगाई घटेगी, मेडिकल और बीमा खर्च कम होंगे और आम आदमी की ज़िंदगी पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा.
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