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REC ने जारी किए अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे, हुआ इतना मुनाफा
REC को ऑपरेशनल से लेकर फाइनेंशियल सेक्टर में बड़ा मुनाफा हुआ है. कंपनी के कुल मुनाफे में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
सरकार की महारत्न कंपनी रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी के ओवरऑल नतीजों में पिछले साल के मुकाबले अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है. कंपनी ने दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 6753.60 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है. कंपनी का ये प्रॉफिट पिछले दो सालों के प्रॉफिट से काफी ज्यादा है. इसके कारण 30 सितंबर 2023 को समाप्त तिमाही के लिए प्रति शेयर एनुवल आय 30 सितंबर 2022 के ₹ 39.32 प्रति शेयर के मुकाबले बढ़कर ₹ 51.14 प्रति शेयर हो गई.
क्या रही कंपनी की ऑपरेशनल स्थिति?
कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल और फाइनेंशियल स्थिति के बारे में बताते हुए कहा है कि इस साल सितंबर तिमाही में ₹ 1,04,366 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए जबकि पिछली सितंबर तिमाही में कंपनी ने ₹ 84,889 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए थे. इस साल ये 23 प्रतिशत ज्यादा है. कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹ 41,598 करोड़ रुपये के लोन डिस्बर्स किए हैं, जबकि पिछले साल दूसरी तिमाही में ये 17827 करोड़ रुपये के किए थे. इसमें 133 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इसी तरह ब्याज से हुई आय में 18 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. जबकि कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के 9534 करोड़ रुपये से इस साल 11213 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है. वहीं कंपनी की टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम 1915 करोड़ से 4188 करोड़ रुपये जा पहुंची है.
कैसे रहे कंपनी के छमाही के आंकड़े?
REC के छमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो H1 23 में जहां कंपनी ने 144784 करोड़ के लोन मंजूर किए थे वहीं H1 24 में कंपनी ने 195163 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए हैं. पिछले साल से इसमें 26 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इसी तरह लोन दिए जाने के मामले में भी 150 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. H1 23 में जहां कंपनी ने 30269 करोड़ के लोन बांटे हैं वहीं H1 24 में ये बढ़कर 75731 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा. वहीं अगर कंपनी की लोन के ब्याज से होने वाली आय पर नजर डालें तो H1 23 18796 करोड़ थी जबकि H1 24 में ये बढ़कर 21678 करोड़ रुपये तक जा पहुंची है.
क्या करती है REC लिमिटेड?
आरईसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के तहत 1969 में स्थापित की गई एक महारत्न सीपीएसई है जो प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन के लिए लॉन्ग टर्म लोन और दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट प्रोवाइड कराती है. कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन आदि जैसी नई तकनीकों को लेकर भी काम करती है. आरईसी ने सड़क, मेट्रो, हवाई अड्डों, आईटी, बंदरगाहों आदि सहित मुख्य बुनियादी ढांचा क्षेत्र में भी विविधता लाने का काम किया है. पहली तिमाही की समाप्ति पर आरईसी की लोन बुक ₹ 4.54 लाख करोड़ रही थी.
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