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क्या एक बार फिर बढेगा रेपो-रेट, RBI के आंकड़े समझना है जरूरी
मार्किट की निगाहें MPC की अगले हफ्ते होने वाली मीटिंग पर होगी. क्या MPC रेपो-रेट को बढ़ाएगी या सेम रेट पर स्थिर रहने देगी?
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बुद्धवार को होने वाली अपनी मीटिंग में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की MPC (Monetary Policy Committee) तय करेगी कि रेपो रेट को स्थिर रखा जाए या उसे बढ़ाया जाए. रेपो रेट को प्रमुक पॉलिसी रेट के रूप में भी जाना जाता है. इस मुद्दे को लेकर एनालिस्टों में भी मतभेद है, क्योंकि दिसंबर 2022 में इन्फ्लेशन रेट 6% से कम रहा है.
बैंक ऑफ़ बड़ौदा के चीफ इकॉनोमिस्ट, मदन सबनवीस ने कहा – सारा सरप्लस लगभग खत्म हो चुका है जिसकी वजह से आगे बढ़ते हुए हमें लिक्विडिटी की कुल हालत को ट्रैक करने की जरुरत है. फिक्स्ड इनकम, क्वांटम AMC के फण्ड मैनेजर, पंकज पाठक के अनुसार – पिछले तीन महीनों से इन्फ्लेशन में संतोषजनक रूप से गिरावट दर्ज की गयी है और इसमें अब भी गिरावट जारी है. अमेरिका में धीरे-धीरे चीजों के रेट बढ़ने से बाहरी हालात भी बेहतर हुए हैं.
RBI को मिली है राहत
पंकज ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में RBI के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व भी बढे हैं. इन सभी पॉइंट्स से RBI को राहत मिलनी चाहिए. हमें उम्मीद है कि RBI द्वारा अब रेट नहीं बढ़ाया जाएगा और यह एक लम्बे समय तक 6.25% पर ही स्थिर रहेगा. पंकज कहते हैं - हमें बांड मार्किट से भी पॉजिटिव रिस्पांस की उम्मीद है और हमें उम्मीद है कि बांड की फसल धीरे धीरे नीचे जायेगी, हालाँकि बांड की हाई सप्लाई इस फसल के नेगेटिव पहलू को सीमित रखेगी.
MPC कर चुकी है ये बदलाव
आपको बता दें कि दिसंबर 2022 में MPC ने रिटेल इन्फ्लेशन पर लगाम लगाने के लिए रेपो-रेट को 35 BPS (Basis Points) बढ़ा दिया था जिसके बाद रेपो-रेट 6.25% हो गया था. साथ ही RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली इस 6 सदस्यीय MPC ने वर्ष 2023 के लिए फोरकास्ट की गयी GDP में कटौती भी की थी. पहले वर्ष 2023 के लिए 7% की GDP का अनुमान लगाया था लेकिन कमेटी ने ग्लोबल स्लोडाउन, जिओ-पोलिटिकल परेशानियों और खराब होती ग्लोबल फाइनेंशियल हालातों के चलते इस फोरकास्ट को कम करके 6.8% कर दिया था.
मई 2022 से लेकर अभी तक RBI रेपो रेट में कुल 225 BPS की बढ़ोत्तरी कर चुका है. एक BPS, रेपो-रेट के एक प्रतिशत का एक-सौवां हिस्सा(1/100th of 1%) होता है. मार्किट का ध्यान अगले हफ्ते आने वाली RBI पॉलिसी के साथ-साथ लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुडी पॉलिसी और उनमें होने वाले बदलावों पर भी होगा.
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