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मजबूत घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को सहारा, Q1 में 6.6% तक रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ: Icra
ऊर्जा लागत और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद आर्थिक गतिविधियों में मजबूती, जून में 32 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची रफ्तार
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 6.4% से 6.6% की दर से बढ़ने का अनुमान है. रेटिंग एजेंसी इक्रा (Icra) की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के कारण कई क्षेत्रों के मार्जिन पर दबाव रहा, लेकिन मजबूत आर्थिक गतिविधियों ने विकास दर को सहारा दिया. हालांकि, यह अनुमान पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में दर्ज 7.8% की GDP वृद्धि से कम है. इससे संकेत मिलता है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बने रहने के बावजूद पिछली तिमाही की तुलना में विकास की गति कुछ धीमी हो सकती है.
जून में आर्थिक गतिविधियां 32 महीने के उच्च स्तर पर
इक्रा के बिजनेस एक्टिविटी मॉनिटर के मुताबिक, जून 2026 में आर्थिक गतिविधियां 32 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं. जून में इस इंडेक्स में सालाना आधार पर 12% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मई में यह वृद्धि 9.4% रही थी. यह इंडेक्स आधिकारिक GDP आंकड़े जारी होने से पहले अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के लिए 16 प्रमुख संकेतकों को ट्रैक करता है.
13 संकेतकों में दिखा सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, जून में बिजनेस एक्टिविटी में सुधार व्यापक स्तर पर देखने को मिला. 16 में से 13 संकेतकों में सालाना आधार पर वृद्धि की रफ्तार तेज हुई. इक्रा ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं, जिनमें अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम, जून में 40% कम बारिश के कारण निर्माण और खनन गतिविधियों के लिए कामकाजी अवधि बढ़ना और अनुकूल आधार प्रभाव शामिल हैं.
अप्रैल-जून तिमाही में बिजनेस एक्टिविटी मॉनिटर में सालाना आधार पर 10% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही के 9.1% से अधिक है. इस दौरान गैर-कृषि क्षेत्र से जुड़े 17 संकेतकों में से 10 में सालाना आधार पर सुधार देखने को मिला.
औद्योगिक गतिविधियों में मिला-जुला रुख
इक्रा के अनुसार, संशोधित कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स में जून 2026 में सालाना आधार पर 5% की वृद्धि दर्ज की गई. इसके आधार पर एजेंसी ने अनुमान जताया है कि जून में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 5-6% की वृद्धि हो सकती है.
जुलाई के शुरुआती आंकड़े भी आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत दे रहे हैं. 1 जुलाई से 19 जुलाई के बीच बिजली की मांग में सालाना आधार पर 12.2% की वृद्धि दर्ज की गई, जो जून में रही 10.9% वृद्धि से अधिक है. इसका कारण अधिक तापमान और सामान्य से कम बारिश को माना गया है.
वाहन बिक्री की रफ्तार हुई धीमी
हालांकि, वाहन पंजीकरण में कुछ नरमी देखने को मिली. जुलाई की शुरुआती अवधि में वाहन रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 5% की वृद्धि हुई, जबकि जून में यह वृद्धि 23% रही थी. इक्रा के मुताबिक, खपत से जुड़े क्षेत्रों में अलग-अलग गति के कारण वाहन क्षेत्र की रफ्तार प्रभावित हुई है.
कुल मिलाकर, इक्रा का मानना है कि बाहरी चुनौतियों और लागत दबाव के बावजूद घरेलू मांग, औद्योगिक गतिविधियों और सेवा क्षेत्र की मजबूती के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में स्थिर गति से आगे बढ़ने की स्थिति में है.
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