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पीएम मोदी ने जम्‍मू शहर को दी नायाब सौगात, पूरी तरह से बदल जाएगी तस्‍वीर 

पीएम मोदी ने आज जिस कॉमने यूजर फैसिलिटी का उद्घाटन किया है उसके बाद जम्‍मू शहर की तस्‍वीर बदल जाएगी. शहर में भीड़ काफी हद तक कम हो जाएगी. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू शहर के बाहरी इलाके में एक कॉमन यूजर फैसिलिटी सेंटर की आधारशिला रखी. इस सीयूएफ को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और अन्य कंपनियां मिलकर बना रही हैं. इस कॉमन यूजर फैसिलिटी सेंटर के बनने के बाद इस इलाके में पीएसयू ओएमसी के लिए पैदा होने वाली जगह की चुनौतियां पूरी तरह से खत्‍म हो जाएगी. इस परियोजना को 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. 

कहां बन रहा है ये CUF सेंटर 
31 मार्च 2025 तक पूरा करने के लिए निर्धारित, प्रस्तावित सीयूएफ पीओएल टर्मिनल, बजाल्टा रेलवे स्टेशन के पास परगाल्टा और कन्ना चारगल गांवों में स्थित है, जो कुल 115.41 एकड़ भूमि में फैला हुआ है. जम्मू सीयूएफ पीओएल टर्मिनल के लिए भूमि अधिग्रहण सहित अनुमानित कुल पूंजी लागत 676 करोड़ रुपये है.  यह आधुनिक सुविधा 100,000 किलोलीटर की भंडारण क्षमता के साथ पूरी तरह से स्वचालित डिपो के लिए डिज़ाइन की गई है. इसमें एमएस, एचएसडी, एसकेओ, एटीएफ, इथेनॉल, बायोडीजल और विंटर-ग्रेड एचएसडी सहित विभिन्न प्रकार के पेट्रोलियम उत्पादों का भंडारण किया जा सकेगा. टर्मिनल नवीनतम सुरक्षा मानकों और अग्निशमन सुविधाओं से युक्‍त होते हुए इसमें एक प्रशासनिक ब्लॉक, नियंत्रण कक्ष और सब-स्टेशन बना होगा. इसमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, श्रीनगर, कारगिल और लेह के प्रमुख जिलों में खुदरा दुकानों और उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पादों को कुशलतापूर्वक वितरित करने के लिए टीएलएफ गैन्ट्री भी शामिल होगी. 

इतने लोगों को मिलेगा इससे रोजगार 
इस परियोजना के बनने से लेकर निर्माण पूरा होने के बाद कई लोगों को रोजगार मिलने की उम्‍मीद है. यह परियोजना स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास में योगदान करते हुए पर्याप्त प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने के लिए तैयार है. निर्माण अवधि के दौरान लगभग पांच सौ दिनों का रोजगार पैदा होगा जबकि बनने के बाद, इससे 100 व्यक्तियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है. इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से प्रतिदिन लगभग 1500 व्यक्तियों के लिए पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है.

जम्‍मू की भीड़भाड़ से मिलेगी राहत 
 इस केन्‍द्र के बनने के बाद रोजगार के अवसरों के अलावा, जम्मू शहर में भीड़भाड़ कम होने, सड़क पर आवाजाही (प्रति माह लगभग 500 लॉरी) कम होने और लेह, कारगिल और श्रीनगर के लिए आपूर्ति के समय में कमी आने की उम्मीद है. इससे 2.4 मिलियन किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्‍मीद है. इससे समग्र स्वास्थ्य, संरक्षा, सुरक्षा और पर्यावरण (एचएसएसई) भागफल में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे सालाना में लगभग 2.4 मिलियन किलोग्राम की कमी आएगी. प्रस्तावित सीयूएफ पीओएल टर्मिनल के लिए थोक उत्पाद आपूर्ति के प्राथमिक स्रोत बीपीसी (टैंक वैगनों के माध्यम से पियाला/बीना), आईओसी (टैंक वैगनों के माध्यम से जम्मू तक प्रस्तावित पाइपलाइन विस्तार के माध्यम से पानीपत), और टैंक वैगनों के माध्यम से एचपीसी (एचएमईएल, बठिंडा) से होंगे. )

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