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#UPGISWithBW: इन 3 सेक्टर्स से UP बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी: एन चंद्रशेखर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का आगाज हो चुका है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का आगाज हो चुका है. इस मौके पर बोलते हुए टाटा के चेयरमैन एन चंद्रशेखर ने इन्वेस्टर्स समिट 2023 में उनको शामिल किये जाने का आभार प्रकट करते हुए 3 ऐसे सेक्टर्स के बारे में बताया जिनकी बदौलत उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी वाला प्रदेश बन सकता है.
1. कृषि: एन चंद्रशेखर ने कहा कि उत्तर पदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है और इस राज्य की 87% हिस्सा अत्यंत उपजाऊ है. साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा ऑयल सीड उत्पादक है. इतना ही नहीं गेहूं, गन्ना, दाल, फल एवं सब्जियों की बात करें तो यह देश का तीसरा सबसे उत्पादक है. मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके उत्तर प्रदेश कृषि के मामले में और अधिक विकास कर सकता है.
2. मैन्युफैक्चरिंग: अपने संबोधन के दौरान एन चंद्रशेखर ने बताया कि उत्तर प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग के मामले में अभी थोड़ा कमजोर है. उन्होंने बताया कि देश की कुल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश का योगदान केवल 12 प्रतिशत का है. इस सेक्टर में अपना योगदान बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेन्स और एयरोस्पेस के क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना होगा.
3. टूरिज्म: टाटा ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास ट्रेवलर्स को आकर्शित करने की बेहतरीन जगहें हैं. उन्होंने बताया कि हर साल दुनिया भर से लगभग 5 मिलियन ट्रेवलर्स उत्तर प्रदेश आते हैं. काशी, अयोध्या प्रयागराज, मथुरा, वृन्दावन जैसे पवित्र और सांस्कृतिक स्थान घरेलु के साथ साथ विदेशी ट्रेवलर्स को भी उत्तर प्रदेश की तरफ आकर्षित करती हैं. आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और ज्यादा अच्छा एक्सपीरियंस देकर उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में भी काफी बेहतर प्रदर्शन कर सक सकता है.
साथ ही एन चंद्रशेखर ने यह भी बताया की बाकी बिजनेस ग्रुप्स के साथ टाटा ग्रुप भी इंडिया के 5 ट्रिलियन डॉलर, फिर 10 ट्रिलियन डॉलर और 25 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने के सपने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है और इंडिया के साथ साथ उत्तर प्रदेश भी पहले एक ट्रिलियन, फिर 2 ट्रिलियन वाली इकॉनमी बन सकता है.
मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नमामि गंगे' प्रोजेक्ट में भी अपना योगदान देगा. इसके साथ ही रिलायंस अब उत्तर प्रदेश से और अधिक मात्रा में कृषि और गैर कृषि प्रोडक्ट्स खरीदेगा, जिससे किसानों के साथ-साथ प्रदेश के उद्योगों और MSME सेक्टर को को भी फायदा मिलेगा. रिलायंस के बायो प्रोजेक्ट्स से किसानों को लाभ होगा और रिलायंस रिटेल प्रदेश के हजारों किराना स्टोर्स को मदद पहुंचाएगा और उनकी स्थिति बेहतर करेगा.
अंबानी ने कहा कि रिलायंस अपने दो नए इनीशिएटिव्स, Jio स्कूल और Jio AI डॉक्टर को भी उत्तर प्रदेश में लांच करेगा जिससे प्रदेश में मेडिकल और एजुकेशन सुविधाओं को ज्यादा अफोर्डेबल बनाया जा सके. इससे पहले, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंदलाल गुप्ता जिन्हें प्यार से नंदी बुलाया जाता है, ने समिट में माननीय प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत से अपने संबोधन की शुरुआत की. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, 'वसुधैव कुटुम्बकम' के विचार पर आधारित है. इन्वेस्टर्स समिट 2023 में यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, इटली और जापान सहित 10 देश पार्टर देशों के रूप में हैं मौजूद हैं.
नंदी ने कहा कि एक ओर जहां अयोध्या, काशी, प्रयागराज की बदौलत विश्वभर में सनातन धर्म मानने वालों को खुशी मिल रही है, वहीं जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, डाटा सेंटर, डिफेन्स कोरिडोर, फार्म पार्क, लोजिस्टिक्स पार्क, जैसी परियोजनाओं से इंडस्ट्री इंफ्रास्ट्रक्चर इकॉनमी को नयी ऊंचाइयां मिल रही हैं. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से जहां उत्तर प्रदेश को विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे वहीं रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तीन दिन तक चलेगी जिसके लिए राज्य सरकार ने लखनऊ एयरपोर्ट के पास खाली पड़े वृन्दावन योजना के साथ डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर्स को चुना है. इस समिट में कुल 34 सेशंस होंगे और इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव जैसे यूनियन मंत्री भी शामिल होंगे. उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा इन्वेस्टमेंट आकर्षित करने के लिए इस समिट का आयोजन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस समिट से काफी उम्मीद है.
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