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Pepsico की नजर भारत के स्नैक मार्केट पर, Haldiram में हिस्सेदारी खरीदने का बनाया प्लान
अब अमेरिका की दिग्गज कंपनी पेप्सिको भी कूद गई है. अग्रवाल फैमिली 85,000-90,000 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन की उम्मीद कर रही है. इसके लिए उसकी कई कंपनियों से बात चल रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश की सबसे पुरानी स्नैक्स कंपनी हल्दीराम को खरीदने के लिए विदेशी कंपनियां बेताब हैं. 18 महीने की खोज के बाद हाल ही में सिंगापुर की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी टेमासेक ने हल्दीराम में माइनोरिटी स्टेक खरीदने के लिए टर्म पेपर साइन किए थे कि अब देसी हल्दीराम को खरीदने की लाइन में पेप्सिको का भी नाम सामने आ गया है. अग्रवाल परिवार भारत की सबसे बड़ी एथनिक स्नैक्स और सुविधाजनक खाद्य पदार्थ निर्माता कंपनी के संस्थापक हैं, जिन्होंने पिछले महीने 10-15 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर दिए हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…
माइनॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क में पेप्सिको हेडक्वार्टर के अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में माइनॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अग्रवाल परिवार के सदस्यों के साथ सीधे बातचीत शुरू की है. हालांकि, ये अभी भी एक्सप्लोरेटरी है और औपचारिक लेन-देन की ओर नहीं ले जा सकते हैं. फंडिंग का नेतृत्व भी अमेरिकी मूल कंपनी द्वारा किया जाएगा. कहा जाता है कि भारतीय यूनिट का नेतृत्व एक छोटी भूमिका निभा रहा है. अग्रवाल 85,000-90,000 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि वे पहली बार किसी बाहरी निवेशक को आकर्षित करना चाहते हैं.
हल्दीराम पर क्यों है पेप्सिको की नजर?
लेज चिप्स, कुरकुरे नमकीन स्नैक्स और डोरिटोस नाचो चिप्स बनाने वाली कंपनी पेप्सिको को घरेलू स्नैक्स बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. रीजनल प्लेयर्स तेजी से ग्राहकों के करीब पहुंच रहे हैं. हल्दीराम, बीकानेरवाला और बालाजी और लिस्टेड कंपनियों बीकाजी फूड्स, गोपाल स्नैक्स और प्रताप स्नैक्स के अलावा, एथनिक स्नैक्स बाजार बंटा हुआ है और क्षेत्रीय कंपनियों से भरा है. इनमें से अधिकांश नेशनल ब्रांडों से कम शुल्क लेते हैं और डायरेक्ट वितरण करती हैं. साथ ही मार्जिन भी अधिक देती हैं.
पेप्सिको देख रही अपना फायदा
पेप्सिको के बेवरेजेज बिजनेस में पेप्सी, माउंटेन ड्यू और 7अप कार्बोनेटेड ड्रिक, स्लाइस और ट्रॉपिकाना जूस ड्रिंक शामिल हैं. यहलगभग पूरी तरह से आरजे कॉर्प के स्वामित्व वाली लिस्टेड कंपनी वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के जरिए मैनेज किया जाता है. एक अधिकारी के अनुसार, बेवरेजेज को आउटसोर्स करने के बाद, पेप्सिको इंडिया का मुख्य ध्यान स्नैक्स पर है. नमकीन, भुजिया, चना चूर आदि जैसे पारंपरिक स्नैक्स के मामले में यह पिछड़ा हुआ है. कंपनी हल्दीराम के साथ तालमेल और ग्रोथ के अवसर देख रही है. इसका स्नैक्स और पेय पदार्थ का कारोबार भी लगभग इसी साइज का है.
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