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RBI गर्वनर का यह बयान पढ़कर आप राहत की सांस लेंगे, जानिए क्या कहा
मुद्रास्फीति कई महीनों से आरबीआई के 2 फीसदी से 6 फीसदी के ऊपर बनी हुई है, जो चिंता का विषय है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को एक निजी टेलीविजन चैनल से एक इंटरव्यू में महंगाई दर को कम करने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में बताते हुए कहा कि भारत की मुद्रास्फीति चरम पर है और अगले साल की अप्रैल-जून तिमाही तक लगभग 5 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है.
आरबीआई को है महंगाई की चिंता
मुद्रास्फीति कई महीनों से आरबीआई के 2 फीसदी से 6 फीसदी के ऊपर बनी हुई है, जो चिंता का विषय है. जुलाई में उपभोक्ता महंगाई दर 6.71 फीसदी थी. गवर्नर ने यह भी कहा कि नीति का उद्देश्य आर्थिक विकास पर किसी भी प्रभाव को कम करते हुए महंगाई को नियंत्रित करना का है.
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने पिछले महीने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की थी ताकि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके. यह चार महीनों में तीसरी बार हुआ था क्योंकि महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही थी. रॉयटर्स द्वारा किए गए पोल में अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है 2023 की शुरुआत में और सख्त कदम बैंक उठा सकता है. अगली मौद्रिक नीति बैठक 30 सितंबर को है.
रुपये की कमजोरी को सुधारने के लिए हस्तक्षेप
केंद्रीय बैंक भी अस्थिर रुपये का समर्थन करने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है, जो कि डॉलर के मुकाबले 78.80 के आसपास मंडरा रहा है. दास ने कहा कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार ने रुपये की स्थिरता को बनाए रखने में मदद की है.
19 अगस्त तक आरबीआई का विदेशी मुद्रा भंडार कुल 564.05 बिलियन डॉलर था. 2022 में मुद्रा भंडार लगभग 70 बिलियन डॉलर कम हो गया था. केंद्रीय बैंक ने कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करने और रुपये को रिकॉर्ड स्तर से ऊपर उठाने के लिए कदम उठाए हैं.
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