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अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस को लुभाने के लिए ये तरीका अपना रहा पाकिस्तान!
पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था में इन्वेस्टमेंट के लिए विभिन्न रास्ते खोज रहा है और अब पकिस्तान ने यह तरीका अपनाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
साल 2022 में शुरू हुई पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की अस्थिरता खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. अपनी अर्थव्यवस्था की परेशानियों को हल करने के लिए पाकिस्तान विभिन्न तरीके तलाश रहा है. अब हाल ही में पाकिस्तान ने अपनी नई वीजा पॉलिसी से पर्दा उठाया है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय बिजनेसों को अपनी तरफ आकर्षित कर सके.
क्यों किया बदलाव?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अपनी वीजा पॉलिसी में बदलाव के द्वारा पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था में इन्वेस्टमेंट खोज रहा है. आपको बता दें कि यह फैसला SIFC (स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल) की बैठक के दौरान लिया गया था. SIFC एक विशेष सिविल-मिलिट्री संस्था है जिसे शाहबाज शरीफ की सरकार द्वारा पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के लिए स्थापित किया गया था. मौजूदा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकर ने SIFC की पांचवीं एपेक्स बैठक के दौरान इस फैसले की जानकारी दी है. जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने एक ज्यादा बेहतर वीजा पॉलिसी अपनाई है ताकि विदेशी उद्यमियों को देश में मौजूद बिजनेस के मौकों के बारे में ज्यादा बेहतर तरीके से पता चल सके.
क्या है नई वीजा पॉलिसी?
इस नई पॉलिसी के तहत विदेशी व्यापारियों को केवल उनके राष्ट्र द्वारा अथवा किसी अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी संस्था द्वारा जारी किए गए इकलौते कागजात के आधार पर वीजा प्रदान किया जाएगा. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक ने इस मौके पर बयान देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान के बिजनेस चैम्बर या फिर बिजनेस संस्थाओं द्वारा किसी विदेशी बिजनेसमैन को कोई कागजात जारी किया जाता है तो उन्हें भी आसानी से वीजा प्रदान कर दिया जाएगा. इसके साथ ही अनवर ने यह भी कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस फैसले की बदौलत आने वाले समय में पाकिस्तान, व्यापार और इकॉनमी के एक नए दौर की तरफ बढ़ेगा. पाकिस्तानी कानून मंत्री अहमद इरफान असलम ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान माना था कि चीन द्वारा CPEC (चीन पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर) में प्राप्त हुई महत्त्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट के विपरीत SIFC को लेकर पश्चिमी देशों ने कुछ निश्चित तौर पर साफ नहीं किया है. उन्होंने यह भी बताया कि चीन द्वारा की जा रही इन्वेस्टमेंट को लेकर SIFC और CPEC के पास अलग-अलग क्षेत्र मौजूद हैं.
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