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डिजिटल फ्राड और असुरक्षित कर्ज को लेकर RBI गवर्नर ने कही अहम बात, जानते हैं क्या है ये?
डिजिटल फ्राड को लेकर आरबीआई जहां नया प्लेटफॉर्म लेकर आ रहा है वहीं सेक्टोरल डेटा के आंकड़े बता रहे हैं कि इसमें बड़ी कमी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
आरबीआई ने एक बार फिर रेपो रेट का ऐलान करते हुए उसे स्थिर बनाए रखा है. लेकिन इस बार आरबीआई की ओर से डिजिटल फ्रॉड को कम करने को लेकर काम किया गया है. आरबीआई की ओर से कहा गया है कि वो डिजिटल फ्रॉड को खत्म करने के लिए वो एक डेडीकेटेड प्लेटफॉर्म बनाएगा. इस प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल फ्राड को खत्म करने को लेकर तेजी से काम किया जाएगा. आरबीआई गवर्नर ने कई और अहम मसलों पर भी अपनी बात कही है जिसमें उसने कहा है कि उसकी चेतावनी के बाद असुरक्षित लोन देने में कमी आई है.
आखिर क्या है ये डिजिटल प्लेटफॉर्म?
पिछले कुछ समय से डिजिटल फ्राड के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब आरबीआई की ओर से इस पर एक्शन लिया जा रहा है. अब आरबीआई की ओर डिजिटल फ्राड को रोकने के लिए चिंता जाहिर करने के साथ डिजिटल पेमेंट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म बनाने की कवायद शुरू की गई है. . ये सिस्टम में रियल टाइम डेटा शेयरिंग के लिए होगा. कुछ रेकरिंग पेमेंट को ई-मैनडेट फ्रेमवर्क के तहत शामिल किया जाएगा. UPI-Lite को ई-मैनडेट फ्रेमवर्क के तहत लाया जाएगा.
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असुरक्षित कर्ज में आई कमी
आरबीआई की ओर से पिछले साल असुरक्षित कर्ज को कम देने के लिए कई कदम उठाए गए थे. इनमें जहां आरबीआई की ओर से बैंकों के कर्ज देने से पहले सुरक्षित रखी जाने वाली रकम में इजाफा कर दिया था वहीं दूसरी ओर बैंकों और फिनटेक कंपनियों को भी इसे लेकर चेतावनी जारी की गई थी. नवंबर 2023 में आरबीआई ने इसे लेकर कदम उठाते हुए रिस्क एरिया 25 आधार अंक बढ़ा दिया था.
असुरक्षित कर्ज में इतनी हुई है कमी
आरबीआई की चेतावनी का किस हद तक असर हुआ ये सेक्टोरल डेटा से देखा जा सकता है.ये सेक्टोरल क्रेडिट डेटा से पता चलता है कि अप्रैल 2024 में क्रेडिट कार्ड का बकाया साल-दर-साल आधार पर 23 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि पिछले साल इसमें 31 प्रतिशत का इजाफा हुआ था. अप्रैल 2024 में खुदरा ऋण श्रेणी में वृद्धि 17.1 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले यह 25.7 प्रतिशत थी.
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