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'अपन' के इंदौर में PM मोदी ने प्रवासियों को बताया भारत का राष्ट्रदूत
इंदौर में चल रहे 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोलते हुए इंदौर और मध्य प्रदेश की खूब तारीफ की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मध्य प्रदेश के इंदौर में चल रहे 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चार वर्षों के बाद प्रवासी भारतीय सम्मेलन मूल स्वरूप में, पूरी भव्यता के साथ हो रहा है. अपनों के आमने-सामने की मुलाकात का, आमने-सामने की बात का अलग ही आनंद होता है. अलग ही महत्व होता है. मध्य प्रदेश में ऐसा काफी कुछ है, जो आपकी इस यात्रा को अविस्मरणीय बनाएगा. पास ही में महाकाल के महालोक का दिव्य और भव्य विस्तार हुआ है. आशा करता हूं कि आप सब वहां जाकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद भी लेंगे. अद्भुत अनुभव का हिस्सा भी बनेंगे. वैसे हम सभी जिस शहर में है, वो भी अपने आपमें अद्भुत है. लोग कहते हैं कि इंदौर एक शहर है. मैं कहता हूं कि इंदौर एक दौर है, यह वह दौर है जो समय से आगे चलता है. फिर भी विरासत को समेटे रहता है.
अपन का इंदौर लाजवाब
उन्होंने कहा इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में अलग पहचान साबित की है. खाने-पीने के मामले में अपन का इंदौर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लाजवाब है. यहां पोहे का पैशन, साबूदाने की खिचड़ी, कचोरी, समोसे, शिकंजी... जिसने भी इसे देखा, उसके मुंह का पानी नहीं रुका. जिसने इसे चखा, उसने कहीं मुड़कर नहीं देखा. 56 दुकान, सराफा प्रसिद्ध है. यही वजह है कि कुछ लोग इंदौर को स्वच्छता के साथ-साथ स्वाद की राजधानी भी कहते हैं. मुझे यकीन है कि आप यहां के अनुभव नहीं भूलेंगे. दूसरों को भी यहां आने के लिए कहेंगे.
प्रवासियों को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासियों से कहा कि दुनिया की व्यवस्था में भारत का महत्व आपकी वजह से बढ़ा है. हमारे यहां कहा जाता है कि स्वदेशों भुवनत्रयम. हमारे लिए पूरा संसार ही स्वदेश है. मनुष्य मात्र ही हमारा बंधु-बांधव है. इसी वैचारिक बुनियाद पर हमारे पूर्वजों ने भारत के सांस्कृतिक विस्तार को आकार दिया था. हम दुनिया के अलग-अलग कोनों में गए. हमने सभ्यता के समागम के महत्व को समझा. हमने सदियों पहले वैश्विक व्यापार की असाधारण परंपरा शुरू की थी. हम असीम लगने वाले समंदर के पार गए. व्यावसायिक संबंध कैसे साझी समृद्धि के रास्ते खोल सकते हैं, यह भारत ने और भारतीयों ने करके दिखाया. आज जब हम अपने करोड़ों प्रवासी भारतीयों को ग्लोबल मैप पर देखते हैं तो कई तस्वीरें एक साथ उभरती हैं.
श्रेष्ठ भारत का अनुभव
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के किसी एक देश में जब भारत के अलग-अलग प्रांतों, क्षेत्रों के लोग मिलते हैं तो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का अनुभव होता है. अनुशासित नागरिकों की चर्चा होती है तो मदर ऑफ डेमोक्रेसी होने का भारतीय गौरव कई गुना बढ़ जाता है. जब विश्व हमारा आकलन करता है, तो सशक्त और समर्थ भारत की आवाज सुनाई देती है. इसलिए मैं आप सभी प्रवासी भारतीयों को विदेशी धरती पर भारत का राष्ट्रदूत कहता हूं. सरकारी व्यवस्था में राजदूत होते हैं, लेकिन आप राष्ट्रदूत हैं.
'आपकी भूमिका अहम'
PM मोदी ने प्रवासी भारतीयों से कहा कि बदलती दुनिया में आपकी भूमिका अहम है. आपको भारत के बारे में और जानना होगा. पूरा विश्व इंतजार कर रहा है और देख रह है. वह भी पूरी रुचि और जिज्ञासा के साथ. मैं यह क्यों कह रहा हूं, पिछले कुछ वर्षों में भारत ने विकास में जो गति प्राप्त की है, जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, वह असाधारण, अभूतपूर्व हैं. जब हम कोरोना महामारी के बीच कुछ महीनों में स्वदेशी वैक्सीन बना लेते हैं, जब 220 करोड़ वैक्सीन डोज मुफ्त लगाने का रिकॉर्ड बनाते हैं, जब वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्था बनता है, जब भारत विश्व की सबसे बड़ी पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होता है, जब मेक इन इंडिया का डंका बजता है, जब भारत तेजस फाइटर प्लेन, एयरक्राफ्ट कैरियर और अरिहंत जैसी न्यूक्लियर सबमरीन बनाता है, तो स्वाभाविक है कि लोगों में रुचि होगी. लोग जानना चाहते हैं कि भारत की स्पीड, स्केल क्या है, भारत का फ्यूचर क्या है? सॉफ्टवेयर और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमारी ताकत दुनिया देख रही है. आप इसका बहुत बड़ा जरिया हैं.
भारत को लेकर अपडेट रहें
उन्होंने कहा कि आपके पास भारत के बारे में जितनी व्यापक जानकारी होगी, उतना ही आप भारत के बढ़ते सामर्थ्य के बारे में बता पाएंगे. तथ्यों के आधार पर बता पाएंगे. मेरा आग्रह है कि आपके पास कल्चरल और स्पिरिचुअल जानकारी के साथ-साथ भारत की प्रगति की अपडेटेड इंफॉर्मेशन भी होनी चाहिए. आप सबको यह भी पता है कि इस वर्ष भारत जी-20 देशों के समूहों की अध्यक्षता कर रहा है. भारत इस जिम्मेदारी को बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है. यह हमारे लिए दुनिया को भारत के बारे में बताने का अवसर है. यह दुनिया के लिए भारत के अनुभवों से सीखने और सस्टेनेबल फ्यूचर बनाने का अवसर है. दुनिया के देश अतिथि देवो भव का दर्शन करेंगे. आप उन्हें भारत के बारे में विस्तार से बता सकते हैं. इससे उन्हें यहां आने से पहले भारत के महत्व और अपनत्व का अनुभव होगा.
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