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फिर बढ़ेगा कर्ज का बोझ या मिलेगी राहत? आज चल जाएगा पता
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक समिति (MPC) की बैठक का फैसला आज आएगा. इसमें रेपो रेट में इजाफे की घोषणा संभव है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
महंगाई के दौर में कर्ज और महंगा होगा या नहीं, यह आज पता चल जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक समिति (MPC) की बैठक का फैसला आज यानी 8 फरवरी को आने वाला है. माना जा रहा है कि RBI इस बार भी रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है. यदि ऐसा होता है, तो लोन महंगा हो जाएगा और EMI भी बढ़ जाएगी.
इतनी हो सकती है बढ़ोत्तरी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले के मुकाबले महंगाई दर भले ही नीचे आई हो, लेकिन रेपो रेट में बढ़ोतरी (Repo Rate Hike) का सिलसिला जारी रह सकता है. बीते साल RBI ने लगातार पांच बार रेपो रेट बढ़ाई थी. हालांकि, ये बात अलग है कि इजाफा पहले के मुकाबले कम होगा. इस बार नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी या 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया जा सकता है.
पिछले साल 5 बार इजाफा
RBI ने पिछले साल पांच बार रेपो रेट बढ़ाई थी, जिसके चलते यह 6.24 फीसदी पर पहुंच गई थी. इसमें आखिरी बार इजाफा दिसंबर 2022 में किया गया था, जब MPC की बैठक के बाद ब्याज दरों में 0.35 फीसदी वृद्धि की घोषणा की गई थी. बता दें कि RBI महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लगातार कदम उठाता रहता है और नीतिगत ब्याज दरों में इजाफा उसका सबसे पसंदीदा हथियार है. हालांकि, इसके हर बार काम करने की संभावना कम ही रहती है, जैसा कि पिछले साल देखने को मिला था.
क्या होती है रेपो रेट?
रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट उस दर को कहते हैं जिस दर पर बैंकों को आरबीआई के पास पैसा रखने पर ब्याज मिलता है. जब रेपो रेट में बढ़ोत्तरी होती है, तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है और वो ग्राहकों के कर्ज को भी महंगा कर देते हैं. यानी वह अपना बढ़ा बोझ ग्राहकों पर लाद देते हैं. बैंक केवल नए लोन ही महंगे नहीं करते, बल्कि पुराने लोन भी महंगे कर देते हैं, जिससे आपकी EMI बढ़ जाती है.
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